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UPA में मनरेगा थी लूट का अड्डा, मोदी सरकार ने बनाया पारदर्शी

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UPA में मनरेगा थी लूट का अड्डा, मोदी सरकार ने बनाया पारदर्शी

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–भाजपा ने कांग्रेस के बयान पर किया पलटवार, बोला हमला
-मीडिया में बने रहने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रही है कांग्रेस
– मोदी सरकार ने मनरेगा को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया

नईं दिल्ली / टीम डिजिटल : भारतीय जनता पार्टी ने आज यहां कहा कि जनता के दिलों में हाशिये पर चल रही कांग्रेस पार्टी को मीडिया में बने रहने के लिए सरकार पर बेबुनियाद आरोप मढऩे की आदत पड़ गई है, इसलिए बिना किसी तथ्य के किसी भी मुद्दे पर वह विवाद खड़ा करने की कोशिश करती है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और कांग्रेस नेताओं द्वारा मनरेगा को लेकर बिना मतलब के सरकार पर सवाल खड़े करना दर्शाता है कि कांग्रेस के पास जनता के सरोकार का कोई मुद्दा नहीं है।

कांग्रेस को कुछ भी बोलने से पहले आंकड़ों पर गौर फरमाना चाहिए ताकि उन्हें पता चले कि उन्होंने मनरेगा को किस तरह लूट-खसोट का पर्याय बना दिया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कांग्रेस की सोनिया-मनमोहन सरकार के समय लूट, घोटाले और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी मनरेगा योजना को प्रभावी और मजदूरों के लिए अधिक उपयुक्त बनाया है।

शाहनवाज ने कहा कि सोनिया-मनमोहन सरकार ने मनरेगा पर 10 वर्षों में लगभग पौने दो करोड़ रुपये खर्च किये थे (जिसका एक बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया) जबकि मोदी सरकार के छ: वर्षों में अब तक 3.95 लाख करोड़ रुपये आवंटित किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया गाँधी और कांग्रेस नेताओं को कुछ भी बोलने से पहले आंकड़ों पर गौर फरमाना चाहिए, ताकि उन्हें पता चले कि मनरेगा को किस तरह यूपीए कार्यकाल में लूट-खसोट का पर्याय बना दिया गया था।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यूपीए के 10 वर्षों के जमाने में मनरेगा के लिए साल की शुरुआत में मीडिया को दिखाने के लिए जो बजट आवंटित किया जाता था, उसमें भी बाद में कटौती कर ली जाती थी जबकि मोदी सरकार ने उदारता से धन जारी कर इस योजना को नया जीवन दिया है।

मनरेगा श्रमिक को अब हर कार्य दिवस में 20 रुपये ज्यादा मिलेंगे

भाजपा नेता शाहनवाज ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने कोविड-19 महामारी में मजदूरों के सामने आने वाली समस्या को देखते हुए मजदूरी को 1 अप्रैल से संशोधित कर दिया है। अब इसमें 20 रुपये प्रतिदिन की औसत राष्ट्रीय वृद्धि की गई है। इससे हर राज्य के मनरेगा श्रमिक को अब हर कार्य दिवस में 20 रुपये ज्यादा मिलेंगे। पहली बार मानसून के सीजन में भी मनरेगा के तहत मजदूरों को काम उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। साथ ही, मोदी सरकार ने मनरेगा के तहत फंड को भी तुरंत रिलीज करने का फैसला किया है। सरकार ने मनरेगा के तहत पूर्व बकाये का भुगतान भी राज्यों को कर दिया है।

केंद्र ने मजदूरों के लिए अधिक उपयुक्त बनाया

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कांग्रेस की यूपीए सरकार के समय लूट, घोटाले और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी मनरेगा योजना को प्रभावी और मजदूरों के लिए अधिक उपयुक्त बनाया है। साथ ही, इसके लिए कृषि क्षेत्र के इतर कार्यों की भी व्यवस्था की गई है। मोदी सरकार ने कांग्रेस की सोनिया-मनमोहन सरकार की तुलना में हर साल मनरेगा के लिए जहां अधिक बजट का प्रावधान किया है, वहीं मजदूरी को भी बढ़ाया है। सच्चे अर्थों में, मोदी सरकार ने मनरेगा को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया है।

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