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यूपी सरकार ने दी 6,675 शिक्षामित्रों को नौकरी… जाने कैसे

उत्तर प्रदेश

यूपी सरकार ने दी 6,675 शिक्षामित्रों को नौकरी… जाने कैसे

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—यूपी में प्राथमिक विद्यालयों के लिए 31,277 सहायक अध्यापक नियुक्त
—मुख्यमंत्री ने अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ

लखनऊ/टीम डिजिटल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विगत साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश की बेसिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य होते हैं। अतः बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि उनकी नीव मजबूत बन सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अपने दायित्वों का निर्वहन भलीभांति करना होगा। उन्हें बच्चों को पूरी मेहनत से पढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षकों के हाथ में देश का भविष्य है। अतः उन्हें पूरी गम्भीरता से कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने यह विचार आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में चयनित 31,277 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नौकरी देने के प्रति अत्यन्त गम्भीर है। राज्य सरकार द्वारा अब तक लगभग 03 लाख युवाओं को नौकरियां दी गई हैं।

भविष्य में 03 लाख युवाओं को नौकरियां देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज के इस नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम से इसकी शुरुआत हो गई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के बेसिक शिक्षा विद्यालयों में पढ़ने वाले 1.80 करोड़ बच्चों को अच्छी शिक्षा की आवश्यकता है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की भी आवश्यकता थी। राज्य सरकार द्वारा 69,000 शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई थी। प्रयास यह था कि इसके तहत वर्ष 2019 में ही अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें नियुक्ति दी जाए, परन्तु कुछ अड़चनों के कारण इसमें विलम्ब हुआ। उन्होंने कहा कि सभी सफल अभ्यर्थियों का चयन निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से किया गया है। इस भर्ती के माध्यम से आज 31,277 शिक्षकांे को नियुक्ति पत्र वितरण का शुभारम्भ किया गया है। उन्होंने अपेक्षा की कि सफल अभ्यर्थी परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में राज्य सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को वेटेज दिया गया और उन्हें शिक्षक बनने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि 31,277 सफल अभ्यर्थियों में से 6,675 शिक्षामित्र हैं। भर्ती में आरक्षण का पूरा ध्यान रखा गया है। चयनित सफल अध्यापकों में 15,933 अनारक्षित श्रेणी, 8,513 ओ0बी0सी0, 6,615 अनुसूचित जाति तथा 216 अनुसूचित जन जाति के अभ्यर्थी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों एवं कक्षा-कक्षों का रूपांतरण किया गया है। इसके अलावा छात्र लर्निंग आउटकम में सुधार को माॅनिटर किया जा रहा है। शिक्षकों द्वारा नवाचारी कक्षा प्रशिक्षण पर फोकस किया जा रहा है। साथ ही, शिक्षकों के अकादमिक कार्यों में समय को बढ़ाया गया है। न्यायसंगत कक्षा-कक्ष स्थापित किए गए हैं। दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों द्वारा अतिरिक्त डिजिटल शिक्षण सामग्री का उपयोग करते हुए शिक्षण को रुचिकर एवं प्रभावी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जनपद बांदा से चयनित लखन स्वरूप चन्देल, जनपद गोरखपुर से चयनित बबिता मौर्य तथा आभा चतुर्वेदी, जनपद सिद्धार्थनगर से राजकुमार यादव तथा प्रज्ञा, जनपद वाराणसी की सोनल चतुर्वेदी तथा रीशा कुमारी, जनपद शाहजहांपुर के आदिल हुसैन तथा अर्चना गंगवार तथा जनपद बरेली की निशात बेगम तथा रोहितेश गौतम से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वार्तालाप कर उनका चयन होने पर बधाई दी। उन्होंने सभी चयनित अध्यापकों से अपेक्षा की वे शासन की मंशा के अनुरूप पूरी मेहनत से बच्चों को पढ़ाएंगे, ताकि देश और प्रदेश का भविष्य उज्ज्वल बन सके।

 

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