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कोरोना-19 : आंकलन करने बंगाल पहुंची केंद्रीय टीम को रोका

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कोरोना-19 : आंकलन करने बंगाल पहुंची केंद्रीय टीम को रोका

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-केंद्रीय दलों के काम में बाधा डाल रही है बंगाल सरकार
–स्थानीय प्रशासन नहीं कर रही है मदद, केंद्र नाराज
–गृह मंत्रालय ने दिया आदेश, सहयोग करे ममता सरकार
–कोविड-19 और लॉकडाउन का आंकलन करने गई है टीम
–केंद्रीय गृह सचिव ने बंगाल के गृह सचिव को लिखा पत्र

नई दिल्ली / टीम डिजिटल : केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल की सरकार को कोविड-19 से लडऩे के लिए राज्य में लॉकडाउन उपायों के कार्यान्वयन की समीक्षा और मौके पर आकलन करने संबंधी केंद्रीय टीमों के काम में बाधा न डालने का निर्देश दिया है। गृह मंत्रालय के निर्देशन में बनी अंतर मंत्रालय टीम कोलकाता और जलपाईगुड़ी दोनों ही जगहों पर दौरा करने गई है, जहां राज्य और स्थानीय अधिकारियों ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया है।

टीमों को विशेषकर कोई भी दौरा करने, स्वास्थ्य प्रोफेशनलों के साथ बातचीत करने और जमीनी स्तर की स्थिति का आकलन करने से रोका जा रहा है। पश्चिम बंगाल सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के रवैये को अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीमों (आईएमसीटी) ने गृहमंत्रालय को इसकी जानकारी दे दी है। इसके बाद मंगलवार को गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि वह गृह मंत्रालय के 19 अप्रैल 2020 के आदेश का अनुपालन करे और आईएमसीटी को सौंपी गई जिम्मेदारियों को निभाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करे, जैसा कि उन्हें पूर्वोक्त आदेश में सौंपा गया है।

इस बावत केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के गृहसचिव को पत्र लिखकर सख्त ऐतराज जताया है। साथ ही कहा कि गृहमंत्रालय को पता चला है कि कोलकाता और जलपाईगुड़ी भेजी गई केंद्रीय टीम को राज्य एवं स्थानीय प्राधिकरण को सहयोग नहीं कर रहा है।
कोलकाता पहुंची टीम को ममता सरकार सहयोग नहीं कर रही है।\इस प्रवृत्ति के जरिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेशों और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के समान रूप से बाध्यकारी दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन में बाधा डाली गई है।

महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार मदद करे

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चिन्हित चुनिंदा जिलों में व्याप्त स्थिति का मौके पर आकलन करने के बाद लॉकडाउन उपायों के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए 19 अप्रैल को पश्चिम बंगाल राज्य में दो आईएमसीटी को प्रतिनियुक्त किया था। इन टीमों में सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अधिकारी भी शामिल हैं, जिनकी विशेषज्ञता का उपयोग कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा किया जा सकता है।

कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए

इन टीमों को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 35 के तहत केंद्र सरकार को प्रदत्त अधिकार के तहत प्रतिनियुक्त किया गया है। यह केंद्र सरकार को ऐसे सभी उपाय करने के लिए अधिकृत करता है, जो आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक या समीचीन है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी 31 मार्च 2020 के अपने आदेश में यह बात रेखांकित की है कि राज्य सरकारें सार्वजनिक सुरक्षा के हित में भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों और आदेशों का ईमानदारी से अक्षरश: पालन करेंगी। इसके मद्देनजर राज्य सरकारों पर कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए एक बाध्यता लागू की गई है जिसका निश्चित तौर पर कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।

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