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सेना में महिला अधिकारियों को मिला स्थायी कमीशन

वूमेन स्पेशल

सेना में महिला अधिकारियों को मिला स्थायी कमीशन

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—बड़ी भूमिकाओं में महिला अधिकारियों की भागीदारी का रास्ता साफ

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन (पीसी) प्रदान करने के लिए औपचारिक सरकारी मंजूरी पत्र जारी कर दिया है और इस प्रकार संगठन में बड़ी भूमिकाओं के निर्वहन के लिए महिला अधिकारियों को अधिकार संपन्न बनाने का रास्ता प्रशस्त कर दिया है। यह आदेश जज एवं एडवोकेट जनरल (जेएजी) तथा आर्मी एजुकेशनल काप्र्स (एईसी) के वर्तमान वर्गों के अतिरिक्त भारतीय सेना के सभी दस वर्गों अर्थात आर्मी एयर डिफेंस (एएडी), सिग्नल्स, इंजीनियर्स, आर्मी ऐवियेशन, इलेक्ट्रोनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई), आर्मी सर्विस काप्र्स (एएससी), आर्मी आर्डनेंस काप्र्स (एओसी) और इंटेलीजेंट काप्र्स में शौर्ट सर्विस कमीशंड (एसएससी) महिला अधिकारियों को पीसी की मंजूरी को विनिर्दिष्ट करता है।

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प्रत्याशा में, सेना मुख्यालय ने प्रभावित महिला अधिकारियों के लिए स्थायी आयोग चयन बोर्ड के संचालन के लिए तैयारी संबंधी कार्रवाइयों की एक श्रृंखला चलाई थी। जैसे ही सभी प्रभावित एसएससी महिला अधिकारी अपने विकल्प का उपयोग करेंगी और वांछनीय दस्तावेजीकरण को पूर्ण करेंगी, चयन बोर्ड अनुसूचित हो जाएगा।
भारतीय सेना राष्ट्र की सेवा करने के लिए महिला अधिकारियों सहित सभी कार्मिकों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा कि सरकारी आदेश से सेना में बड़ी भूमिकाओं में महिला अधिकारियों की भागीदारी का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा,यह आदेश भारतीय सेना के सभी 10 अंगों में शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का निर्देश देता है। कर्नल आनंद ने कहा कि जिन दस अंगों में महिला अधिकारियों के लिये स्थायी कमीशन उपलब्ध रहेगा उनमें, सैन्य वायु रक्षा, सिग्नल, इंजीनियर, सैन्य विमानन, इलेक्ट्रॉनिक एवं मैकेनिकल इंजीनियर, सैन्य सेवा कोर और खुफिया कोर शामिल हैं।

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सेना के प्रवक्ता ने कहा जैसे ही इस आदेश से प्रभावित सभी एसएससी महिला अधिकारी इस विकल्प का इस्तेमाल करते हुए जरूरी कागजी कामकाज पूरे कर लेंगी, उनके चयन बोर्ड का निर्धारण कर दिया जाएगा। एसएससी के तहत, महिला अधिकारी पांच वर्ष की प्रारंभिक अवधि के लिये अपनी सेवाएं देती हैं, जिसे विस्तार देकर 14 वर्ष किया जा सकता है। स्थायी कमीशन के जरिये अब वे सेवानिवृत्ति की आयु तक अपनी सेवाएं दे सकेंगी।

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