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दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के कथित घोटालों की जांच करेगा अकाल तख्त

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दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के कथित घोटालों की जांच करेगा अकाल तख्त

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सरना ने बाला साहिब अस्पताल बेचा या नहीं, अकाल तख्त करेगा जांच
-हरी नगर स्कूल पर हित के दावे की सच्चाई भी आएगी सामने
–गुरुद्वारा कमेटी के विवादों को हल करने के लिए शुरू हुई पहल
–2013 में सरना पर लगा था साढे 300 करोड़ में अस्पताल बेचने का आरोप

नई दिल्ली /टीम डिजिटल : सात साल से बाला साहिब अस्पताल को बेचने का आरोप झेल रहे और दो चुनावों में सत्ता से बेदखल रहे दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना के दाग अब धुल सकते हैं। बाला साहिब अस्पताल सहित तीन पूर्व अध्यक्षों परमजीत सिंह सरना, अवतार सिंह हित, मंजीत सिंह जीके एवं वर्तमान अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के कार्यकाल में हुई आर्थिक अनियमितताओं की जांच होगी। मामलों की जांच अब श्री अकाल तख्त साहिब की संभावित कमेटी करेगी, जिसके बाद सच्चाई संगत के सामने आ जाएगी। यह जांच अगर कमेटी के आम चुनावों (मार्च 2021 में प्रस्तावित) से पहले हो जाएगी तो यही बाला साहिब अस्पताल सरना के लिए फिर से सत्ता की सीढ़ी बन सकती है।

इसके अलावा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में मौजूद जिन मामलों पर आज तक राजनीति होती रही है, उन मामलों की सच्चाई भी सामने आ जाएगी।

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सूत्रों के मुताबिक श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने दिल्ली कमेटी के तीन पूर्व अध्यक्षों परमजीत सिंह सरना, मंजीत सिंह जीके, अवतार सिंह हित तथा मौजूदा अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा को एक पत्र भेजा है। इसमें पांच मार्च को गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल हरीनगर के विवाद को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब पर हुई पेशी में तय हुए मामलों की जांच करवाने के लिए चारों से लिखित सहमति मांगी गई है। जांच किये जाने वाले मामलों में बाला साहिब अस्पताल को बेचने का मामला, हरी नगर स्कूल पर अवतार सिंह हित के मालिकाना दावे का मामला तथा दिल्ली कमेटी में हुए भ्रष्टाचार (मंजीत सिंह जीके के कायकाल और वर्तमान कार्यकाल) से संबंधित कई मामलों की जांच हो सकती है। इससे यह साफ हो सकता है कि दिल्ली की सिख सियासत तथा कमेटी चुनाव को प्रभावित करते रहे मुददों में कितनी सच्चाई है।

सूत्रों के मुताबिक चारों पूर्व एवं वर्तमान अध्यक्षों के द्वारा सहमति देने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के द्वारा एक जांच कमेटी बनाई जाएगी जो कि एक तय समय सीमा में सभी मामलों की जांच करेगी। इससे आगामी चुनाव से पहले कई मामलों में सच्चाई सामने आने की संभावना है। बता दें कि श्री अकाल तख्त पर पेशी के दौरान सभी कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सिरसा से वहां उलझ गए थे तथा सिरसा के आरोपों के सबूत मांग रहे थे, जिसके बाद जत्थेदार साहिब के द्वारा सारे मामलों की जांच कराने का भरोसा दिया गया था।

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सूत्रों की माने तो इस मामले में अभी तक श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से पहल नहीं की जा रही थी्र लेकिन सरना के द्वारा जत्थेदार पर बार-बार दबाव बनाया जा रहा था कि मामले की जांच जल्दी शुरू कराई जाए। जबकि जत्थेदार के द्वारा तर्क दिया जाता रहा कि कोरोना के कारण अभी आवाजाही के साधन रुके हुए गए हैं जल्द ही कमेटी बना दी जाएगी। आज श्री अकाल तख्त साहिब के द्वारा भेजे गए पत्र मिलने के बाद इन नेताओं में फिर से सियासी करंट दौड़ पड़ा है। लिहाजा, देखना होगा कि अब जांच कमेटी की जांच कितने मसले हल होकर सामने आते हैं।
बता दें कि वर्ष 2013 और वर्ष 2017 में हुए दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के आम चुनावों में बाला साहिब अस्पताल मुख्य मुद्दा रहा है। शिरोमणि अकाली दल ने इसी बाला साहिब अस्पताल के मुद्दे को घर घर पहुंचाते हुए चुनाव जीत लिया था।

सिरसा, सरना और मंजीत ने किया फैसले का स्वागत

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तीन पूर्व अध्यक्षों परमजीत सिंह सरना, अवतार सिंह हित, मंजीत सिंह जीके एवं वर्तमान अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के कार्यकाल में हुई आर्थिक अनियमितताओं की जांच होगी। जांच श्री अकाल तख्त साहिब के द्वारा बनाई जाने वाली कमेटी करेगी। लेकिन अकाल तख्त साहिब की पहल का मंजीत सिंह जीके, परमजीत सिंह सरना एवं कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्वागत किया है। तीनों नेताओं ने अकाल तख्त को पत्र भेजकर जांच के लिए सहमति जताई है। साथ ही तीनों नेताओं ने दावा किया कि जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

किस नेता पर कौन का है आरोप
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1— परमजीत सिंह सरना— बाला साहिब अस्पताल को साढे 300 करोड रुपये में बेचने का आरोप।
2— अवतार सिंह हित— हरीनगर के गुरु हरिकिशन स्कूल पर मालिकाने हक की दावेदारी
3— मंजीत सिंह जीके— गुरु की गोलक को खुर्द बुर्द करने का आरोप
4— मनजिंदर सिंह सिरसा—वित्तिय अनियमितताओं का मामला।

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