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13,523 यात्री ट्रेने चलती हैं रोज, 31 मार्च तक रहेंगी बंद

देश रेल समाचार

13,523 यात्री ट्रेने चलती हैं रोज, 31 मार्च तक रहेंगी बंद

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—रेलवे के इतिहास में अभूतपूर्व ट्रेनों को बंद किया गया
—आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए मालगाडिय़ों का परिचालन जारी रहेगा
— ट्रेनों में जिन यात्रियों ने बुकिंग की थी वह 21 जून तक पैसे रिफंड ले सकते
— रोजाना 2 करोड 25 लाख यात्री करते हैं सफर

(खुशबू पाण्डेय )
नई दिल्ली/टीम डिजिटल :  भारतीय रेलवे (Indian Railways)  ने इतिहास में पहली बार अभूतपूर्व कदम उठाते हुए 31 मार्च की अद्र्धरात्रि तक देश में सभी यात्री ट्रेनों को बंद करने का फैसला लिया है। इस दौरान शताब्दी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, दूरंतो, गतिमान, वंदेभारत, तेजस समेत सभी प्रीमियम, मेल एवं एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर गाडिय़ों की सेवाएं बंद रहेंगी। लिहाजा आज से 31 मार्च तक देशभर में यात्री ट्रेनों का सफर नहीं कर पाएंगे। इस दौरान सभी यात्री गाडिय़ों के परिचालन को पूरी तरह से रोकने की घोषणा की है। हालांकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाये रखने के लिए मालगाडिय़ों का परिचालन अनवरत जारी रहेगा। देश में भारतीय रेलवे की रोजाना 13,523 रेलगाडियां करीब 2 करोड़् 25 लाख यात्रियों को ढोती हैं।


इस बावत रेलवे बोर्ड ने सभी ज़ोनल महाप्रबंधकों को निर्देश जारी कर दिया है। साथ ही बता दिया है कि कोरोना के कारण 31 मार्च तक सभी यात्री गाडिय़ों को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा चेन्नई, दिल्ली, मुंबई आदि शहरों की उपनगरीय सेवाएं और कोलकाता मेट्रो की जो सेवाएं जिन्हें रविवार को न्यूनतम स्तर पर चलाने की घोषणा की गयी थी, वे रविवार रात 12 बजे के बाद पूर्णत: बंद हो जाएंगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार जो गाडिय़ां 22 मार्च को सुबह चार बजे से पहले रवाना हुईं हैं, उनको गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। यानी ये उनका आखिरी फेरा होगा और इसके बाद वह 31 मार्च रात 12 बजे बाद ही चलेंगी। जिन यात्रियों ने अपनी यात्रा शुरू कर दी है, उनके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं।

यात्रियों को हर प्रकार के टिकट को रद्द कराने के नियमों को ढील देते हुए रेलवे ने यह भी कहा है कि यात्री टिकट रद्द कराके 21 जून तक पूरा पैसा वापस ले सकेंगे। रेलवे ने टिकट रद्द कराने एवं रिफंड देने की समुचित व्यवस्था करेगा।
बता दें कि कोरोना संकट के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को देशवासियों से रविवार 22 मार्च को जनता कफ्र्यू की अपील की थी जिसके बाद रेलवे ने 3700 गैर उपनगरीय रेलसेवाओं और सैकड़ों की संख्या में उपनगरीय सेवाओं को रद्द करने का ऐलान किया था। बीती शनिवार रात दस बजे के बाद किसी भी यात्री गाड़ी को रवाना नहीं किया गया। इससे रात से ही देशभर के रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

रिफंड की समय सीमा 3 महीने कर दी गई

रेलवे बोर्ड ने कहा है कि मालगाडिय़ां चलती रहेंगी, ताकि देश के तमाम हिस्सों में जरूरी चीजों की आपूर्ति होती रहे और लोगों की किसी चीज की कमी ना हो। रद्द की गई ट्रेनों में जिन यात्रियों ने बुकिंग की थी वह 21 जून 2020 तक अपने पैसे रिफंड ले सकते हैं। यात्रियों को उनके टिकट के पैसे देने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं, ताकि यात्रियों को कोई तकलीफ ना उठानी पड़े। ट्रेन रद्द होने की स्थिति में काउंटरों पर रिफंड की समय सीमा मौजूदा 3 दिनों से बढ़ाकर 3 महीने कर दी गई है।

रोजाना चलती हैं 13,523 यात्री ट्रेने

देश में सबसे बडे परिवहन सेवा प्रदाता भारतीय रेलवे रोजाना लाखों यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह तक ढोता है। इसके बेडे में कुल 13,523 रेलगाडियां रोजाना दौड़ती है। इसमें महानगरों के लिए उपनगरीय सेवाओं केे रूप में 5881 ईएमयू चलाई जाती है। इसके अलावा 3695 मेल एक्सप्रेस, 3947 सामान्य पैसेंजर टेन एवं मिक्स टेन रोजाना देशभर में यात्रा करती हैं। भारतीय रेल से इस सार्वजनिक परिवहन सेवा के तहत रोजाना 2 करोड 25 लाख यात्री सफर करते हैं।
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ईएमयू- 5881
मेल एक्सप्रेस- 3695
सामान्य पैसेंजर टेन एवं मिक्स ट्रेन 3947
कुल टे्रन 13,523

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