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BJP: गैर भाजपाई मुख्यमंत्री बिगाडऩा चाहते हैं लाखों छात्रों का भविष्य

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BJP: गैर भाजपाई मुख्यमंत्री बिगाडऩा चाहते हैं लाखों छात्रों का भविष्य

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–केंद्र सरकार चिंतित, विद्यार्थियों का पूर्ण शैक्षणिक वर्ष ना बर्बाद हो जाए
–भाजपा ने लगाया पंजाब सहित 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों पर गंभीर आरोप

(खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री एवं दिल्ली के सह प्रभारी तरूण चुग ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह सहित गैर भाजपा शासित सात मुख्यमंत्रियों द्वारा एनईईटी तथा जेईई की परीक्षाओं के विषय व छात्रों के साथ खिलवाड़ करने को दुखद बताया है। साथ ही कहा है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है। परीक्षा केंद्र पर किस तरह सभी सावधानियों का पालन किया जाएगा और गाइडलाइन्स को लागू किया जाएगा इसकी ट्रेनिंग सभी को दी जा रही है। चुग ने कहा कि कांग्रेस नेता झूठ बोल रहे हैं जबकि कोरोना संकट के कारण इस बार परीक्षा केंद्रों और विजिलेटर्स की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। पिछले साल कुल 2546 सेंटर्स थे, लेकिन इस बार बढ़ाकर 3842 तक पहुंच गया है। एक क्लासरूम में 25 स्टूडेंट रहते थे, लेकिन अब सिर्फ 12 बच्चों को बैठाया जाएगा। एबीएचवाईएएस ऐप बनाई है तथा अब तक 16 लाख बार ये एप्लिकेशन डाउनलोड की जा चुकी है, जबकि छात्रों ने अभी तक करीब सौ टेस्ट ऐप पर ही किए हैं। नीट से इतर जेई परीक्षाओं को लेकर इस बार छात्रों के लिए ऑड-ईवन सिस्टम लागू किया गया है। कोरोना वायरस के बीच सरकार परीक्षाओं के लिए आगे बढ़ रही है। करीब तीन घंटे में ही 17 लाख से अधिक छात्रों ने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार लाखों छात्रों की सुरक्षा के प्रति वचनबद्ध है तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक कैलेंडर वर्ष को बचाने के साथ कई उम्मीदवारों का एक वर्ष बर्बाद न हो, इसलिए प्रवेश परीक्षाओं का संचालन करना आवश्यक है। सरकार इसके लिए प्रयासरत है कि एक साल की बचत हो, भले ही सत्रों में थोड़ी देरी हो। छात्रों का करियर लंबे समय तक नहीं लटकाया जा सकता है और पूर्ण शैक्षणिक वर्ष को बर्बाद नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश 1 सितंबर 2020 से अनलॉकडाउन (अनलॉक 4.0) के चौथे चरण में प्रवेश करने वाला है, और कई गतिविधियां सुचारू रूप से चलने लगी हैं। वर्तमान वर्ष 2020-21 का अकादमिक कैलेंडर भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुआ है, क्योंकि प्रवेश परीक्षाओं की अनुपस्थिति में, इंजीनियरिंग और चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों के पहले सेमेस्टर में प्रवेश अब तक नहीं हो सके। इसने छात्रों के शैक्षणिक कैरियर पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

केंद्र ने राज्य सरकारों को लिखा पत्र, एडवाइजरी जारी

बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री तरूण चुग ने कहा कि भाजपा सरकार ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों को उचित सोशल डिस्टेंस कायम रखने के लिए क्या करना है, क्या नहीं के बारे में एडवाइजरी जारी की गई है। उम्मीदवारों की स्थानीय आवाजाही (लोजिस्टिक) को सुविधाजनक बनाने के लिए 12 अगस्त और 25 अगस्त को राज्य सरकारों को पत्र भी लिखा है, ताकि छात्र अपने परीक्षा केंद्रों पर समय पर पहुंच सकें। परीक्षा आयोजित होने वाले शहरों में उम्मीदवारों के आवाजाही की सुविधा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ साथ भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की
जाएगी।

छात्रों के सियासी रोटियां सेक रहे हैं विपक्षी मुख्यमंत्री : बीजेपी

तरूण चुग ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर कोविड-19 दिशानिर्देश के समुचित कार्यान्वयन में सिटी कोऑर्डिनेटरों को आवश्यक मदद देने के लिए संबंधित अपने जिला अधिकारियों को उपयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं। कोरोना संकट के कारण इस बार परीक्षा केंद्रों और विजिलेटर्स की संख्या में बढ़ोतरी की गई है जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह सहित गैर भाजपा मुख्यमंत्री केवल इस पर राजनीति कर रहे हैं। उन्हें देश के लाखों छात्रों के भविष्य उनकी शिक्षा, उनके लक्ष्य की चिंता नहीं है, बल्कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। जबकि देश के 17 लाख छात्रों ने अपना एडमिट कार्ड डाऊनलोड कर परिक्षाओं को परोक्ष रूप में समर्थन दे दिया है।

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