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मिशन ‘घर वापसी’ में भारतीय रेलवे ने तेज की रफ्तार

देश रेल समाचार

मिशन ‘घर वापसी’ में भारतीय रेलवे ने तेज की रफ्तार

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– सिर्फ एक दिन में देशभर में चला दी 145 रेलगाड़ी
–यह पहला मौका था, जब श्रमिक ट्रेनों में 2 लाख का आंकड़ा पार किया
–मिशन मोड में प्रति दिन 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने को तैयार रेलवे
–1 मई से अब तक 1000 ट्रेन चलाई, 12 लाख श्रमिकों को पहुंचाया

(खुशबू पाण्डेय )
नई दिल्ली / टीम डिजिटल : भारतीय रेलवे ने लॉकडाउन के चलते देशभर में फंसे श्रमिक मजूदरों एवं अन्य लोगों केा उनकी मंजिल पर पहुंचाने के लिए वीरवार को एक दिन में ही 145 ट्रेनों का संचालन देशभर से किया। इनमें से कुछ ट्रेनें शुक्रवार को पहुंच गई, जबकि लंबी दूरी की कुछ ट्रेनें अपनी मंजिल की ओर बढ़ती रहीं। रेलवे की ओर से श्रमिकों, पर्यटकों, छात्रों के लिए 1 दिन में 4 ट्रेनों से शुरू किया सफर 145 ट्रेनों तक पहुंच गया।

भारतीय रेलवे ने इसे अपने मिशन घर वापसी को गति दी है। इसके तहत फंसे हुए लोगों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के प्रयासों के तहत एक दिन में 2 लाख से ज्यादा प्रवासियों को उनके गंतव्य पर पहुंचाकर मील का पत्थर पार किया। श्रमिक एक्सप्रेस का यह सफर एक मई से शुरू हुआ था। एक दिन में करीब 5000 यात्रियों को पहुंचाया गया था। 14 मई को 2.10 लाख से ज्यादा यात्रियों को उनके मंजिल तक पहुंचाया गया।

यह पहला मौका था, जब एक ही दिन में श्रमिक ट्रेनों में सवार यात्रियों की संख्या 2 लाख का आंकड़ा पार कर गई। अब तक इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 12 लाख से अधिक यात्री अपने गृह राज्यों में पहुंच चुके हैं। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो प्रवासियों को घर पहुंचाने के लिए अब तक 1000 से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनें परिचालित की गईं हैं। प्रति दिन 4 लाख से अधिक फंसे हुए लोगों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिए उनके गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए रेलवे मिशन मोड में प्रति दिन 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने को तैयार है।
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद रेलवे ने लॉकडाउन के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य व्यक्तियों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए यह अभियान शुरू हुआ।

ये ट्रेनें विभिन्न राज्यों तक गईं

रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक ये ट्रेनें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों तक गईं।  रेलवे द्वारा परिचालित ये श्रमिक स्पेशल ट्रेनें केवल दोनों राज्यों- यात्रियों को भेजने वाले राज्य और उनकी अगवानी करने वाले राज्य- की सहमति मिलने के बाद ही चलाई जा रही हैं। ट्रेन में सवार होने से पहले यात्रियों की उचित जांच सुनिश्चित की जाती है। साथ ही यात्रा के दौरान यात्रियों को मुफ्त भोजन और पानी दिया जाता है।

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