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रेड लाइट ऐरिया में कोठों तक पहुंचा कोरोना का खौफ, ग्राहक घटे

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रेड लाइट ऐरिया में कोठों तक पहुंचा कोरोना का खौफ, ग्राहक घटे

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मुजरे की महफिल में खलल डाल रहा है कोरोना
-GB रोड स्थित वेश्याओं के कोठों पर 60 फीसदी गिरावट
–कोरोना के खौफ से दिल्ली के कोठों पर नहीं पहुंच रहे हैं ग्राहक
–जीबी रोड स्थित वेश्याओं के कोठों पर 60 फीसदी गिरावट
–विदेशी ग्राहकों पर लगाई पाबंदी, देशी भी काट रहे हैं कन्नी
–ग्राहक न आने से वेश्याओं के समक्ष रोजी-रोटी का संकट

खुशबू पाण्डेय
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : कोरोना वायरस का खौफ देशभर में मंडराया हुआ है। स्कूल-कालेज और सिनेमाघर बंद कर दिए गए हैं। बाजारों में भी सन्नाटा नजर आ रहा है। इसका बड़ा असर राजधानी दिल्ली के जीबी रोड स्थित रेड लाइट एरिया (Red light area)  में कोठों पर भी दिख रहा है। यहां विदेशी ग्राहकों पर पाबंदी लगा दी गई है। जबकि देशी ग्राहक कोठे पर पहुंचने से कन्नी काट रहे हैं। इसके चलते वेश्याओं के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हालात यह है कि एक सप्ताह के भीतर करीब 60 प्रतिशत काम में गिरावट आ गई है। कोठों पर ग्राहकों के ना पहुुंचने से वेश्याएं परेशान हो गई हैं।

दिल्ली के जीबी रोड स्थित रेड लाइट एरिया में वर्तमान में करीब 110 कोठे हैं। इसमें करीब 4 कोठों पर मुजरा होता है, जहां सूरज ढलने के बाद महफिल सजती है। लेकिन कोरेाना के खौफ ने महफिल में भी खलल डाल दिया है। आज कल शाम 8 बजे से रात 11 बजे तक मुजरा के लिए छूट दी गई है। इसी तरह से कुछ विदेशी मेहमानों के लिए खास कोठे बनाए गए हैं, जहां पूरी तरह से वीरानगी छायी है। कोरोना के दस्तक के बाद से ही विदेशी मेहमानों के कोठे पर एंट्री बंद कर दी गई है। लिहाजा, विदेशी मेहमानों का दिल जीतने वाली लड़कियों के लिए संकट पैदा हो गया है।

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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के चंद दूरी पर स्थित जीबी रोड स्थित रेड लाइट एरिया में 2 साल पहले तक करीब 5 हजार से अधिक लड़कियां एवं महिलाएं वेश्यावृत्ति के धंधे से जुड़ी थी।

लेकिन, कानूनी सख्ती, स्वास्थ्य एवं अन्य वजहों की वजह से धीरे धीरे यहां से लड़कियोंं की संख्या कम होने लगी। पिछले साल 2019 में इनकी संख्या घटकर करीब 3500 तक पहुंच गई। वर्तमान में 2500 से 2600 महिलाएं एवं लड़कियां इस कारोबार से जुड़ी हैं। इसमें पड़ोसी मुल्क नेपाल, भूटान, चाईनीज, बांग्लादेशी सहित देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ी लड़कियां होती हैं। इसमें हर वर्ग और भाषा से जुड़ी महिलाएं हैं, जो ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

महिलाओं के समक्ष रोटी का संकट

देशभर की वेश्याओं के हक के लिए लड़ाई लडऩे वाले सामाजिक संगठन भारतीय पतिता उद्वार सभा के अध्यक्ष खैराती लाल भोला ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से सैकड़ों लड़कियों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कोई भी सरकार एवं संस्था इनकी सुनवाई के लिए खड़ा नहीं होता है। यही कारण है कि वह बुरे हालात में गुजर बसर कर रहे हैँ। भोला की माने तो रेडलाइट एरिया में सभी महिलाओं की प्रापर स्वास्थ्य चेकिंग होनी चाहिए। महिलाओं का हेल्थ कार्ड बनना चाहिए ताकि उनपर लगातार निगरानी रखी जा सके। खैराती लाल भोला कहते हैं कि कोठों पर आने वाले प्रत्येक ग्राहकों की कोरोना चेकअप की जानी चाहिए, ताकि बीमारी सड़क से कोठों तक ना पहुंचे।

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