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कोविड-19 : रेल मंत्रालय दूसरी बार हुआ सील, कर्मचारियों में हड़कंप

रेल समाचार

कोविड-19 : रेल मंत्रालय दूसरी बार हुआ सील, कर्मचारियों में हड़कंप

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रेल मंत्रालय में फिर कोरोना पॉजिटिव निकला कर्मचारी
–26-27 मई को बंद रहेगा मंत्रालय, 29 तक चतुर्थ तल सील
–कर्मचारी के संपर्क में आए 9 लोगों को क्वांरटाइन किया गया

नई दिल्ली /टीम डिजिटल : संसद भवन के ठीक सामने स्थित रेल मंत्रालय में सप्ताह में दूसरी बार आज फिर एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह कर्मचारी भी रेल भवन के चौथे तल पर कार्यरत था। इसको मिलाकर सिर्फ चौथे तल पर ही पांच कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। कुल 6 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। इसके खुलासे के बाद रेल मंत्रालय को अगले दो दिनों 26 एवं 27 मई तक के लिए एहतियातन सील कर दिया गया है। साथ ही चौथे तय को 29 मई तक के लिए सील किया गया है।

रेल मंत्रालय भारत सरकार का पहला ऐसा भवन है, जहां लगातार कोविड—19 संदिग्ध पाए जा रहे हैं। आज के खुलासे के बाद उक्त कर्मचारी के संपर्क में आए करीब 9 लोगों को होम क्वांरटाइन कर दिया है। साथ ही चतुर्थ तल के बाकी लोग वर्क फ्राम होम से काम करेंगे और फोन पर उपलब्ध रहेंगे। अगले दो दिनों तक रेल भवन को सेनिटाइज का काम किया जाएगा।
इससे पहले 13 मई को भी रेल मंत्रालय (रेल भवन) को सील किया गया था। यहां कोरोना का एक मामला सामने आया था, जिसके बाद कई लोगों को एक साथ क्वॉरंटीन करना पड़ा।

सूत्रों के मुताबिक आज जो कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है वह आखिरी बार रेल मंत्रालय में 19 मई तक कार्यालय में उपस्थित रहा।
रेलवे बोर्ड के कुछ अधिकारियों ने हाल ही में कोविड पॉजिटिव का परीक्षण किया है। इसके बाद 26 और 27 मई को रेल भवन में सभी कार्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया गया है, ताकि कमरे और पूरी बिल्डिंग को ठीक से सेनिटाइज किया जा सके। रेल भवन पूरी तरह से कीटाणुशोधन के लिए 29 मई, शुक्रवार तक बंद रहेगा। इस अवधि के दौरान, सभी अधिकारी एवं कर्मचारी घर से काम करेंगे और हर समय फोन और संचार के अन्य इलेक्ट्रॉनिक साधनों पर उपलब्ध होंगे।
सूत्रों के मुताबिक एमटीएस पद पर कार्यरत उक्त कर्मचारी एक दूसरे अधिकारी एवं कर्मचारियों तक फाइल लेने और देने के लिए बहुत से लोगों के संपर्क में रहा है, यही कारण है कि रेल भवन के अधिकारी और कर्मचारी दोनों भविष्य को लेकर चिंतित हैं। ये फाइलें अधिकारी से होकर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और रेल मंत्री तक जाती हैं, जिससे संक्रमण फैल सकता है।
बता दें कि रेलवे बोर्ड में सबसे पहले आरपीएफ के महानिदेशक का अर्दली कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, वह भी चतुर्थ तल पर कार्यरत है। इसके बाद लंगूर मैन, फिर जनरल ब्रंाच की महिला अधिकारी चपेट में आए।

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