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एकतरफा मोहब्बत में महिला लेक्चरर को जिंदा जलाया

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एकतरफा मोहब्बत में महिला लेक्चरर को जिंदा जलाया

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घर से कॉलेज जाते समय महिला लेक्चरर पर हुआ अटैक
–परिवार ने की त्वरित न्याय की मांग, बवाल
–मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने युवती की मौत पर शोक व्यक्त किया
–सरकार ने कहा कि मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में होगी

(प्रीति त्रिपाठी)

नागपुर/ टीम डिजिटल: हैदराबाद की महिला डाक्टर को जिंदा जलाने के बाद अब महाराष्ट के वर्धा जिले में महिला लेक्चरर (Female lecturer) को जिंदा जलाकर मार डालने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार भी हरकत में आ गई है, और मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में करने का आदेश जारी किया है।  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने युवती की मौत पर शोक व्यक्त किया और कहा कि मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में होगी। उन्होंने हिंगणघाटट के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
महाराष्ट्र के वर्धा जिले में पीछा करने वाले एक व्यक्ति द्वारा पिछले सप्ताह आग के हवाले की गई एक महिला लेक्चरर की सोमवार की सुबह नागपुर के एक अस्पताल में मौत हो गई।

वर्धा में विकेश नगराले (27) ने हिंगणघाट निवासी अंकिता पिसुड्डे (25) को तीन फरवरी को कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया था जिसके कारण वह 40 प्रतिशत तक झुलस गई थी। घटना के वक्त वह कॉलेज जा रही थी। नागपुर के ऑरेंज सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में इलाज चल रहा था। हिंगणघाट के पुलिस निरीक्षक सत्यवीर बंडीवार ने कहा, चिकित्सकों ने आज सुबह छह बजकर 55 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कुछ स्थानीय लोगों ने हिंगणघाट में एक सड़क को अवरूद्ध करने के लिए वहां पत्थर फेंके। उस वक्त एक एम्बुलेंस अंकिता का शव लेकर उनके पैतृक गांव दरोडा जा रही थी और वहां से करीब आधा किलोमीटर दूर थी। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार दिशा अधिनियम का अध्ययन करेगी और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने की कोशिश करेगी। दिशा अधिनियम आंध्र प्रदेश सरकार ने हाल ही में लागू किया है। दिशा अधिनियम के तहत यौन अपराध से जुड़ा मामला दर्ज होने के सात कामकाजी दिन के भीतर जांच पूरी होने और आरोपपत्र दाखिल होने की तारीख के 14 कामकाजी दिन में सुनवाई पूरी होने का प्रावधान है।

मृतका के पिता ने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि उनकी बेटी को जल्दी न्याय मिले और निर्भया सामूहिक बलात्कार मामले की तरह इसमें देरी नहीं हो। उन्होंने अस्पताल के बाहर संवाददाताओं से कहा,आरोपी को भी उस पीड़ा का अनुभव होना चाहिए जिससे मेरी बेटी सात दिन तक गुजरी है। हमें जितनी जल्दी संभव हो न्याय चाहिए और इसमें निर्भया मामले की तरह देरी नहीं होनी चाहिए।

अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को जारी बुलेटिन में कहा कि युवती का सिर, चेहरा, बायां हाथ, पीठ और गर्दन समेत 40 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है। श्वसन तंत्र भी प्रभावित होने के साथ उन्हें आंतरिक घाव भी आए हैं। पीडि़ता को सीसीयू में भर्ती कराया गया था। बुलेटिन के अनुसार महिला की मौत संभवत: सेप्टिमिक शॉक के कारण हुई। अस्पताल ने बताया कि सोमवार की तड़के करीब चार बजे वेंटिलेटर पर होने के बावजूद महिला के ऑक्सीजन स्तर में कमी आ गई थी।

इसके साथ ही उनका रक्तचाप भी कम हो गया था। उसने बताया कि इसके बाद उनका रक्तचाप ठीक करने के लिए दवाइयां बढ़ाई गई और ऑक्सीजन का स्तर ठीक करने के लिए भी कदम उठाए गए लेकिन उनकी स्थिति बेहद गंभीर बनी रही। अस्पताल ने कहा, सुबह लगभग साढ़े छह बजे उनकी हृदय गति कम हो गई और लगातार बचाने के प्रयास के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और सुबह छह बजकर 55 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। महिला की मौत के बाद किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियातन अस्पताल के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कुछ स्थानीय लोगों ने हिंगणघाट में एक सड़क को अवरूद्ध करने के लिए वहां पत्थर फेंके। वर्धा के पुलिस अधीक्षक बसवराज तेली ने कहा,स्थिति अब सामान्य हैं। गांव जाने वाले सारे मार्ग खुले हैं। शाम को उनका अंतिम संस्कार किया जा सकता है।

महिला के भाई को सरकारी नौकरी देगी सरकार

राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि मामला त्वरित अदालत में चलाया जाएगा और मृतका के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। देशमुख ने मुंबई में पत्रकारों को बताया कि उन्होंने मृतका के परिवार वालों से बात की है और मामले को त्वरित अदालत में चलाने का आश्वासन दिया है। साथ ही पीडि़त महिला के भाई को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। इसके बाद देशमुख ने टवीट किया, पीडि़ता को बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन हमें दुख है कि वह बच नहीं पाई। राज्य सरकार मृतका के परिवार के साथ है। मृतका के परिवार को एक सरकारी नौकरी और अन्य सहायता भी प्रदान की जाएगी। वहीं राकांपा नेता सुप्रिया सुले ने कहा, मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में की जाएगी और राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि न्याय हो।

पुरुषों की क्रूर मानसिकता के खिलाफ लड़ाई शुरू होगी : महिला मंत्री

राज्य की महिला मंत्री यशोमति ठाकुर ने पुरुषों की इस क्रूर मानसिकता के खिलाफ लड़ाई शुरू करने का आह्वान भी किया। कई स्थानीय लोगों, महिलाओं और कॉलेज छात्रों ने आरोपी को मौत की सजा देने की मांग करते हुए वर्धा में गत बृहस्पतिवार को मार्च निकाला था। राज्य सरकार ने मामले में जाने माने वकील उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया है। महिला के रिश्तेदारों के अनुसार नगराले पिछले कुछ समय से अंकिता को परेशान कर रहा था। घटना के कुछ घंटे बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने पहले बताया था कि नगराले पीडि़ता का दो साल पहले तक दोस्त था। उसके अनुचित व्यवहार के चलते अंकिता ने उससे संबंध खत्म कर लिये थे, जिसके बाद वह उसका पीछा करने लगा।

पहले से फिराक में था सिरफिरा, स्कूटी से पेट्रोल निकाला और आग लगा दी

वर्धा जिले के दरोदा गांव की रहने वाली अंकिता पिसुदे महिला कॉलेज में लेक्चरर है। वह सोमवार सुबह 7:15 बजे रोज की तरह 75 किमी दूर कॉलेज जाने के लिए बस में सवार हुई। हिंगणघाट में कॉलेज नजदीक आने पर बस से उतरी। वहां पहले से मौजूद अंकिता के ही गांव का रहने वाला विकेश नागराले (27) अपनी स्कूटी से पेट्रोल निकालकर अंकिता के पास आया। अंकिता कुछ समझ पाती, इससे पहले विकेश ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और वहां से भाग निकला।

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