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‘शाही राजवंश और दरबारियों को भ्रम है कि विपक्ष सिर्फ एक उनका राजवंश ’

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‘शाही राजवंश और दरबारियों को भ्रम है कि विपक्ष सिर्फ एक उनका राजवंश ’

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-बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर किया ताबड़तोड़ पलटवार
-सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी का नाम लिए बगैर किया अटैक
-अपने ‘वंशज’ को लॉन्च करने का परिवार का प्रयास थोड़ा और इंतजार करेगा
-कांग्रेस पार्टी और एक राजवंश की गलती से हजारों स्क्वायर जमीन गंवा दी
-एक परिवार की गलतियों की सजा भुगत रहा देश : नड्डा

नयी दिल्ली /टीम डिजिटल: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आज यहां बुधवार को कांग्रेस पार्टी की नकारात्मक, वंशवाद, परिवारवाद एवं चीन परस्त राजनीति को लेकर जोरदार हमला बोला। साथ ही कांग्रेस का नाम न लेते हुए कहा कि एक शाही राजवंश और उनके वफादार दरबारियों को बड़ा भ्रम है कि विपक्ष यानी सिर्फ एक उनका राजवंश। वे एक ही परिवार को विपक्ष की तरह मान रहे हैं। उन्हें अकेले ही पूरा विपक्ष होने का भ्रम है। उन्होंने कहा कि एक राजवंश गलत बयानबाजी करता है और उसके वफादार उस राजवंश के झूठ और नकली कहानी को फैलाते फिरते हैं जैसे कि इस वक्त ये सरकार से सवाल पूछ रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष को सवाल पूछने का हक है। सर्वदलीय बैठक में अच्छे माहौल में बात हुई, विचार-विमर्श हुआ और कई विपक्षी नेताओं ने काफी अच्छे सुझाव भी दिए।

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा उठाये गए कदमों का भी पूरा समर्थन किया, लेकिन केवल एक परिवार अपवाद था, क्या कोई अनुमान लगा सकता है वह परिवार कौन है? जानते हैं न कौन?
नड्डा ने कहा कि एक अस्वीकृत और जनता द्वारा खारिज किया गया राजवंश पूरे विपक्ष के बराबर नहीं हो सकता। एक परिवार के हित पूरे देश के हित नहीं हो सकते हैं। आज देश एकजुट है, पूरा देश सेना के साथ खड़ा है। यह समय एकजुटता प्रदर्शित करने का वक्त है। ना जाने कितनी बार अपने ‘वंशज’ को लॉन्च करने का परिवार का प्रयास थोड़ा और इंतजार कर सकता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा कि एक राजवंश की गलती के कारण हमने हजारों स्क्वायर किलोमीटर की जमीन गंवा दी। सियाचिन का ग्लेशियर भी लगभग चला ही गया था, और भी बहुत कुछ खो दिया। इसलिए कोई आश्चर्य नहीं कि संपूर्ण राष्ट्र ने उन्हें खारिज कर दिया। नड्डा ने 2017 की एक मीडिया रिपोर्ट को भी ट्वीट के साथ शेयर किया।

रिपोर्ट में पूर्व विदेश सचिव श्याम सरण की किताब के हवाले से कहा गया है कि 2006 में सियाचिन के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान डील के करीब पुहंच गए थे। लेकिन, उस वक्त के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर एम के नारायणन ने विरोध किया था। ज्ञात हो कि वर्ष 2017 में सभी अखबारों में यह बात आई कि भारत और पाकिस्तान सियाचिन ग्लेशियर पर 1989, 1992, 2006 में सेना को हटाने पर लगभग सहमत थे। सियाचिन भी लगभग हाथ से जाने वाला था लेकिन सेना ने गांधी परिवार को ऐसा नही करने दिया। इन सभी कालखंड में राजवंश की ही सरकार थी।

नड्डा ने पाकिस्तान के मुद्दे पर 2012 में विदेश राज्य मंत्री ई. अहमद के राज्यसभा में दिए जवाब को भी शेयर किया। ई. अहमद ने कहा था कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में भारत की 78,000 स्क्वायर किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर रखा है। साथ ही, चीन ने भी 38,000 स्क्वायर किलोमीटर इलाका हथिया रखा है। स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी ने सत्ता में रहते हुए जो ऐतिहासिक भूलें की हैं, उस एक परिवार की गलतियों की सजा आज पूरा देश भुगत रहा है।

आज देश एकजुट है और हमारे सशस्त्र बल के साथ खड़ा

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि एक नकार दिया गया राजवंश कभी सम्पूर्ण विपक्ष के बराबर नहीं हो सकता। एक राजवंश के हित ही भारत के हित हों, यह असंभव है। आज देश एकजुट है और हमारे सशस्त्र बल के साथ खड़ा है। यह समय एकजुटता का है। अनगिनतवीं बार राजकुमार को लॉन्च करने का प्रयास इंतजार कर सकता है। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि एक शाही राजवंश और उनके वफादार दरबारियों को बड़ा भ्रम है कि विपक्ष यानी सिर्फ एक उनका राजवंश। एक राजपरिवार नखरे दिखाता है और उनके दरबारी उस नकली कहानी को फैलाते फिरते हैं। ताजा मामला विपक्ष के सरकार से सवाल पूछने से जुड़ा है।

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