LOADING

Type to search

अंत:विषयी ऑनलाइन शिक्षक विकास कार्यक्रम में दिग्गजों ने की शिरकत

दिल्ली

अंत:विषयी ऑनलाइन शिक्षक विकास कार्यक्रम में दिग्गजों ने की शिरकत

Share

–छह दिवसीय चला कार्यक्रम, नई शिक्षा नीति पर हुई चर्चा
—माता सुन्दरी कॉलेज फॉर वुमेन की प्रि​सिंपल हरप्रीत कौर ने की बडी पहल

नई दिल्ली/अदिति सिंह: ‘शिक्षक, शिक्षण एवं अध्यापक शिक्षा प्रक्रियाएं, सरोकार एवं सम्भावनाएँ विषय पर एक छह दिवसीय अंत:विषयी ऑनलाइन शिक्षक विकास कार्यक्रम का आयोजित किया गया। इसका आयोजन माता सुंदरी कॉलेज फॉर वुमेन और आईक्यूएसी,माता सुंदरी कॉलेज फॉर वुमेन, दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा सामाजिक विज्ञान अधिगम केंद्र (डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय,सागर,मध्य प्रदेश) के सहयोग से किया गया। इस मौके पर माता सुंदरी कॉलेज फॉर वीमेन की प्राध्यापिका प्रोफ़ेसर हरप्रीत कौर ने बताया कि कैसे यह कार्यक्रम अध्यापक शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर उस दृष्टिकोण को विकसित में सहायक होगा, जिसे नई शिक्षा नीति में प्रस्तुत करने का प्रयत्न किया गया है। मुख्य वक्ता प्रो.मोहम्मद अख्तर सिद्दीकी, आईएएसई शिक्षा संकाय ने शिक्षक, अध्यापक शिक्षा और शिक्षण से संबंधित विभिन्न परिवर्तनों पर अपनी बात रखी और उन विचारों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जोड़ते हुए समझाने का प्रयत्न किया।डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जनकदुलारी आही, एन.सी.टी.ई.-एन. आर.सी. के अध्यक्ष प्रो. बी. एल. नाटिया, की मौजूदगी ने आयोजन किया गया।

यह भी पढें…PM: महिलाओं के सशक्तिकरण का अभियान तेज गति से जारी

इस मौके पर आई क्यू ए सी के संयोजक डॉ लोकेश कुमार गुप्ता, कार्यक्रम संयोजक डॉ रवनीत कौर, डॉ आफरीन खान और शिक्षक अध्यापन केंद्र के संयोजक डॉ संजय शर्मा भी उपस्थित रहे। पिछले छह दिनों के दौरान, देश भर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और शिक्षा जगत से जुड़े बुद्धिजीवियों ने विभिन्न उप-विषयों पर प्रतिभागियों को संबोधित किया। विभिन्न उप-विषयों जैसे अध्यापक शिक्षा में सुधार, अध्यापक-शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका, डिजिटल शिक्षा, मूल्यांकन में नए प्रवृत्ति, उच्च शिक्षा में स्वायत्तता आदि की चर्चा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सन्दर्भ में की गयी। शुक्रवार को कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम आयोजकों द्वारा सम्पूर्ण कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी, कार्यक्रम के अंतिम क्षणों में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से जुड़ें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किये और आयाजकों का अभिनन्दन किया।

Tags:

You Might also Like

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *