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122 सबसे प्रदूषित शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करना होगा

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122 सबसे प्रदूषित शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करना होगा

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—पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर का आहवान, तालमेल से कम करें प्रदूषण
—नीले आसमान के लिए पहले अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस मनाया
—28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों ने वायु प्रदूषण को कम करने के रोडमैप पर चर्चा की
—राज्यों को अब शहर केंद्रित योजनाओं के साथ काम करना चाहिए
— इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए
— ईंट भट्ठों को प्रदूषण कम करने के लिए जिग जैग तकनीक अपनानी चाहिए
—कार-पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए

नई दिल्ली /टीम डिजिटल : केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने नीले आसमान के लिए पहले अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार 122 सबसे प्रदूषित शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। वायु प्रदूषण की समस्या को रेखांकित करते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि 2014 में सरकार ने वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) निगरानी शुरू की थी और आज हम आठ मानकों पर प्रदूषण के स्तर पर नजर रख रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में वायु प्रदूषण के मुद्दे का जिक्र करने और 100 शहरों में वायु गुणवत्ता में समग्र सुधार के लक्ष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री खुद इस बदलाव के लिए प्रतिबद्ध हैं। जावड़ेकर ने राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो और पर्यावरण मंत्रालय के सचिव आर पी गुप्ता के साथ राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत वायु प्रदूषण को कम करने के एकीकृत उपायों पर एक विवरणिका का शुभारंभ किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में अब बीएस-VI मानकों को अपनाया गया है और गुणवत्ता वाले पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराए गए हैं, जो प्रदूषण से लड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा सड़कों और राजमार्गों का निर्माण रिकॉर्ड गति से किया जा रहा है और इसके कारण पिछले समय की तुलना में प्रदूषण कम हो रहा है। इस बात पर जोर देते हुए कि राज्यों को अब शहर केंद्रित योजनाओं के साथ काम करना चाहिए क्योंकि हर शहर में प्रदूषण के अलग-अलग स्रोत हैं, पर्यावरण मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में ईंट भट्ठों को उनमें से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए जिग जैग तकनीक अपनानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हवा को स्वच्छ करने के लिए लोगों की भागीदारी आवश्यक है। कार-पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

20 और शहरों को एनसीएपी के तहत शामिल किया गया

पिछले साल जनवरी में, पर्यावरण मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) की शुरुआत की थी, जिसमें वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए 2017 को आधार वर्ष मानते हुए प्रदूषणकारी कणों पीएम 10 और पीएम 2.5 के अनुपात को 2024 तक 20 से 30 प्रतिशत तक घटाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना में 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 102 शहरों की पहचान हुई थी। वायु गुणवत्ता पर नवीनतम डेटा ट्रेंड के आधार पर 20 और शहरों को एनसीएपी के तहत शामिल किया गया है।

नीले आसमान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर जुटे सभी राज्य

नीले आसमान के लिए प्रथम अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित इस वेबिनार में 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के शहरी विकास विभाग और पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिवों ने हिस्सा लिया। एनसीएपी कार्यक्रम में चुने गए 122 शहरों के आयुक्तों ने भी इसमें भाग लिया और अपने अनुभवों और विशिष्ट प्रक्रियाओं को सामने रखा। 19 दिसंबर 2019 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2020 से हर साल 7 सितंबर को नीले आसमान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस मनाने का एक मसौदा स्वीकार किया था।

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