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DU : खालसा कालेजों में सिख कोटे के तहत में दाखिले में घोटाला

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DU : खालसा कालेजों में सिख कोटे के तहत में दाखिले में घोटाला

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—भारी संख्या में अपात्र बच्चों को दाखिला मिला
—कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह ने लगाए संगीन आरोप
—कहा—सिरसा के पत्र से दाखिला घोटाले को स्वीकृति: जीके
—खालसा कालेजों की 50 फीसदी सीटों में भारी गडबडी दाखिले में घोटाला

(अदिती सिंह )

नई दिल्ली 18 अगस्त : दिल्ली सिख गुरदवारा प्रबंधक कमेटी के खालसा कालेजों व उच्च शिक्षा संस्थानों में मौजूदा शिक्षण सत्र के दौरान सिख अल्पसंख्यक कोटे के तहत हुए दाखिलों में बड़ी गडबडी हुई है। इसके तहत भारी संख्या में अपात्र बच्चों को दाखिला कराया गया है। इसमें लाखों रुपये का खेल भी होने की संभावना जताई जा रही है। कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने आज यहां इसका खुलासा किया है।

साथ ही बताया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के 3 खालसा काॅलेजों व गुरु गोबिंद सिंह यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त कमेटी के 6 संस्थानों में इस बार सिख कोटे की लगभग आधी सीटों पर गैर साबत सूरत सिख बच्चों का दाखिला हुआ है। जीके ने दावा किया कि इन दाखिलों के एवज में कमेटी के लोगों ने मोटी रकम वसूली है, जिसकी वह पडताल कर रहे हैं।
जीके ने बताया कि कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने 16 अगस्त 2019 को कमेटी के सभी काॅलेजों व संस्थानों के प्रिंसिपलों/ निदेशकों को पत्र संख्या 11822 लिखा है। इसमें सिरसा ने माना है कि सिख अल्पसंख्यक कोटे की सीटों पर दाढ़ी व केश काटने वाले बच्चों के इस बार दाखिला लेने में कामयाब होने की शिकायतें सामने आ रहीं है। जो कि कौम के प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए ठीक चलन नहीं है। इसलिए ऐसे बच्चों पर सख्त नजर रखते हुए उन्हें नियत समय तक कक्षा में बैठने न दिया जाए, जब तक कि वो सिक्खी की मुख्यधारा में वापस नहीं आ जाते।

जीके ने कहा कि सिरसा की चिट्ठी एक तरह से दाखिला घोटाले को दबाने की नाकाम कोशिश है। क्योंकि उनके कुछ खास समर्थकों के द्वारा इस घोटाले को अंजाम देने के लिए कथित रूप से कमेटी पदाधिकारियों का संरक्षण लिया गया था। इसका खुलासा वह जल्दी करेंगे। जीके ने कहा
कि सिखों का गलत प्रमाण पत्र बनाने वाले कमेटी पदाधिकारियों व सदस्यों के खिलाफ नार्थ एवेन्यू थाने में मुकदमा दर्ज करवाना चाहिए। साथ ही कमेटी की धर्मप्रचार कमेटी काॅलेजों में जाकर अयोग्य दाखिलाधारीयों की पहचान कर उन्हें तुरंत बाहर करे।

कैसे मिलता है सिक्खी का प्रमाण पत्र

बता दें कि जीके के अध्यक्ष रहते दिल्ली यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त 4 खालसा काॅलेजों को अल्पसंख्यक सिख संस्थान का दर्जा मिला था। इसके बाद 50 फीसदी सीटें सिख बच्चों के लिए आरक्षित हो गई थी। उक्त आरक्षित सीट पर दाखिल होने की पात्रता कमेटी दफ्तर गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब से बच्चे को जारी प्रमाण पत्र से मिलती थी। पात्रता की पहली शर्त ही विधार्थी के साथ उसके माता-पिता का साबत सूरत होना तथा नाम में सिंह/कौर लिखा होना अनिवार्य है। इस प्रमाण पत्र पर कमेटी के पदाधिकारी के द्वारा पूर्ण रूप से विधार्थी के सिख होने की जांच करने के बाद ही दस्तखत किए जाते थे। इसी प्रमाण पत्र को देखकर ही काॅलेज विधार्थी के नम्बर/रैंक तथा मैरिट के आधार पर सीट आवांटित करता है।

प्रकाश पर्व संबंधी समागमों में बाधा डालना चाहते हैं जीके : कमेटी

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के प्रवक्ता सुदीप सिंह ने पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके द्वारा सिख विघार्थीयों के दाखिले में घौटाले पर जारी किये बयान को सिरे से नकारते हुए कहा है कि मनजीत सिंह जीके का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है उन्हें इलाज की आवश्यकता है। सुदीप सिंह ने कहा कि हैरानी वाली बात है कि जिस व्यक्ति को गोलक चोरी एवं गुरु घरों के साथ धोखा करने के दोष में अपनी प्रधानगी खोनी पड़ी हो आज वह सिखी की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सिखों के गुरु साहिबान के साथ ही धोखा जीे.के. ने कर दिया तो वह किस मुंह से ऐसे दावे कर रहे हैं जो कि सच्चाई से कोसों दूर हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि मनजीत सिंह जीके ने गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पुरब को समर्पित दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी द्वारा करवाये जा रहे लड़ीवार कार्यक्रमों में बाधा डालने की साजिष रची है जिस कारण वह रोजाना ऐसे ब्यान दाग रहे हैं। जब जी.के. स्वयं मान रहे हैं कि सिरसा सख्त कार्यवाई कर रहे हैं तो फिर वह झूठे और गुमराह करने वाले दोष क्यों लगा रहे हैं, यह संगत समझ रही है।
सुदीप सिंह ने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी ने जी.के. पर गोलक चोरी का पैसा वापिस वसूलने के लिए अदालती कार्यवाई करने का फैसला किया है, इस कारण जी.के. की बौखलाहट सामने आ रही है।

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