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रेलवे में ग्रुप-सी में दोबारा भर्ती हुए कर्मचारी हटाए जाएंगे

रेल समाचार

रेलवे में ग्रुप-सी में दोबारा भर्ती हुए कर्मचारी हटाए जाएंगे

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–रेलवे बोर्ड ने जारी किया आदेश, सभी जीएम को लिखा पत्र
–सभी पदों का रिब्यू कर तत्काल खत्म की जाएं सेवाएं
–क्लर्क, एसएसई, जेई, टेक्रीशियन, फिटर, इंस्पेक्टर शामिल

(खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली / टीम डिजिटल: रेल मंत्रालय ने देशभर में रिटायर होने के बाद दोबारा नौकरी पर रखे गए कर्मचारियों (ग्रुप-सी कैटेगिरी) को हटाने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि इन कर्मचारियों की जरूरत के हिसाब से उनका रिब्यू कर तुरंत सेवाएं खत्म कर दी जाएं। इस बावत रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल महाप्रबंधकों को शुक्रवार को एक पत्र भी लिखा है। साथ ही निर्देश दिया है कि गु्रप-सी कैटेगिरी में जितने भी रि-इंगेज (पुर्न नियुक्ति) स्टाफ हैं, इसमें सुरक्षा कैटेगिरी को छोड़कर बाकी सभी पदों पर काबिज कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दें। सुरक्षा कैटेगिरी में भी अगर बहुत जरूरी हो तभी संबंधित कर्मचारी को रखें।

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सूत्रों के मुताबिक ग्रुप-सी कैटेगिरी में क्लर्क, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, टेक्नीशियन, फिटर, कार्यालय निरीक्षक, जूनियर क्लर्क, सीनियर क्लर्क, निरीक्षक, एमसीएम सहित कई पद सृजित हैं। बता दें कि रेलवे में बहुत सारे पदों पर कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद नए कर्मचारी भर्ती नहीं हो पाए हैं। इसके चलते जो कर्मचारी रिटायर होने के बाद दोबारा काम करना चाहता है उसके साथ नया अनुबंध कर पुर्न नियुक्ति कर दी जाती है। बाद में उक्त कर्मचारी अपना पुराना काम करने लगता है। मंडल एवं जोन स्तर पर पुर्न नियुक्ति पर कर्मचारियों को रखने का एक विभाग के हिसाब से पैमाना तय किया गया है।

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सूत्रों की माने तो पुर्ननियुक्ति कर्मचारियों की बड़ी संख्या रेल मंत्रालय, उत्तर रेलवे के मुख्यालय बड़ौदा हाउस सहित देशभर मंडल कार्यालयों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में है। इसमें ज्यादातर कर्मचारी सेटिँग से भी रखे जाते हैं। रेल मंत्रालय के सूत्रों की माने तो बाबू स्तर का कर्मचारी जो मलाईदार कुर्सी पर बैठा होता है, उसकी सेटिंग अधिकारियों से होती है, यही वजह है कि वह रिटायर होने के बाद भी कई साल तक अधिकारियों के आर्शीवाद से अपनी सीट पर डटा रहता है।

उसे सीट पर काबिज रहने के कारण ही नए कर्मचारियों की तैनाती उस सबंधित जगह पर नहीं हो पाती है। यह भी एक बड़ा कारण है। ऐसे कर्मचारियों की संख्या सैकड़ों में है।  सूत्रों की माने तो रेलवे बोर्ड के स्थापना विभाग ने 10 जुलाई को सभी महाप्रबंधकों को पत्र के जरिये स्पष्ट कह दिया है कि सेफ्टी में भी अगर जरूरी नहीं हो तो सभी को हटा दें। इसके पहले रेलवे बोर्ड ने 2 जुलाई को एक पत्र लिखकर करीब 50 फीसदी पक्के कर्मचारियों को रिब्यू कर उनकी सेवाएं खत्म करने का आदेश जारी किया था, हालांकि इसका कर्मचारी संगठन कड़ा विरोध कर रहे हैं।

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