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अमित शाह ने वर्चुअल रैली पर किया चुनावी शंखनाद

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अमित शाह ने वर्चुअल रैली पर किया चुनावी शंखनाद

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–मोदी सरकार की गिनाई उपलब्धियां, विपक्ष पर ली चुटकी
–परिवारवाद पर अटैक, कहा- आईने में देख लीजिए अपना चेहरा
— रैली के जरिये प्रवासियों को भी लुभाने की कोशिश

(खुशबू पाण्डेय )
नई दिल्ली / टीम डिजिटल : भारतीय जनता पार्टी ने अक्टूबर में होने जा रहे बिहार विधानसभा चुनावों के लिए आज यहां सियासी बिगुल फूंक दिया। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं गृहमंत्री अमित शाह ने राजनीति में पहली बार वर्चुअल रैली के जरिये बिहार के लोगों से जनसंवाद किया। इसके लिए दिल्ली और पटना में दोनों जगह चुनावी मंच बनाया गया था। इस दौरान अमित शाह ने बिहार की महान हस्तियों को याद करते हुए वर्तमान हालात पर पहुंचे और विपक्षी दलों पर पलटवार किया। साथ ही प्रवासियों को भी लुभाने की कोशिश की।
अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ वक्र दृष्टि वाले लोग इसे चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं और इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें मैं कहता हूं कि किसने रोका है। वो दिल्ली में बैठकर मौज करने की जगह, दिल्ली से लेकर पटना और दरभंगा की जनता को जोडऩे के लिए एक वर्चुअल रैली ही कर लेते। तेजस्वी का नाम लिए बगैर अमित शाह ने कहा, बिहार के एक नेता मजदूरों को लेकर बयान दे रहे थे, वे बताएं कि वो कहां के हैं, दिल्ली के हैं कि बिहार के हैं।

विपक्षी पार्टी आरजेडी के थाली बजाकर विरोध जताने पर अमित शाह ने कहा कि मुझे अच्छा लगा कि देर-सवेर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को उन्होंने माना। उन्हें अच्छा लगा कि विपक्ष ने थाली बजाकर कोरोना को भगाने के लिए काम किया। इस रैली का चुनाव से कोई संबंध नहीं है, ये राजनीतिक दल के गुणगान गाने की रैली नहीं है। ये रैली जनता को कोरोना के खिलाफ जंग में जोडऩे और उनके हौसले बुलंद करने के लिए है।
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि बिहार में हम लालटेन युग से एलईडी युग तक आए हैं। लूट एंड ऑर्डर से लॉ एंड ऑर्डर तक की यात्रा हमने की है। जंगल राज से जनता राज तक हम आए हैं। बाहुबल से विकास बल तक आए हैं और चारा घोटाले से डीबीटी तक की यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक तय की है। अमित शाह ने कहा कि मैं परिवारवादी लोगों को आज कहता हूं कि अपना चेहरा आईने में देख लीजिए।

नीतीश कुमार के नेतृत्व में होगा बिहार चुनाव

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज फिर संकेत दिया कि अक्टूबर में होने जा रहे विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए दो-तिहाई बहुमत से जीत दर्ज करेगी, लेकिन ये समय राजनीति का नहीं कोरोना से लडऩे का है इसलिए हमें एकजुट होकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लडऩी है। बीजेपी की शक्ति इसका संगठन है। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सेवा ही संगठन है।

बिहार ने दुनिया को लोकतंत्र का अनुभव कराया

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने बिहार जनसंवाद रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार की धरती ने ही पहली बार दुनिया को लोकतंत्र का अनुभव कराया। जहां महान मगध साम्राज्य की नींव डाली गई। इस भूमि ने हमेशा भारत का नेतृत्व किया है। देश की आजादी के बाद जब कांग्रेस पार्टी की नेता इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास किया, तब बिहार की जनता ने ही जेपी आंदोलन करके फिर से एक बार लोकतंत्र को स्थापित करने का काम किया। भारत पर जब भी संकट आया है तब-तब बिहार की भूमि भारत के लिए संकट मोचक बनी है।

कोरोना वॉरियर्स को सलाम, मरने वालों के प्रति अफसोस

गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार की वर्चुअल रैली की शुरुआत कोरोना वॉरियर्स का उत्साह बढ़ाते हुए किया। साथ ही उन करोड़ों कोरोना वॉरियर्स को सलाम किया, जो अपनी जान जोखिम में डालकर वायरस से लड़ रहे हैं। इसके अलावा कोरोना की चपेट में जो लोग आकर अपनी जान गंवा दिए, उनके प्रति संवेदना भी व्यक्त की। अमित शाह ने साफ किया कि इस वर्चुअल रैली का बिहार के चुनाव प्रचार से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में लोगों के साथ जुडऩा है।

जनता से जुडऩे को देशभर में होगी 75 वर्चुल रैली

बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कोरोना संकट में हम जन संपर्क के अपने संस्कार को भुला नहीं सकते, यही कारण है कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 75 वर्चुअल रैली के माध्यम से जनता से जुडऩे का मौका दिया है। देशभर में ऐसी 75 और वर्चुअल रैली होंगी। लिहाजा, ये राजनीतिक दल के गुणगान गाने की रैली नहीं है, ये रैली जनता को कोरोना के खिलाफ जंग में जोडऩे और उनके हौसले बुलंद करने के लिए है।

मोदी सरकार का किया गुणगान

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत का विकास जो अब तक चला उसमें पश्चिमी भारत और पूर्वी भारत के विकास में बहुत बड़ा अंतर है। आजादी के समय जीडीपी के अंदर पूर्वी भारत का योगदान बहुत ज्यादा होता था, परंतु आजादी के बाद से जिस प्रकार से सरकारें चली उन्होंने पूर्वी भारत के विकास से मुंह मोड़ लिया था और परिणाम ये आया कि पूर्वी भारत पिछड़ता गया।

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी ने छह साल के अंदर करोड़ों गरीबों के जीवन में प्रकाश लाने का एक प्रयास किया है, जिसका सबसे बड़ा फायदा अगर किसी को हुआ है तो वो मेरे पूर्वी भारत के लोगों को हुआ है। उन्होंने कहा कि आवास, बिजली, बैंक खाते, स्वास्थ्य सेवाएं, गैस सिलेंडर, शौचालय, ये सब तो मोदी सरकार 2014-2019 तक के कार्यकाल में ही दे चुकी थी। 2019 में मोदी जी ने जल शक्ति मंत्रालय गठित करके देश के 25 करोड़ लोगों के घर में नल से शुद्ध जल पहुंचाने की योजना शुरू की है।

सोशल मीडिया पर जबरदस्त रिपांस मिला

भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की बिहार जन-संवाद अभियान के तहत भारतीय राजनीति के इतिहास की आज की प्रथम वर्चुअल रैली को सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड रिस्पांस मिला है। फेसबुक पर जहां वर्चुअल रैली को 14 लाख से अधिक व्यूज मिले वहीं यूट्यूब पर इसे 1.40 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। ट्विटर पर इसे 66 हजार से अधिक व्यूज मिले। ट्विटर पर लगातार ट्रेंड करता रहा और इस हैशटैग के साथ 40 हजार से ज्यादा ट्वीट किया गया।

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