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India में प्राईवेट ट्रेन चलाने के लिए 16 कंपनियां हैं तैयार

रेल समाचार

India में प्राईवेट ट्रेन चलाने के लिए 16 कंपनियां हैं तैयार

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–रेल मंत्रालय ने निजी ट्रेन दौड़ाने के लिए एक कदम और बढ़ाए
–कंपनियों ने पूछा-कौन है सबसे ज्यादा कमाई वाला रूट
–कुल 109 रूटों पर चलनी है 150 निजी ट्रेनें
-बोम्बार्डियर, टेल्गो, आईआरसीटीसी, जीएमआर, राइट्स भी शामिल

(खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने देश में प्राईवेट ट्रेन चलाने के लिए आज एक और कदम आगे बढ़ा दिए हैं। रेल मंत्रालय ने इसको लेकर आज यहां प्राईवेट ट्रेन चलाने वाली कंपनियों के साथ बातचीत की, जिसमें 16 कंपनियों ने निजी ट्रेन चलाने के लिए रुचि दिखाई। इनमें देशी और विदेशी कंपनियां शामिल हैं, जिसमें विमानन क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां भी ट्रेन चलाने में दिलचस्पी दिखाई हैं। इसके अलावा देश में हवाई अड्डों का मालिकाना और संचालन करने वाली कंपनी जीएमआर समूह (GMR GROUP), स्पेनिश रेलवे के कोच और घटक निर्माता सीएएफ, रेल पीएसयू, राइट्स, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स, मैट्रो रैक बनाने वाले कंपनी बोम्बार्डियर इंडिया (Bombardier india), टैल्गो मैकेरी, स्पाइस जेट, टाटा कंपनी, हैदराबाद स्थित मेधा समूह, आरके एसोसिएट्स और रेलवे के पर्यटन और खानपान शाखा आईआरसीटीसी (IRCTC) के लिए भी बोली लगाई है।

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इसके लिए प्रि-बिड मीटिंग आयोजित किया गया था। कुल 109 रूटों पर 150 निजी ट्रेनों के परिचालन के लिए 12 आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भारतीय रेलवे नेटवर्क पर पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के लिए निजी निवेश की पहली पहल है। इस परियोजना से लगभग 30,000 करोड़ रुपये का निजी क्षेत्र का निवेश होगा। रेल मंत्रालय का दावा है कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर चलने वाली इन ट्रेनें में सबकुछ नई तकनीक के अनुसार होगा, जो राजस्व को बढ़ावा देगी और रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगी। ये 151 ट्रेनें उन ट्रेनों के अतिरिक्त होंगी जो पहले से चल रही हैं।

कंपनियों ने भी रेलवे से पूरी परियोजना की बावत सवाल पूछे

सूत्रों के मुताबिक मीटिंग के दौरान जिन कंपनियों ने अपनी दिलचस्पी दिखाई है उनको रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने हॉले चार्ज, किस रूट पर कितना टैफिक है, एवं ट्रेनों के रखरखाव, परिचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। कंपनियों ने भी खुलकर रेलवे से पूरी परियोजना की बावत सवाल पूछे। सूत्रों के मुताबिक कंपनियों ने पूछा कि ट्रेन उन्हें लीज पर दी जाएंगी या उन्हें खरीदना होगा, इसकी क्या व्यवस्था होगी। इसके अलावा किस सीजन में किस रूट पर ज्यादा भीड़ रहती है, उसके बारे में पूछा। साथ ही ट्रेनों का कैसे होगा संचालन और रखरखाव, इसमें रेलवे कितना मदद करेगी, यह भी पूछा गया। कंपनियों के ढेरों सवाल जवाब को रेलवे अधिकारियों को लिया और इसका जवाब लिखित रूप में कंपनियों को दिया जाएगा।

दूसरा आवेदन पूर्व सम्मेलन12 अगस्त को निर्धारित

रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि परियोजना के तहत संचालित की जाने वाली गाडिय़ों को निजी कंपनियों द्वारा लीज पर खरीदा या लिया जा सकता है। रेल मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रेनों के संचालन के संबंध में जोखिम समान रूप से पार्टियों को आवंटित किए जाएंगे। 31 जुलाई तक संभावित आवेदकों से प्राप्त प्रश्नों के लिए रेल मंत्रालय लिखित उत्तर देगा। दूसरा आवेदन पूर्व सम्मेलन12 अगस्त 2020 को निर्धारित है।

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