Tuesday, 16 January 2018
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दिल्ली के दोनों वार्डों के उपचुनाव में बीजेपी की जीत

नई दिल्ली: भाजपा ने मंगलवार को उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के दो वार्डों के उपचुनावों में जीत हासिल की। नांगलोई पूर्व (वार्ड संख्या 43) में भाजपा की रेनू शौकीन ने 4,758 मतों के अंतर से कांग्रेसी प्रत्याशी को पीछे छोड़ दिया। रेनू को कुल 15,887 मत पड़े जबकि उनकी करीबी प्रतिद्वंदी कांग्रेसी प्रत्याशी रमेश देवी को 11,129 मत पड़े। यमुना विहार (वार्ड संख्या 256) में भाजपा ने 4,317 मतों के अंतर से अपनी सीट बनाए रखी।

 

भाजपा की आशा तायल को कुल 13,123 मत पड़े जबकि कांग्रेस की सुशीला अग्रवाल को 8,806 मत हासिल हुए। नांगलोई पूर्व की सीट पहले कांग्रेसी पाषर्द सत्यम यादव के पास थी। उनका निधन पिछले साल हो गया था। भाजपाई पाषर्द विजय बहल की इस साल फरवरी में मृत्यु हो जाने के कारण यमुना विहार वार्ड में उपचुनाव कराए गए। इन दोनों वार्डों के लिए मतदान पांच मई को कराया गया। 50 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और इस मतदान के नतीजे आज घोषित किए गए।

भाजपा और कांग्रेसी प्रत्याशी समेत कुल चार प्रत्याशी नांगलोई सीट की दौड़ में थे जबकि यमुना विहार के लिए कुल आठ प्रत्याशियों ने नामांकन भरा था। इस समय उत्तरी और पूर्वी नगर निगम दोनों में भाजपा स्पष्ट बहुमत में है लेकिन इन उपचुनावों को इस साल नवंबर में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

 

सज्जन को बरी किए जाने के खिलाफ पीएम आवास की ओर मार्च की कोशिश

नई दिल्ली: 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी किए जाने के खिलाफ प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। राजधानी दिल्ली में रविवार को सज्जन कुमार को कड़ी सजा दिए जाने की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की।

जंतर-मंतर से चले प्रदर्शनकारियों को पार्लियामेंट स्ट्रीट पर रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने पानी की बौछारें करके प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने की कोशिश की।

वहीं पंजाब में भी अलग-अलग जगहों पर सज्जन कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किए गए और वहां कई ट्रेनों को रोक दिया गया।

उल्लेखनीय है कि सज्जन कुमार को बरी किए जाने के खिलाफ पिछले दिनों दिल्ली में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और के निवास स्थान 10 जनपथ के बाहर भी प्रदर्शन किया गया था। इससे एक दिन पहले, सिख प्रदर्शनकारी सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन में घुसकर ट्रेनों पर भी चढ़ गए। इसकी वजह से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन को कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा था। वहीं तिलक नगर इलाके में भी लोगों ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया था।

जैश-ए-मोहमद के तीन आतंकियों को दी हाईकोर्ट ने उम्रकैद


-दो अन्य आरोपियों को दी 11-11 साल की सजा
नई दिल्ली, 3 मई (ब्यूरो)पोटा के तहत उम्रकैद की सजा पाए जैश-ए-मोह मद के तीन आतंकियों को दिल्ली उच्च न्यायालय ने राहत देने से इंकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। निचली अदालत ने इन तीनों को पोटा,देश के खिलाफ युद्ध छेडऩे सहित अन्य धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा दी थी।
हालांकि न्यायालय ने दो अन्य आतंकी अतीक-उर-जामा व उसके भाई रईस-उर-जामा को राहत देते हुए उनको दी गई उम्रकैद की सजा को 11-11 साल की सजा में तब्दील कर दिया है।
दिल्ली पुलिस ने इन पांचों आतंकियों को एक मुठभेड़ के बाद 30-31 अगस्त 2003 की रात पकड़ा था। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा मे आ र्स व असला पकड़ा था। इतना ही नहीं पुलिस को सदर बाजार से एक विस्फोटक भरा ट्रक भी मिला था। इतना ही नहीं पुलिस ने मु य आरोपी नूर मोह मद तांत्रे से 19.20 लाख रूपए भी बरामद किए थे।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना व न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने कहा कि दोनों आरोपी भाईयों को इसलिए राहत दी जा रही है क्योंकि वह अपनी गिर तारी से पहले कभी किसी आतंकी गतिविधि में सलिप्त नहीं रहे हैं। न ही वह ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान गए थे। न ही उनके पास से गिर तारी के समय कोई आ र्स व असला मिला।
हालांकि अदालत ने नूर मोह मद तांत्रे,परवेज अहमद मीर व फरोज अहमद भट्ट की तरफ से दायर अपील को खारिज कर दिया और उनको दी गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। हालांकि इन तीनों के वकील एम एस खान ने कहा है कि वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
निचली अदालत ने तीन जनवरी 2011 को पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा दी थी।
आरोपी रईस व उसका भाई अतीक उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद के रहने वाले हैं। यह दोनों हबीबुल्लाह के भाई है। हबीबुल्लाह को दिल्ली पुलिस ने तीस अगस्त 2003 को निजामुद्दीन पुल के पास मिलेनियम पार्क के पास एक पाकिस्तानी जहूर के साथ इनकांउटर में मार दिया था।

