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ज्योतिरादित्य सिंधिया हुए भाजपाई, मिला ईनाम, जाएंगे राज्यसभा

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ज्योतिरादित्य सिंधिया हुए भाजपाई, मिला ईनाम, जाएंगे राज्यसभा

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-भाजपा अध्यक्ष नड्डा की मौजूदगी में हुए बीजेपी में शामिल
–कांग्रेस को बताया जड़वंत पार्टी, कहा- जो पहले थी, वो अब नहीं
–18 साल तक रहे कांग्रेसी, लोकसभा चुनाव में मिली थी हार
–कांग्रेस पार्टी पर दागे सिलसिलेवार कई आरोप, एमपी में भ्रष्ट सरकार

(खुशबू पांडेय)

नई दिल्ली /टीम डिजिटल : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया आज भाजपाई हो गए। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की मौजूदगी में उन्होंने विधिवत रूप से भाजपा का दामन थामा। इस मौके पर नड्डा ने सिंधिया को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई और अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया। भाजपा में शामिल होने के साथ ही सिंधिया को ईनाम के रूप में मध्य प्रदेश से राज्यसभा का टिकट थमा दिया गया। भाजपा में शामिल होते ही सिंधिया ने कांग्रेस के राष्ट्रीय एवं मध्य प्रदेश के नेतृत्व पर कड़ा प्रहार किया। साथ ही कहा कि आज की कांग्रेस वास्तविकता से इंकार करती है और जड़वत हो गई है, जहां नये नेतृत्व को सही मान्यता नहीं मिल सकती है।
बता दें कि सिंधिया पिछले 18 साल से कांग्रेस में थे और वह केंद्रीय मंत्री भी रहे थे। वह पिछले कुछ समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे। उन्होंने कश्मीर से धारा-370 के हटाए जाने का खुले तौर पर समर्थन किया था,ज बकि कांग्रेस ने इसका विरोध किया था।
इस मौके पर सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह का धन्यवाद करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस आज वो पार्टी नहीं रही जो पहले थी। साथ ही, उन्होंने मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी के आरोप भी लगाए।

सिंधिया ने भावुक स्वर में कहा कि व्यक्ति के जीवन में कई बार ऐसे मौके आते है जो जीवन बदल देते हैं। उनके जीवन में दो ऐसे मौके आए। पहला मौका 30 सितंबर 2001 को आया जब मैंने अपने पिताजी को खोया। दूसरी तारीख 10 मार्च 2020, जो उनकी 75वीं वर्षगांठ थी, जहां जीवन में नई परिकल्पना और नया मोड़ का सामने करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि मैंने सदैव माना है कि हमारा लक्ष्य जनसेवा होना चाहिए। राजनीति केवल उस लक्ष्य की पूर्ति का माध्यम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके पिता और 18 वर्ष के राजनीतिक जीवन में उन्होंने प्राणपण और पूरी श्रद्वा से उसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए कांग्रेस के माध्यम से काम किया। पर आज जो स्थिति उत्पन्न हुई है, उससे मन दुखी एवं व्यथित है।

उन्होंने कहा कि मैं कह सकता हूं कि जनसेवा के लक्ष्य को अब उस संगठन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त कांग्रेस में जो स्थिति निर्मित हो गई है, उसमें वह संगठन नहीं रह गई है जो कभी थी। वास्तविकता से इंकार किया जाता है और वहां जड़ता का वातावरण पैदा हो गया है। नई सोच, नये विचार को सही मान्यता नहीं मिलना, जैसे राष्ट्रीय स्तर है, वैसे ही मध्य प्रदेश में भी हो गया है।
भाजपा नेतृत्व ने वो आधार दिया जहां से राष्ट्रसेवा और जनसेवा की जा सकती है। सिंधिया ने अपने कांग्रेस छोडऩे की तीन वजहें बताईं। पहला ये कि कांग्रेस पार्टी वास्तविकता से इंकार कर रही है। दूसरा, कांग्रेस में नए नेतृत्व को मान्यता नहीं मिल रही है और तीसरा ये कि 18 महीने में मध्य प्रदेश को लेकर जो सपने देखे थे वे पूरी तरह से बिखर गए हैं।

मध्य प्रदेश में तबादला और भ्रष्टाचार का उद्योग

सिंधिया ने मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में एक सपना हमने पिरोया था, जब वहां सरकार बनी। लेकिन 18 महीने में वो सारे सपने बिखर गए, चाहे वो किसानों की कर्जमाफी की बात हो, पिछले फसल का बोनस न मिलना हो, ओलावृष्टि से नष्ट फसल आदि का भी मुआवजा अब तक नहीं मिल पाया है। 10 दिन में किसानों की कर्जमाफी की बात कही गई लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। प्रदेश में युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं हैं। सिंधिया ने मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वर्तमान में, मध्य प्रदेश में तबादला और भ्रष्टाचार का उद्योग चल रहा है।
सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि देश के इतिहास में शायद किसी को भी इतना बड़ा जनादेश नहीं मिला जितना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को मिला है और एक बार नहीं, लगातार दो बार हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारी जनादेश मिला है। उनके अंदर कार्य करने की अद्भुत क्षमता है और उन्होंने देश का नाम पूरी दुनिया में मजबूत किया है।

सिंधिया को मुख्यधारा में रखेगी भाजपा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठतम नेता स्वर्गीय राजमाता विजयाराजे सिंधिया का स्मरण करते हुए कहा कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी, दोनों की स्थापना और पार्टी की विचारधारा को बढ़ाने में अपना अहम योगदान दिया। राजमाता हम सभी के आदर्श और दृष्टि एवं दिशा देने वाली नेता रही हैं। आज हमारे लिए खुशी की बात है कि राजमाता के पौत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। नड्डा ने कहा कि सिंधिया भाजपा की मुख्य धारा में काम करेंगे।

ज्योतिरादित्य की नेतृत्व क्षमता से सभी अवगत

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि ज्योतिरादित्य की नेतृत्व क्षमता से सभी अवगत हैं और वे भाजपा परिवार के ही सदस्य हैं क्योंकि ज्योतिरादित्य के पिता माधव राव सिंधिया ने भी अपनी राजनीति की शुरुआत भारतीय जनसंघ से ही की थी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मूलमंत्र सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के मूलमंत्र के आधार पर चलने वाली भारतीय जनता पार्टी एक लोकतांत्रिक पार्टी है जहाँ प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी बात रखने और संगठन के विकास में योगदान देने का अवसर मिलता है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पार्टी महासचिव अरूण सिंह, अनिल जैन, मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पार्टी उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्वे, वैजयंत पांडा आदि लोग मौजूद रहे।

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