Friday, 16 November 2018
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दिल्ली: 312 कालोनियों में संपत्ति की बिक्री को अनुमति

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने गुरुवार को 312 अवैध कालोनियों के खरीद और बिक्री को तत्काल प्रभाव से अनुमति देने का फैसला किया जो निजी जमीन पर बनी हैं और जिसे पिछले साल सितंबर में नियमित किया गया था।

शहरी विकास मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि सरकार ने 312 नियमित की गई कालोनियों में निजी खसरा जमीन पर संपत्तियों के खरीद और बिक्री को अपनी अनुमति दे दिया। पिछले साल नियमित की गई 895 कालोनियों में से 312 निजी जमीन पर हैं जबकि बची हुई कालोनियां सरकारी जमीन पर बनी हैं। खरीद और बिक्री की अनुमति दिये जाने के फैसले से इन इलाकों में रहे लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है जबकि सरकार ने इससे पहले इस पर रोक लगा रखी थी।

लवली ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 312 कालोनियों में संपत्तियों के बिक्री और खरीद की अनुमति मामले में अपना वादा पूरा किया है। इस अनुमति को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस बीच अधिकारियों ने कहा है कि सरकार के इस फैसले से इन इलाकों में संपत्ति के दाम में तेजी आएगी।

छिन सकती है नीरज कुमार की कुर्सी


नई दिल्ली : दिल्ली में पांच वर्षीया लड़की के साथ हुए बलात्कार की घटना से लोग जहां सड़कों पर उतर आए हैं और दिल्ली पुलिस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, शनिवार को सरकार की तरफ से भी संकेत दिया गया कि वह मामले में दिल्ली पुलिस के रवैये से खुश नहीं हैं।

सूत्रों ने बताया कि मामले में दिल्ली पुलिस का जो रवैया रहा है, उससे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे नाराज हैं।

सूत्रों ने बताया कि सरकार कुछ घंटों में बडा़ फैसला कर सकती है और दिल्ली पुलिस के बड़े अफसरों पर गाज गिर सकती है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार की कुर्सी छीनी जा सकती है।

इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने बयान में कहा कि पांच साल की ‘गुड़िया’ के साथ दरिंदगी से पेश आने वाले लोगों के पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में सिर्फ बात नहीं बल्कि कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।

शिंदे ने संकेत दिए कि दिल्ली पुलिस के शीर्ष स्तर में फेरबदल किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों के उनके घर में घुसने और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हुई घटना सहित हाल की गतिविधियों के परिप्रेक्ष्य में यह फैसला लिया जा सकता है ।

राष्ट्रपति भवन में संवाददाताओं से बात करते हुए शिंदे ने कहा कि हाल की घटनाओं पर वह नजर रखे हुए हैं और कार्रवाई हो सकती है।

यह पूछने पर कि दिल्ली पुलिस के आयुक्त नीरज कुमार को हटाने की खबर क्या सच है तो शिंदे ने कहा, ‘हाल की दो घटनाओं -योजना आयोग में ममता बनर्जी के साथ की घटना और कुछ लोगों के मेरे घर में घुसने की घटना के जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

बहरहाल उन्होंने यह नहीं बताया कि कार्रवाई किस पर होगी और कहा कि वह जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा करेंगे ।

बहरहाल दिल्ली के लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर खन्ना ने कहा कि राजधानी में सभी लापता बच्चों के मामलों को अपहरण का मामला माना जाएगा।

 

बच्ची बलात्कार मामला: राष्ट्रपति आहत और व्यथित

 नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में पांच साल की बच्ची से बलात्कार की घटना को लेकर आहत और व्यथित राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगातार समाज के असफल रहने के कारणों की पहचान करने के लिए तत्काल आत्मविश्लेषण का आह्वान किया। मुखर्जी ने गुनहगारों को जल्द न्याय के कठघरे में लाने के लिए तत्काल कदम उठाने का भी आह्वान किया। राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता वेणु राजामणि ने राष्ट्रपति के हवाले से कहा, ‘‘मैं दिल्ली में पांच वर्ष की बच्ची के यौन उत्पीड़न और बलात्कार की हाल की घटना से बहुत ही आहत और व्यथित हूं। मैं उसके जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करने में उसके परिवार के साथ हूं तथा मैं संबंधित अधिकारियों का आह्वान करता हूं कि वे उसकी सर्वश्रेष्ठ चिकित्सकीय देखभाल सुनिश्चित करें।’’ राष्ट्रपति ने गुनहगारों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील करते हुए कहा, ‘‘एक समाज के रूप में हमें मूल्यों के क्षरण और महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगातार असफलता को लेकर आत्मविश्लेषण करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें कारणों की पहचान करनी चाहिए और उसका हल निकाला चाहिए।’’ उन्होंने लोगों से कहा कि नैतिक चरित्र और समाज पर धब्बा लगाने वाले ऐसे पथभ्रष्ट कृत्यों पर रोक सुनिश्चित करने के लिए पूरी उर्जा के साथ प्रयास करने का संकल्प लें।

