LOADING

Type to search

देश को कमजोर बनाने वाली बुराइयां भारत छोड़ें : मोदी

देश

देश को कमजोर बनाने वाली बुराइयां भारत छोड़ें : मोदी

Share

देश को कमजोर बनाने वाली बुराइयां भारत छोड़ें : मोदी
–प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का उद्घाटन
–केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय चला रहा एक सप्ताह स्वच्छता के नाम
–36 राज्यों से आए बच्चों के साथ प्रधानमंत्री ने की बातचीत
–प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों के प्रश्नों के उत्तर दिए

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर कहा कि स्वच्छता का अभियान एक सफर है, जो निरंतर चलता रहेगा। देश को कमजोर बनाने वाली बुराइयां भारत छोड़ें, इससे अच्छा और क्या होगा। इसी सोच के साथ बीते 6 साल से देश में एक व्यापक भारत छोड़ो अभियान चल रहा है। इस मौके पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र से जुड़ी जानकारी दी। कार्यक्रम में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए बच्चों के साथ प्रधानमंत्री ने बातचीत भी की और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के ही दिन यानी 8 अगस्त, 1942 में गांधी जी की अगुवाई में आजादी के लिए एक विराट जनांदोलन शुरू हुआ था। अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा लगा था। ऐसे ऐतिहासिक दिवस पर, राजघाट के समीप, राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का लोकार्पण अपने आप में बहुत प्रासंगिक है। ये केंद्र, बापू के स्वच्छाग्रह के प्रति 130 करोड़ भारतीयों की श्रद्धांजलि है, कार्यांजलि है। मुझे संतोष है कि स्वच्छता के प्रति बापू के आग्रह को समर्पित एक आधुनिक स्मारक का नाम अब राजघाट के साथ जुड़ गया है। राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र, गांधी जी के स्वच्छाग्रह और उसके लिए समर्पित कोटि-कोटि भारतीयों के विराट संकल्प को एक जगह समेटे हुए है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि थोड़ी देर पहले जब मैं इस केंद्र के भीतर था, करोड़ों भारतीयों के प्रयासों का संकलन देखकर मैं मन ही मन उन्हें नमन कर उठा। इस केंद्र में सत्याग्रह की प्रेरणा से स्वच्छाग्रह की हमारी यात्रा को आधुनिक टेक्नॉलॉजी के माध्यम से दर्शाया गया है, दिखाया गया है। गांधी जी कहते थे कि – स्वराज सिर्फ साहसी और स्वच्छ जन ही ला सकते हैं। स्वच्छता और स्वराज के बीच के रिश्ते को लेकर गांधी जी इसलिए आश्वस्त थे, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि गंदगी अगर सबसे ज्यादा नुकसान किसी का करती है, तो वो गरीब है।


उन्होंने कहा कि मुझे संतोष है कि गांधी जी की प्रेरणा से बीते वर्षों में देश के कोने-कोने में लाखों-लाख स्वच्छाग्रहियों ने स्वच्छ भारत अभियान को अपने जीवन का लक्ष्य बना दिया है। यही कारण है कि 60 महीने में करीब-करीब 60 करोड़ भारतीय शौचालय की सुविधा से जुड़ गए। इसकी वजह से, देश की लाखों बेटियों को बिना रुके पढ़ाई का भरोसा मिला। इसकी वजह से, लाखों गरीब बच्चों को बीमारियों से बचने का उपाय मिला। इसकी वजह से देश के करोड़ों दलितों, वंचितों, पीडि़तों, शोषितों, आदिवासियों को समानता का विश्वास मिला। स्वच्छ भारत अभियान ने हर देशवासी के आत्मविश्वास और आत्मबल को बढ़ाया है, लेकिन इसका सबसे अधिक लाभ देश के गरीब के जीवन पर दिख रहा है। स्वच्छ भारत अभियान से हमारी सामाजिक चेतना, समाज के रूप में हमारे आचार-व्यवहार में भी स्थाई परिवर्तन आया है। देश के बच्चे-बच्चे में पर्सनल और सोशल हाइजिन को लेकर जो चेतना पैदा हुई है, उसका बहुत बड़ा लाभ कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में भी हमें मिल रहा है।

कोरोना महामारी 2014 से पहले आती तो क्या स्थिति होती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप जरा कल्पना कीजिए, अगर कोरोना जैसी महामारी 2014 से पहले आती तो क्या स्थिति होती। क्या तब लॉकडाउन जैसी व्यवस्थाएं संभव हो पातीं, जब भारत की 60 प्रतिशत आबादी खुले में शौच के लिए मजबूर थी? स्वच्छाग्रह ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमें बहुत बड़ा सहारा दिया है, माध्यम दिया है। उन्होंने कहा कि गरीबी- भारत छोड़ो, खुले में शौच की मजबूरी- भारत छोड़ो, पानी के दर-दर भटकने की मजबूरी- भारत छोड़ो, भारत छोड़ो के ये सभी संकल्प स्वराज से सुराज की भावना के अनुरूप ही हैं। इसी कड़ी में आज हम सभी को ‘गंदगी भारत छोड़ो का भी संकल्प दोहराना है।

स्वतंत्रता दिवस तक देश में एक सप्ताह लंबा अभियान चलाए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आइए, आज से 15 अगस्त तक यानी स्वतंत्रता दिवस तक देश में एक सप्ताह लंबा अभियान चलाएं। जैसे गंगा की निर्मलता को लेकर हमें उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं, वैसे ही देश की दूसरी नदियों को भी हमें गंदगी से मुक्त करना है। यहां पास में ही यमुना हैं। यमुना को भी गंदे नालों से मुक्त करने के अभियान को हमें तेज़ करना है। ये करते समय दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी, इस नियम को ना भूलें।

देशभर में कार्यक्रम होंगे : गजेंद्र शेखावत

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि उनके मंत्रालय का पेयजल एवं स्वच्छता विभाग देश को गंदगी मुक्त बनाने के लिए एक सप्ताह स्वच्छता के नाम कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। 9 अगस्त को प्लास्टिक कचरे का संग्रहण और अलगाव, 10 अगस्त को स्वच्छ भारत मोबाइल अकादमी का शुभारंभ, 11 अगस्त को अखिल भारतीय दीवार पेंटिंग कार्यक्रम, 12 अगस्त को गांवों में श्रमदान और पौधारोपण, 13 अगस्त को राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का वर्चुअल दौरा, ऑनलाइन पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिता, 14 अगस्त को स्वच्छता गतिविधियां और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह, गांवों में ओडीएफ प्लस की घोषणा की जाएगी।

Tags:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *