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नेस्ले इंडिया सहित 70 कंपनियों को झटका, CAPF कंटीनों में नहीं बिकेगा प्रोडक्ट

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नेस्ले इंडिया सहित 70 कंपनियों को झटका, CAPF कंटीनों में नहीं बिकेगा प्रोडक्ट

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-केंद्रीय पुलिस बलों की कैंटीनों में गैर-स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री बैन
-70 से अधिक कंपनियों की 1,026 वस्तुओं की बिक्री बंद करने का आदेश
–10 लाख कर्मियों के 50 लाख परिजनों के लिए बेचा जाता है सामान

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की कैंटीनों में गैर-स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री रोकने से संबंधित सूची को सार्वजनिक करने के कुछ घंटे बाद ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस पर रोक लगा दी है। साथ ही कहा है कि कुछ खामियां हैं और नयी सूची जल्द जारी की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 13 मई को घोषणा की थी कि घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयास के तहत देशभर में सीएपीएफ की 1,700 से अधिक कैंटीनों में एक जून से केवल स्वदेशी उत्पादों की बिक्री ही होगी। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय के एक अधिकारी ने नए आदेश में कहा कि गृह मंत्रालय ने केंद्रीय पुलिस कल्याण बोर्ड से आज दिन में पूर्व में जारी सूची को स्थगित रखने को कहा है, जिसमें सीएपीएफ की कैंटीनों में 70 से अधिक कंपनियों की 1,026 वस्तुओं की बिक्री बंद करने को कहा गया था। अधिकारी ने कहा कि नयी सूची जल्द जारी की जाएगी।

इस संबंध में एक अन्य अधिकारी ने कहा कि आज पूर्व में जारी की गई सूची में ऐसी कई वस्तुओं के भी नाम थे जो भारत निॢमत उत्पाद हैं, इसलिए इस सूची पर रोक लगानी पड़ी। सूची पर रोक लगाने से कुछ घंटे पहले जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया था कि सीएपीएफ की कैंटीनों में एक जून से डाबर, वीआईपी इंडस्ट्रीज, यूरेका फोब्र्स, जकुआर, एचयूएल (फूड्स), नेस्ले इंडिया जैसी कंपनियों के एक हजार से अधिक उत्पाद नहीं बेचे जाएंगे, क्योंकि ये उत्पाद स्वदेशी नहीं हैं या फिर पूरी तरह आयातित चीजों से बने हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील किए जाने के बाद सीएपीएफ की कैंटीनों में ‘भारत निॢमत उत्पाद बेचने का निर्णय किया गया था।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ), सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) आते हैं जिनकी कैंटीनों का सालाना तौर पर 2,800 करोड़ रुपये का अनुमानित कारोबार है। आंतरिक सुरक्षा से लेकर सीमा की सुरक्षा तक का दायित्व निभाने वाले इन बलों के लगभग 10 लाख कर्मियों के 50 लाख परिजनों के लिए इन कैंटीनों में सामान बेचा जाता है।

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