 

दिल्ली में हैवानियत का नंगा नाच

नई दिल्ली : पांच वर्ष की एक बच्ची के साथ अमानुषिक तरीके से दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद जहां दिल्ली एक बार फिर शर्मशार हुई, वहीं शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर हुए प्रदर्शनों ने 16 दिसंबर के सामूहिक दुष्कर्म के बाद की हालत की याद ताजा कर दी। पीड़ित बच्ची को उसके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपहरण कर दो दिनों तक बंधक रखा, भूखे प्यासे रख कर उसे अमानवीय यातनाएं दी और दुष्कर्म किया। दरिंदगी झेल चुकी बच्ची अब अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रही है, जबकि 30 वर्षीय आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस हाथपांव मार रही है। दुष्कर्म की शिकार बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए शुक्रवार को उसे एम्स में भर्ती कराया गया है। उधर, दिल्ली पुलिस के आयुक्त नीरज कुमार ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम को रवाना कर दिया गया है। वहीं, दिल्‍ली पुलिस ने बलात्कार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान अस्पताल के भीतर एक युवती को थप्पड़ मारने वाले अपने एक सहायक आयुक्त तथा बलात्कार के मामले को रफा-दफा करने का प्रयास करने वाले दो अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। बच्ची के साथ क्रूरता की खबर फैलते ही आक्रोशित प्रदर्शनकारी अस्पताल के पास जमा हो गए जहां उसका इलाज चल रहा था। प्रदर्शनकारियों ने शीला सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। शुक्रवार को बच्ची की हालत देखने पहुंचे क्षेत्र के सांसद संदीप दीक्षित और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ए.के. वालिया के साथ प्रदर्शनकारियों ने धक्कामुक्की की। हंगामे के दौरान दिल्ली पुलिस के एक सहायक आयुक्त बी.एस. अहलावत ने प्रदर्शनकारी एक युवती को थप्पड़ मार दिया जिसके बाद हंगामा और तेज हो गया। लोगों के विरोध को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आनन फानन में अहलावत को निलंबित कर दिया और जांच के आदेश दे दिए। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी बच्ची के साथ दुष्कर्म पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया है और दिल्ली के उप राज्यपाल तेजेंदर खन्ना से उन्होंने सभी चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराने के लिए कहा है। सहायक पुलिस आयुक्त अहलावत के बारे में भी प्रधानमंत्री ने खन्ना से कहा है कि ऐसे पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ा दंड सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस बीच मामले के आरोपी और पीड़ित बच्ची के पड़ोसी मनोज को पकड़ने के लिए पुलिस प्रयास में जुटी हुई है। पुलिस ने कहा कि वह उस मकान में 10 दिनों पहले ही रहने आया था और अब वारदात के बाद से फरार है। पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में रहने वाली बच्ची का अपहरण उसके पड़ोसी ने 15 अप्रैल को कर लिया था। दो दिनों तक अपने फ्लैट में बंधक बना कर कई बार दुष्कर्म करने वाले ने दरिंदगी की सारी हदें पार की और उसे भूखा-प्यासा रखा। बुधवार को बच्ची की रोने की आवाज सुनने के बाद परिवार के लोगों ने उसे आजाद कराया। दयानंद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक आर.के. बंसल ने संवादाताओं से कहा कि जांच के दौरान हमने बच्ची के गुप्तांग में 200 मिली का बोतल और दो या तीन मोमबत्तियों के टुकड़े पाया। यह पहला मौका है जब मैंने पांच साल की बच्ची के साथ इस तरह की बर्बरता देखी है। उन्होंने कहा कि बच्ची के ओठ और गालों पर घाव के अलावा उसकी गर्दन पर भी खरोचें हैं जिससे पता चलता है कि उसका गला दबाने का भी प्रयास किया गया। उसका रक्तचाप सामान्य से नीचे है और जिस समय उसे यहां भर्ती कराया गया था उस समय बुखार भी था। उधर, बच्ची के परिजनों, पड़ोसियों और आम आदमी पार्टी (एएपी) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। बच्ची का इलाज कर रहे एक चिकित्सक ने बताया कि उसकी हालत `गंभीर` है और अगले 24-48 घंटे उसके लिए बेहद मुश्किलभरे होंगे। घटना के विरोध में प्रदर्शनकारी शुक्रवार को स्वामी दयानंद अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए, जहां बच्ची का इलाज चल रहा था। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित तथा दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। एएपी की प्रवक्ता अस्वथी मुरलीधरन ने कहा कि पुलिस ने मामला दबाने की कोशिश की। यहां तक कि उसने पीड़ित परिवार को दो हजार रुपये देकर चुप रहने के लिए कहा। इसके अतिरिक्त बच्ची को जिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहां बेहतर चिकित्सा सुविधाएं एवं उपकरण भी नहीं है। हम चाहते हैं कि बच्ची को जल्द से जल्द किसी बेहतर अस्पताल में भर्ती कराया जाए और आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। वहीं, बच्ची के पिता ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत को लेकर पुलिस से मुलाकात की थी, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत भी दर्ज नहीं की। उसने कहा कि पुलिस ने मुंह बंद रखने के लिए दो हजार रुपये की पेशकश की। उधर, दिल्ली पुलिस ने पांच साल की एक बच्ची से कथित तौर पर बलात्कार करने और उसे कम से कम दो दिन तक बंधक बनाकर रखने के आरोपी के खिलाफ हत्या की कोशिश का भी केस दर्ज किया है। पूर्व दिल्ली के पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने शुक्रवार रात पत्रकारों को बताया कि उन्होंने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश), 376-ए (बलात्कार), 362-ए (अपहरण) और बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण कानून, 2002 की धारा 6 और 9 के तहत मामला दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस के आयुक्त नीरज कुमार ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम को रवाना कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि आरोपी की पहचान कर ली गई है। वह बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। उसने आठ दिन पहले ही गांधीनगर इलाके में एक कमरा किराए पर लिया था। जिस इमारत में पीड़िता और उसका परिवार रहता है उसी के भूतल के एक कमरे से बच्ची को बरामद किया गया।

