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दिल्ली गुरुद्वारा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, गरमाई सियासत

पंजाबी न्यूज

दिल्ली गुरुद्वारा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, गरमाई सियासत

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–वार्डों का बदलेगा स्वरूप, बढ़ सकते हैं 2 से 3 लाख वोट
–सभी धार्मिक दलों ने शुरू की तैयारियां, बुलाई बैठकें
-पार्टियों ने सरकार की पहल का किया स्वागत, कमर कसी
–सरना दल ने पुराने सदस्यों को वापस पार्टी में बुलाया
–दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी चुनाव—2021

नई दिल्ली / टीम डिजिटल : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 7 महीने बाद होने जा रहे आम चुनाव की आहट के बीच सियासी पार्टियों के बीच सरगर्मी बढ़ गई है। दिल्ली सरकार द्वारा नई मतदाता सूची बनाने का काम शुरू करने और समय पर चुनाव कराने के ऐलान के बाद दिल्ली की सिख सियासत भी गरमा गई है। प्रमुख विपक्षी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली), नई धार्मिक पार्टी बनी जागो ने दिल्ली सरकार की पहल पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद किया है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने दल छोड़कर गए अपने पुराने सदस्यों व कार्यकर्ताओं को वापस पार्टी में आने का खुला आमंत्रण दिया है। साथ ही कहा है कि वर्तमान कमेटी को आजाद कराने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।

वहीं दूसरी ओर जागो पार्टी के बैनर तले पहली बार चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे पूर्व कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके ने आज पार्टी की आपात बैठक बुलाई, जिसमें संगठन को मजबूत करने के लिए दिल्ली प्रदेश ईकाई बनाने का फैसला लिया। वहीं सत्ता पक्ष पर काबिज शिरोमणि अकाली दल (बादल) ने भी अपने संगठन को विस्तार देने की मुहिम छेड़ दी है। पार्टी के अध्यक्ष हरमीत सिंंह कालका ने दिल्ली कमेटी के वार्ड नंबर 45 का आज सर्कल जत्थेदार प्रिथीपाल सिंह पाली एवं प्रीतपाल सिंह को नियुक्त कर दिया है। चुनावी मैदान में मुख्य रूप से यही पार्टियां होती हैं।

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बता दें कि आम तौर पर दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव को लेाग गंभीरता से नहीं लेते हैं। इसलिए लोगों में वोट बनाने का रुझान भी कम पाया जाता है। चूंकि आम चुनाव के लिए हर एक को सरकारी पहचान पत्र जरूरी होता है, इसलिए हर कोई मतदाता बन जाता है। लेकिन इस बार सरकार ने जो पहल की है उसके हिसाब से दिल्ली कमेटी के चुनाव में ढाई से 3 लाख नये मतदाता जुड़ जाएंगे।

वार्डों की दोबारा हदबंदी होने की पूरी उम्मीद

इस बार दिल्ली कमेटी के वार्डों की दोबारा हदबंदी होने की पूरी उम्मीद है। क्योंकि 2017 के चुनाव में लगभग 3.80 लाख मतदाता कमेटी की चुनाव वोटर लिस्ट में थे। लेकिन, बार दिल्ली गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय ने कोरोना के चलते ने सिरे से मतदाता सूची बनाने की बजाय दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 की मतदाता सूची में से सिख वोटों को छांटने का फैसला लिया है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि यह सूची पूर्ण रूप से फोटो वाली और गलती से भरपूर नहीं होगी। दिल्ली में 2020 के विधानसभा चुनाव सूची में 1.57 करोड़ मतदाता थे। इसमें से बताया जाता है कि 5 फीसदी सिख वोटर हैं। उस हिसाब से नई सूची में 7.85 लाख सिख मतदाता हो सकते हैं। इसमें जनवरी 2020 तक 18 वर्ष के हुए नये मतदाता शामिल हैं। चूंकि दिल्ली कमेटी का चुनाव 7 महीने बाद होने हैं इसलिए जनवरी 2021 तक 18 वर्ष के होने वाले नये सिख मतदाता भी सूची में शामिल हो सकते हैं। जिससे दिल्ली कमेटी के चुनावों में वार्र्डो की हदबंदी में बड़ा परिवर्तन आ सकता है।

1995 की मतदाता सूची पर होता रहा है चुनाव

बता दें कि 2017 में 9 हजार वोटों केा आधार बनाकर वार्डों की हदबंदी निर्धारित की गई थी, जिस वजह से एक वार्ड में 12 से 18 तक पोलिंग बूथ आ रहे थे। लेकिन, अब लगभग 15 हजार वोट पर हदबंदी होने की संभावना है, जिस वजह से एक वार्ड में 20 से 25 पोलिंग बूथ हो सकते हैं। इससे दिल्ली कमेटी के वार्डों का भौगोलिक नक्शा पूरी तरह से बदल जाएगा। मजेदार बात यह है कि 2017 में जिस मतदाता सूची पर मतदान हुआ था, वह 1995 की बनी हुई मतदाता सूची है, जिसमें समय-समय पर नये वोट जोड़कर गुजारा किया जाता रहा है। लेकिन, 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि 2021 के चुनाव में फोटो वाली नई मतदाता सूची के हिसाब से चुनाव होगा। लेकिन कोरोना के चलते कर्मचारी व संसाधनों की कमी का सामाना कर रही दिल्ली सरकार ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की सूची में से ही सिख वोट छंाटने का फैसला लिया है। इस वजह से वोटो का प्रचूर मात्रा में निकल कर आना संभव है।

गुरमीत शंटी ने चुनाव निदेशालय को लिखा पत्र

दिल्ली कमेटी के पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने भी सरकार की पहल का धन्यवाद किया है। साथ ही कहा कि वह हर हाल में गुरुद्वारा कमेटी चुनाव निर्धारित समय पर ही करवाना चाहते हैं। इस बावत उन्होंने एक सप्ताह पहले ही दिल्ली सरकार और गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय को एक पत्र लिखकर गुहार लगाई थी। शंटी ने सरकार से गुहार भी लगाई है कि चुनाव निष्पक्ष और फोटोयुक्त आईडी के अनुसार होने चाहिए।

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