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भारी हंगामे के बीच राज्‍यसभा से पास हुए कृषि बिल

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भारी हंगामे के बीच राज्‍यसभा से पास हुए कृषि बिल

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—TMC बोली- लोकतंत्र की हत्‍या हो गई, कांग्रेस ने पीएम मोदी को कहा- बाहुबली

नई दिल्ली /टीम डिजिटल : विपक्षी सांसदों के जोरदार हंगामे के बीच राज्‍यसभा ने भी कृषि विधेयकों को पारित कर दिया है। कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 तथा कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी मिली है। ध्‍वनिमत से पारित होने से पहले इन विधेयकों पर सदन में खूब हंगामा हुआ। नारेबाजी करते हुए सांसद वेल तक पहुंच गए। कोविड-19 के खतरे को भुलाते हुए धक्‍का-मुक्‍की भी हुई। विपक्ष ने इसे ‘काला दिन’ बताया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि यह ‘लोकतंत्र की हत्‍या’ है।
जब उपसभापति हरिवंश ने विधेयकों पर ध्‍वन‍िमत से वोटिंग के लिए कहा तो विपक्षी सांसद हंगामा करने लगे। वे इन विधेयकों को प्रवर समिति (सिलेक्‍ट कमिटी) में भेजे जाने के प्रस्‍ताव पर मतविभाजन की मांग कर रहे थे। तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्य आसन के बिल्कुल पास पहुंच गए।

हंगामा इतना ज्‍यादा हुआ कि मार्शल को हस्‍तक्षेप करना पड़ा। विपक्षी सदस्‍यों ने विधेयक के टुकड़े हवा में उछाल दिए। यहां तक कि उपसभापति के सामने लगा माइक भी तोड़ दिया गया। कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही को रोकना पड़ा। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। राज्‍यसभा में हंगामे के बीच बिल पास होने को लेकर विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि “बाहुबली मोदी सरकार ने जबरन किसान बिल को पास कराया है। इससे ज्यादा काला दिन कुछ हो नहीं सकता। देश का किसान मोदी सरकार को कभी माफ नहीं करेगा।” वहीं डेरेक ओ’ ब्रायन ने कहा क‍ि “उन्‍होंने (सरकार) धोखेबाजी की। उन्‍होंने संसद में हर नियम तोड़ा। यह ऐतिहासिक दिन था, सबसे बुरे लिहाज से। उन्‍होंने राज्‍यसभा टीवी की फीड काट दी ताकि देश देख न सके। उन्‍होंने राज्यसभा टीवी को सेंसर कर दिया। हमारे पास सबूत हैं। उन्‍होंने राज्‍यसभा से बाहर निकलते ही ट्विटर पर वीडियो पोस्‍ट किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष का रवैया कृषि सुधार से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान शर्मनाक है । किसानों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही हैंं । इन नए विधायकों के लागू होने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इसके लागू होने से ना एपीएमसी खत्म होगा और ना ही एमएसपी की व्यवस्था खत्म होगी। विपक्ष का रुख संसद की मर्यादा के खिलाफ था। आज संसदीय गरिमा को गहरी चोट पहुंची है। मैं भारत के किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी भी तरह से देश में एमएसपी की व्यवस्था और एपीएमसी की व्यवस्था खत्म नहीं होगी।

बीजेपी की सांसद रूपा गांगुली ने कहा कि इन दोनों बिलों में किसानों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं है. पश्चिम बंगाल के लोग इसका बदला लेंगे। आप इन बिलों को पढ़िए, आप पाएंगे कि इसमें कुछ भी किसान विरोधी नहीं है।लोकतंत्र की हत्या तो पश्चिम बंगाल में हो रही है जहां हर रोज दो लोग मारे जाते हैं। इन कानूनों के जरिए देश में दलाल राज खत्म हो जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में कृषि संबंधित विधेयकों के पारित होने को भारतीय कृषि के इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए किसानों को बधाई दी है। इस सबंध में कई ट्वीट करते हुए प्रधान मंत्री ने कहा, भारतीय कृषि के इतिहास का यह एक महत्वपूर्ण क्षण है। संसद में कृषि संबंधित विधेयकों के पारित होने पर हमारे मेहनती किसानों को बधाई! इससे न केवल कृषि क्षेत्र का कायाकल्प होगा बल्कि करोड़ों किसानों का सशक्तिकरण भी सुनिश्चित होगा। “दशकों से भारतीय किसान कई तरह की कठिनाइयों का सामना करने के लिए विवश रहे और बिचौलियों के हाथों परेशान होते रहे। संसद द्वारा पारित विधेयक किसानों को ऐसी विपत्तियों से मुक्त कराएंगे। ये विधेयक किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों में तेजी लाएंगे और उनके लिए अधिक समृद्धि सुनिश्चित करेंगे।
“हमारे कृषि क्षेत्र में ऐसे नवीनतम तकनीक की सख्त जरूरत है जो मेहनती किसानों की सहायता कर सके। इन विधेयकों के पारित होने के साथ ही हमारे किसानों के लिए भविष्य की आधुनिक तकनीक तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा जिसके बेहतर परिणाम होंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है। मैं पहले भी कह चुका हूं और आज फिर से कह रहा हूं,“न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था रहेगी। सरकारी खरीद जारी रहेगी। हम यहां अपने किसानों की सेवा के लिए हैं। हम उनकी मदद करने और उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

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