पुलिस ने नहीं बनाया था कांडा पर दुष्कर्म का मामला


-गीतिका शर्मा आत्महत्या मामला
नई दिल्ली,  10 मई (ब्यूरो)गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। यौन शौषण के तमाम आरोप लगने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने कांडा पर गीतिका से दुष्कर्म या अप्राकृतिक संबंध बनाने का मामला नहीं बनाया था परंतु यह सभी आरोप अदालत की नजर से नहीं बच पाए। दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने कांडा पर पुलिस द्वारा लगाए गए सभी धाराओं के तहत तो आरोप तय किए ही हैं,इसके साथ ही कांडा पर गीतिका से दुष्कर्म करने व अप्राकृतिक संबंध बनाने की धाराओं के तहत भी आरोप तय कर दिए हैं। वहीं अरूणा चड्ढा पर भी अन्य सभी धाराओं के साथ-साथ कांडा को गीतिका का यौन शोषण करने के लिए उकसाने का मामला चलेगा। अदालत के इस कदम ने अभियोजन पक्ष को तो झटका दिया ही है,इससे कांडा को भी बड़ा झटका लगा है। कांडा के वकील भी अदालत के आदेश से काफी हैरान,परेशान व चिंतित नजर आए।
पुलिस ने अपने आरोप पत्र में कांडा व अरूणा पर गीतिका को आत्महत्या के लिए उकसाने,महत्वूपर्ण दस्तावेजों के साथ जालसाजी,फर्जी कागजात प्रयोग करने,आपराधिक षड्यंत्र रचने,धमकी देने सहित आईटी एक्ट के तहत आरोप लगाए थे। पुलिस ने अपने आरोप पत्र में कहीं भी दुष्कर्म या अप्राकृतिक संबंध बनाने  की धाराएं नहीं लगाई थी। जबकि गीतिका की मेडिकल रिपोर्ट में यौन संबंध बनाने व अप्राकृतिक संबंध बनाने की बात सामने आई थी। अदालत में आरोप पत्र पर जिरह के दौरान भी सरकारी वकील ने यौन शोषण के आरोपों पर कोई खासी तवज्जों नहीं दी थी। लेकिन अदालत ने तमाम तथ्यों को देखते हुए कांडा पर दुष्कर्म व अप्राकृतिक संबंध बनाने के तहत आरोप तय कर दिए।

 


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