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DSGMC के पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके पर कसा और शिकंजा

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DSGMC के पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके पर कसा और शिकंजा

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–मंजीत जीके के घोटाले की जांच अब करेगी क्राइम बा्रंच
–दिल्ली पुलिस ने अदालत में पेश की स्टेटस रिपोर्ट
–केस में 5 नई धाराएं भी जोड़ी गई, बचना मुश्किल : शंटी

नई दिल्ली, (ब्यूरो) : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों की जांच अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी। अभी तक नार्थ एवेन्यू थाने की पुलिस कर रही थी, जिसपर सवाल उठ गए थे। अदालत के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने घोटालों की दोबारा जांच शुरू करने का फैसला किया है। इसको लेकर दिल्ली पुलिस ने अदालत में घोटालों से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट पेश की है। साथ ही मामले में कुछ नइ धाराएं 409, 420, 468, 471, 34 आई.पी.सी. जोड़ दिया है। यह जानकारी दिल्ली कमेटी के पूर्व महासचिव एवं कमेटी सदस्य गुरमीत सिंह शंटी ने आज पत्रकारों को दी। इस मामले में पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके, पूर्व ज्वाइंट सेके्रटरी अमरजीत सिंह पप्पू, पूर्व जीएम सुबेदार एवं दो अन्य लोग शामिल हैं। शंटी का आरोप था कि मंजीत सिंह जीके ने उक्त लोगों के साथ मिलकर वर्दी घोटाला, धार्मिक पुस्तक घोटाला एवं 51 लाख रुपये का दान घोटाले को अंजाम दिया है। ये सीधे-सीधे गुरू के गोलक की लूट है, जिसे वह वापस करवा कर ही सांस लेंगे।


शंटी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जी.के. द्वारा गुरु की गोलक के पैसों में किए गए गबन को लेकर जो लड़ाई लड़ रहे हैं, वह सफलता से अपने अंजाम की ओर जा रही है। शंटी ने कहा कि मेरा किसी को कोई निजी झगड़ा नहीं है, वह सिर्फ गोलक को गबन करने वाले दोषियों को सजा दिला कर उनकों उनके अंजाम तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने ने कहा कि इस केस की लड़ाई में उनकों कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्हें रोकने के लिए झूठे और आधारहीन केस डाले गए, लेकिन संगतों के सहयोग से इन मुश्किलों को पार किया। शंटी ने बताया कि इस केस से सबंध में आदलत में कई पेटीशन डाली थी, जिसमें सबसे अहम थी कि केस की संजीदगी को देखते हुए इस की निष्पक्ष जांच करवाने के लिए यह केस काईम ब्रांच को सौंपा जाये और इस पर बनती धाराएं जोड़ी जाएं। इस पर आदलत नेकेस की छानबीन करने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को सख्त हिदायतें दी। इसके बाद दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर आनंद मोहन की ओर से अदालत में नई धाराएं जोडऩे एवं केस की स्टेटस रिपोर्ट पेश की। शंटी ने दावा किया कि अब जो भी धाराएं जोड़ी गई हैं, उसके तहत मंजीत सिंह सहित सभी आरोपियों का बचना मुश्किल है। इस केस में कमेटी के 4 मुलाजिम भी सरकारी गवाह बनने को तेयार हो गए हैं।

जीके ने जांच क्राईम ब्रांच के पास जाने का किया स्वागत


दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने अपने खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में चलो रहें मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच के पास स्थानांतरित होने का स्वागत किया हैं। साथ ही कहा कि जांच पारदर्शी तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि वाली हो,यह मेरा शुरू से मानना रहा हैं। इससे जहां दूध का दूध तथा पानी का पानी होगा, वहीं हकीकत और झूठ के बेमेल गठबंधन का भी पर्दाफाश होगा। जीके ने कहा कि प्रगति रिपोर्ट में साफ लिखा है कि क्राईम ब्रांच अब आगे की जांच करेंगी। सार्वजनिक जीवन में होने के कारण मेरा मानना हैं कि आरोपों की सच्चाई संगत के सामने जरूर आनी चाहिए। यहां बता दें कि जांच एजेंसी बदलने के कारण मामले की सुनवाई कर रहें जज भी अब बदल जाएंगे।

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