 

जेल में महिला कैदियों से बलात्कार करते हैं जेलर

फरीदाबाद। जेल, एक ऐसी जगह जहां कैदी पर हर वक्त पहरा होता है। मगर जब जेल के पहरेदारों की ही नियत बदल जाये तो क्या कहा जा सकता है। जी हां ऐसा ही कुछ हुआ है फरीदाबाद के नीमका जेल में। इस जेल में हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रही दो महिलाओं ने जेल अधीक्षक पर छेड़छाड़, मारपीट और जेल उपाधीक्षक पर बलात्कार तथा दो महिला वार्डन पर यौन शोषण का आरोप लगाया है।

जेल अधीक्षक और उपाधीक्षक पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की छानबीन की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरीदाबाद के जिला जेल नीमका में एक महिला और उसका पति अपहरण और हत्या के मामले में सजा काट रहे हैं। इस महिला के साथ उसी बैरक में एक और महिला हत्या के मामले में सजायाफ्ता है। अपहरण और हत्या के मामले में बंद महिला से उसका देवर बीते 17 अप्रैल को मिलने आया था। मिलनी के वक्त महिला ने अपने देवर को बताया कि जेल में उसका साथ अत्याचार हुआ है। महिला ने अपने देवर को बताया कि जेल में उसके साथ बलात्कार किया गया है। यह पता चलते ही महिला के देवर ने जेल महानिदेशक और पुलिस आयुक्त को शिकायत भेजी थी। मामले की जानकारी जिला न्यायाधीश दर्शन सिंह के पास पहुंची। इस बाद जिला न्यायाधीश दर्शन सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रजनी यादव 11 मई को नीमका जेल में निरीक्षण के लिए पहुंचे। दोनों न्यायिक अधिकारी शिकायतकर्ता महिला कैदी से मिले, जहां उन्हें दोनों महिला कैदियों ने अपने साथ मारपीट, छेड़छाड़ और दुष्कर्म किए जाने की शिकायत की। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने जेल अधीक्षक, उप अधीक्षक और वार्डन के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जेल अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग
फरीदाबाद: भारतीय जनता पार्टी के सभी प्रकोष्ठ पदाधिकारियों ने नीमका जेल में दो महिला कैदियों के साथ दुष्कर्म किए जाने की घटना की निंदा करते हुए जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अजय गौड़ के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारियों ने जिला उपायुक्त बलराज सिंह को ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोपित जेल अधिकारियों व महिला वार्डन को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की गई।

इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष अजय गौड़ ने कहा कि जेलों में अपराधी पश्चाताप के लिए और सुधार के लिए जाता है, लेकिन यहां की जेलों का संचालन खुद अपराधी प्रवृत्ति के लोग कर रहे हैं। जेल में महिला कैदियों का यौन शोषण और दुष्कर्म जैसी घटनाएं घटित हो रही हैं। नीमका जेल में हुई घटना इस बात का प्रमाण है। जिला महामंत्री ओमप्रकाश रक्षवाल ने कहा कि आरोपित जेल अधिकारियों और महिला वार्डन को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करना चाहिए। जिला महामंत्री डा. आरएन सिंह ने इस घटना को जघन्य अपराध की संज्ञा दी है। जिला उपायुक्त ने इस मामले में सरकार से बातचीत कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मौके पर प्रमुख रूप से प्रदेश महिला मोर्चा की महामंत्री सीमा त्रिखा, एडवोकेट गोपाल शर्मा, एडवोकेट बालू सिंह, सचिन शर्मा,उमेश भाटी समेत कई जिला पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।

अमूल दूध हुआ दो रुपये महंगा

-बढी हुई कीमतें बुधवार से होंगी लागू
-फुलक्रीम दूध 40 से बढकर हुआ 42 रुपये प्रति लीटर
-अन्य ब्रांड की कीमतों में हुई है दो रुपये की बढोतरी
-राजधानी में हर दिन 23 लाख लीटर बिकता है अमूल दूध
-प्रतिदिन राजधानी में दूध की खपत 65 से  70 लाख लीटर की है  
नई दिल्ली, 30 अप्रैल (ब्यूरो)  सुबह की शुरूआत चाय की चुस्की से करने वालों के लिए बुरी खबर है। अमूल ने बुधवार से दूध की कीमतों में प्रति लीटर दो रुपये की बढोतरी किये जाने की घोषणा की है। बढी हुई कीमतें लागू होने के बाद दिल्ली    समेत एनसीआर में अमूल का फुलक्रीम दूध 40 रुपये प्रति लीटर से बढकर 42 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। जबकि अन्य वेरिंयट की कीमतें भी दो रुपये बढा दी गयी है। बढी हुई कीमतें कल सुबह से ही राजधानी समेत एनसीआर में लागू होंगी। इससे पहले राजधानी में पिछले वर्ष इसी अप्रैल महीने में ही अमूल दूध की कीमतों में एक और दो रुपये की बढोतरी हुई थी।
गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) के प्रवक्ता के अनुसार राजधानी में बुधवार की सुबह से अमूल ब्रांड की दूध की कीमतों में दो रुपये का इजाफा हो जाएगा। यह बढोतरी अमूल के तीनों वेरिंयट फुलक्रीम, टोंड और डबल टोंड दूध की कीमतों में की गयी है। जीसीएमएमएफ के अनुसार दूध की कीमतों में बढोतरी किये जाने की वजह दूध की खरीद लागत में बढोतरी होना और परिवहन व्यय का महंगा होना बताया गया है। प्रवक्ता के अनुसार दो रुपये की बढोतरी के बाद अमूल का फुलक्रीम दूध राजधानी व एनसीआर में 40 की जगह 42 रुपये, टोंड दूध 30 रुपये की जगह 32 रुपये और डबल टोंड दूध 26 की जगह 28 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। सनद रहे कि इससे पहले अमूल ने पिछले वर्ष अप्रैल महीने में ही राजधानी में दूध की कीमतों में दो और एक रुपये की बढोतरी की थी। पिछले वर्ष मदर डेयरी ने सितम्बर महीने में दूध की कीमतों में बढोतरी की थी।
अमूल द्वारा कीमतों में बढोतरी किये जाने के बाद आज शाम मदर डेयरी की ओर से कहा गया कि वह अभी दूध की कीमतों में बढोतरी नहीं करने जा रही है, लेकिन वह स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। मदर डेयरी के अनुसार भी महंगाई बढने का असर तो दूध की खरीद लागत पर पड़ा ही है। इसके बावजूद मदर डेयरी की ओर से फिलहाल कीमतो में किसी भी तरह की बढोतरी किये जाने की बात  से इंकार किया गया है। लेकिन हमेशा ही यह देखा गया है कि जब-जब अमूल ने अपनी कीमतें बढाई है तब तक अन्य दूध कंपनियों ने भी अपनी कीमतें बढाई है। इसलिए आने वाले दिनों में अमूल के अलावा राजधानी में बिकने वाले अन्य ब्रांड की दूध की कीमतों में इजाफा होता है तो हैरानी की कोई बात नही होनी चाहिए। राजधानी में प्रतिदिन करीब 65कृ70 लाख लीटर दूध की मांग है। राजधानी में हर दिन 30 लाख लीटर दूध मदर डेयरी का बिकता है, जबकि अमूल ब्रांड का दूध 23 लाख लीटर बिकता है। शेष हिस्सा अन्य कंपनियों और स्थानीय दूधियों का है।

 


 

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