LOADING

Type to search

‘कैल्शियम नाइट्रेट’ और ‘बोरोनेटेड कैल्शियम नाइट्रेट’ का अब भारत में होगा उत्‍पादन

टेक्नोलॉजी

‘कैल्शियम नाइट्रेट’ और ‘बोरोनेटेड कैल्शियम नाइट्रेट’ का अब भारत में होगा उत्‍पादन

Share

—केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने जीएसएफसी के स्‍वदेशी किस्‍म को लॉन्च किया
— ‘आत्‍मनिर्भर भारत और आत्‍मनिर्भर कृषि’ की ओर एक निर्णायक कदम

नई दिल्ली / टीम डिजिटल : केन्द्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री और नौवहन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) मनसुख मंडाविया ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स-जीएसएफसी इंडिया लिमिटेड द्वारा तैयार ‘कैल्शियम नाइट्रेट’ और ‘बोरोनेटेड कैल्शियम नाइट्रेट’ की स्वदेशी किस्‍म को लॉन्च किया। ‘कैल्शियम नाइट्रेट’ और ‘बोरोनेटेड कैल्शियम नाइट्रेट’ का उत्‍पादन भारत में पहली बार किया जा रहा है। अब तक इसे दूसरे देशों से आयात किया जाता था। इस मौके पर मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान को ध्‍यान में रखते हुए, कंपनी ने “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर कृषि” की दिशा में यह निर्णायक कदम उठाया है। जीएसएफसी ने इन दोनों उत्पादों को पहली बार खुदरा बाजार में हिमाचल प्रदेश के सोलन और गुजरात के भावनगर से लॉन्च किया। वर्तमान में इन दोनों उत्पादों के लिए जीएसएफसी की कुल उत्पादन क्षमता 10,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। तीन महीने के भीतर, उत्पादन प्रति वर्ष 15000 मीट्रिक टन तक बढ़ने की उम्मीद है।

यह भी पढें...महिला वैज्ञानिकों ने मारी बाजी, मिलेगा नोबेल पुरस्कार

मंडाविया को बताया गया कि जीएसएफसी ने इसे 9 से 12 महीनों में 30,000 मीट्रिक टन तक बढ़ाने की योजना बनाई है।
देश भर के जीएसएफसी के क्षेत्रीय कार्यालयों ने भी इस डिजिटल लॉन्चिंग कार्यक्रम में भाग लिया। मंडाविया ने यह भी कहा कि ‘कैल्शियम नाइट्रेट’ और ‘बोरोनेटेड कैल्शियम नाइट्रेट’ की यह स्वदेशी किस्म आयातित सामग्री की तुलना में देश में किसान समुदाय को सस्ती दर में गुणवत्तापूर्ण उत्पाद साबित होगी। उन्होंने कहा कि लॉन्च किए गए दो उत्पाद एफसीओ ग्रेड के हैं और भारत सरकार के उर्वरक विभाग की मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला द्वारा प्रमाणित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक ये उत्पाद पूरी तरह से आयात किए जाते रहे हैं और पहली बार जीएसएफसी जैसी कंपनी ने इसके स्वदेशी उत्‍पादन के लिए पहल की है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि ये उत्पाद घरेलू बाजार में एक बड़ी सफलता होगी।

यह भी पढें...किशोरियों एवं महिलाओं का हो रहा है ऑनलाइन उत्पीडऩ… जाने केसे

पिछले साल देश में लगभग 1.25 लाख मीट्रिक टन (1,23,000 टन) कैल्शियम नाइट्रेट का आयात किया गया था। इसमें से 76 प्रतिशत चीन और बाकी देशों जैसे नॉर्वे और इज़राइल से आयात किया गया था। इस 1.25 लाख टन का कुल आयात मूल्य 225 करोड़ रुपये है। जीएसएफसी ने खुद पिछले साल 4600 मीट्रिक टन आयात करके विक्रय किया। कैल्शियम नाइट्रेट का उपयोग कृषि में पानी में घुलनशील उर्वरक के रूप में किया जाता है। इसके अलावा, इस उत्पाद का उपयोग अपशिष्ट जल उपचार में और सीमेंट कंक्रीट की मजबूती बढ़ाने के लिए भी किया जाता है।

Tags:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *