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RPF के जाबांज को मिला वीरता के लिए मरणोपरांत PMG

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RPF के जाबांज को मिला वीरता के लिए मरणोपरांत PMG

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—वीरता के लिए पुलिस पदक (PMG) उत्तर रेलवे के कांस्टेबल (मरणोपरांत) जगबीर सिंह राणा चयनित
—2 अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (PPM)
—15 कर्मचारियों को मिला मेधावी सेवा के लिए पुलिस पदक

(खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भारतीय रेलवे के अधीन आते रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं रेलवे सुरक्षा विशेष बल (RPSF) कार्मिकों को वीरता के लिए पुलिस पदक (PMG), उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (PPM) और मेधावी सेवाओं के लिए पुलिस पदक (PM) से सम्मानित किया गया है। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गणतंत्र दिवस- 2020 के अवसर पर सम्मानित किया है। वीरता के लिए पुलिस पदक (PMG) उत्तर रेलवे के कांस्टेबल (मरणोपरांत) स्वर्गीय जगबीर सिंह राणा को चयनित किया गया है। राणा ने अपनी जान देकर तीन जिंदगियां बचाई थी। भारत सरकार, भारतीय रेलवे (Indian Railways), आरपीएफ को इस जाबांज पर नाज है।

वीरता के लिए पुलिस पदक (पीएमजी)

1- स्वर्गीय जगबीर सिंह राणा, कांस्टेबल/ उत्तर रेलवे (मरणोपरांत)

विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (पीपीएम)

1- अम्बिका नाथ मिश्रा, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त/ पूर्व रेलवे,
2- भरत सिंह मीणा, कमांडेंट, 8 बीएन/ आरपीएसएफ।

मेधावी सेवा के लिए पुलिस पदक (पीएम)

श्री युगल किशोर जोशी, डीआईजी/ आरपीएफ,
श्री अनिल कुमार शर्मा, सहायक कमांडेंट/ आरपीएसएफ,
श्री पी. पी. जॉय, सहायक सुरक्षा आयुक्त/ कोंकण रेलवे,
श्री दीप चंद्र आर्य, सहायक सुरक्षा आयुक्त/ उत्तर रेलवे,
श्री टी. चंद्रशेखर रेड्डी, निरीक्षक/ दक्षिण मध्य रेलवे,
श्री के. चक्रवर्ती, निरीक्षक/ दक्षिण मध्य रेलवे,
श्री सतीश इंगल, हेड कांस्टेबल/ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे,
श्री देव कुमार गोंड, उप-निरीक्षक/ कोंकण रेलवे,
श्री जी.एस. विजयकुमार, उप-निरीक्षक/ मध्य रेलवे,
श्री डी. बालासुब्रह्मण्यम, उप-निरीक्षक/ प्रशिक्षण केंद्र, मौला अली,
श्री महफजुल हक, इंस्पेक्टर/ 4 बीएन आरपीएसएफ,
श्री दर्शन लाल, उप-निरीक्षक/ 6 बीएन आरपीएसएफ,
श्री नेमी चंद सैनी, सहायक उप-निरीक्षक/ उत्तर पश्चिम रेलवे,
श्री आलोक कुमार चटर्जी, सहायक उप-निरीक्षक/ पूर्वी रेलवे,
श्री अशोक कुमार यादव, इंस्पेक्टर/ पश्चिम रेलवे

तीन जिंदगियां बचाते हुए शहीद हुए थे जगबीर सिंह राणा

दिल्ली के आजादपुर इलाके में रेलवे सुरक्षा बल के जवान जगबीर सिंह राणा ने तीन लोगों की जान को बचाते हुए शहीद हो गया था। यह घटना आजादपुर सिग्नल नंबर सात के पास 21 अप्रैल 2019 की रात करीब साढ़े नौ बजे की है।
रेलवे सुरक्षा बल के इस जांबाज जवान ने अपनी मौत से पहले इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश कर गया जिसकी आज हर कोई चर्चा कर रहा है।


कांस्टेबल जगबीर सिंह राणा की तैनाती सोमवार रात को आजादपुर रेलवे ट्रैक पर सिग्नल 7 के पास थी। जगबीर सिंह सुरक्षा ड्यूटी पर थे। उनकी ड्यूटी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे की थी। रात साढ़े नौ बजे के करीब दोनों तरफ से सिग्नल ग्रीन था। इस दौरान एक ट्रेन दिल्ली से अंबाला जा रही थी जबकि ठीक उसी वक्त एक दूसरी ट्रेन कालका से नई दिल्ली की तरफ आ रही थी तभी जगबीर राणा की नजर ट्रैक पार कर रहे दो-तीन बच्चों और महिलाओं पर पड़ी। जगबीर सिंह देखते ही समझ गए कि शायद उन लोगों को अम्बाला जा रही ट्रेन तो दिख रही है पर कालका शताब्दी उन्हें नजर नहीं आ रही। इसके बाद जगबीर तेजी से उनकी तरफ चिल्लाते हुए दौड़े। लेकिन उन लोगों तक ट्रेन की आवाज की वजह से जगबीर की आवाज नहीं पहुंच सकी।

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इस बीच, जगबीर दौड़ कर उन तक पहुंचे। उन्होंने बच्चों और महिलाओं के ट्रैक से दूसरी तरफ धक्का दे दिया लेकिन इससे पहले की वो खुद को बचा पाते ट्रेन की चपेट आ गए। रेलवे पुलिस बल के अधिकारियों के मुताबिक इंजन से जगबीर के कंधे पर टक्कर लगी और वो उछल कर दूर गिर गए जिसकी वजह से उनके सिर पर गंभीर चोट लग गई और उनकी मौत हो गई।
50 साल के जगबीर सोनीपत के रहने वाले थे और रेलवे पुलिस बल में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे।

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