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रेलवे के DFC प्रोजेक्ट का यूपी में विरोध, अडंगा डाल रहे हैं किसान

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रेलवे के DFC प्रोजेक्ट का यूपी में विरोध, अडंगा डाल रहे हैं किसान

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—निर्माण कार्य फौरन रोकने, उचित मुआवजे और किसान परिवारों के लिए सरकारी नौकरी की मांग
—फ्रेट कॉरिडोर का विरोध कर रहे किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
—किसानों के समर्थन में कूदीं कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी
——कानूनी तौर पर इस जमीन पर किसानों का कोई हक नहीं है प्रशासन

(राजेश सरकार)

मिर्जापुर (उप्र) :  मिर्जापुर में ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) के निर्माण का विरोध कर रहे किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और निर्माण कार्य फौरन रोकने, उचित मुआवजे और प्रभावित किसान परिवारों के लिए सरकारी नौकरी की मांग की। इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले पर सरकार को घेरते हुए उसे किसान विरोधी करार दिया है। जिला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि किसानों ने जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी यू.पी. सिंह को सौंपा। भारतीय किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामराज पटेल ने बताया कि ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गयी है कि वह किसानों की जमीन पर कॉरिडोर का निर्माण कार्य फौरन रुकवाये। उन्होंने कहा कि इसके अलावा किसानों को जमीन का उचित मुआवजा दे और इस परियोजना के लिये अपनी जमीन खोने वाले किसानों के परिवारों को सरकारी नौकरी दे।
जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के लिये ली गयी जमीन से जुड़े राजस्व के कागजात में रेलवे का नाम वर्ष 2014 में ही दर्ज हो चुका है और कानूनी तौर पर इस जमीन पर किसानों का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा, धान की फसल बोये जाने से पहले चुनार तहसील के उपजिलाधिकारी, कार्यदायी कम्पनी के अधिकारियों, रेलवे के अफसरों और किसानों के बीच बातचीत हुई थी और यह तय किया गया था कि धान की फसल कटने के बाद कम्पनी अपना काम करेगी। मगर इसके बावजूद किसानों ने उस पर गेंहू बो दिया। कम्पनी के काम में विलम्ब होने के कारण परियोजना की लागत बढ़ रही है।

इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए टवीट किया, मिर्जापुर के किसानों ने मेहनत से अपनी फसल लगायी थी और भाजपा सरकार की पुलिस ने खड़ी फसल रौंद दी। उन्होंने कहा,कल मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने किसानों के लिये खूब झूठे ऐलान किये और 24 घंटे भी नहीं बीते कि महिला किसानों के साथ सरकार का व्यवहार देखिये? किसान विरोध भरा है भाजपा के अंदर।ज्ञातव्य है कि खड़ी फसल को नजरअंदाज कर रविवार को ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम करने गये कम्पनी के कर्मचारियों को रविवार को किसानों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा था।

मौके पर पहुंचे बड़ी संख्या में किसानों ने कम्पनी की जेसीबी और पोकलैण्ड मशीनों के सामने लेट कर विरोध दर्ज कराया था। मौके पर पहुंची पुलिस और किसानों के बीच हुए टकराव में कई किसान घायल हो गये थे। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। हालांकि चुनार के उपजिलाधिकारी जंग बहादुर पटेल ने किसानों पर किसी भी प्रकार के लाठीचार्ज से इंकार किया है। उन्होंने शनिवार को किसानों को समझाया था कि वे कम्पनी को काम करने दें।

गौरतलब है कि रेलवे ने ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए अदलहाट थाना क्षेत्र के कुंडाडीह, जादवपुर, करहट, सीकिया, बरीजीवनपुर, जयरामपुर, गोरखपुर, बरईपुर आदि गांवों की जमीन का वर्ष 2009 में अधिग्रहण किया था। प्रशासन के मुताबिक किसानों को जमीन का मुआवजा वर्ष 2013-14 में दिया जा चुका है।

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