Wednesday, 13 December 2017
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अल्लाह देते हैं गैर मुस्लिम महिलाओं से रेप की इजाजत- प्रोफेसर

वाशिंगटन : एक मुस्लिम महिला प्रोफेसर ने अल्लाह और गैर मुस्लिम महिलाओं को लेकर एक विवादित बयान दिया है। एक वीडियो में उसने कहा- 'अल्लाह ने मुस्लिम पुरुषों को गैर-मुस्लिम महिलाओं को अपमानित करने के लिये उनके साथ रेप करने इजाजत दी है।'


मिस्र की अल-अजहर यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सुआद सालेह ने अल-हयात टीवी पर इंटरव्यू के दौरान ये विवादित बयान दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सामने आए एक वीडियो में महिला ने कहा कि अल्लाह ने मुस्लिम पुरुषों को गुलाम औरतों के साथ यौन संबंध बनाने की इजाजत दी है जो वैध है।

रेप पूरी तरह प्रोत्साहित करने योग्य है- सालेह

सालेह ने कहा कि सेक्स संबंधी जरूरतों के लिये किसी महिला को गुलाम बनाना उस स्थिति में वैध है जब मुस्लिमों और उनके दुश्मनों के बीच वैध जंग चल रही हो। सालेह ने इसके लिये इजरायल का उदाहरण भी दिया। रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने यह भी कहा कि इजरायली महिलाओं को गुलाम बनाना और उनके साथ रेप करना पूरी तरह से स्वीकार्य और प्रोत्साहित करने योग्य है।

'आर्मी कमांडर की संपत्ति होती हैं बंदी महिलाएं'

उसने कहा, 'युद्ध के दौरान बंदी बनाई गई महिलाएं आर्मी कमांडर की संपत्ति होती हैं। उन्हें परेशान करने के लिये आप उनके साथ उसी तरह सेक्स कर सकते हैं जैसे पत्नी के साथ करते हैं।' रिपोर्ट के मुताबिक इस इंटरव्यू की ट्रांसक्रिप्ट 'द मिडल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट' द्वारा उपलब्ध कराई गई है।


ISIS ने फिर लांघी बर्बरता की सारी हदें, 12 साल की मासूम से कई लड़ाकों ने लगातार किया रेप

नई दिल्ली: आतंकी संगठन आईएसआईएस को लेकर एक बार फिर खौफनाक और बर्बर चेहरे का खुलासा हुआ है। इस ताजा खुलासे में आतंकी संगठन की क्रूरता और इंसानियत की हदें लांघ देने वाली जानकारी मिली है। उत्तरी इराक के सिंजर शहर में इस संगठन ने 5 हजार से ज्यादा यजीदी महिलाओं और बच्चियों को बंधक बना लिया और फिर उसके बाद इनके साथ क्रूरता की हदें पार कर दी। इन्हें सेक्स गुलाम के रूप में बेचा गया। इनकी जिंदगी में रेप, गुलामी और प्रताड़ना ही बच गई थी । डेलीमेल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों ने 12 साल की लड़की से भी बिना कोई दया दिखाए रेप किया और उसे प्रताड़ित किया।

21 साल की यजीदी लड़की परला सिंजर ने अपनी आपबीती और खौफनाक दास्तान बयान की। उसने बताया कि सुरक्षित ठिकाने पर ले जाने के नाम पर आईएसआईएस के लोग सीरिया ले गए जिसमें कई लड़कियां शामिल थी। उसके बाद हमें पीटा जाता था। कई दिन तक खाना नहीं दिया जाता था। फिर हमें सेक्स गुलाम के तौर पर बेच दिया गया।

10 महीने तक आईएसआईएस के आतंकियों के कब्जे में रहनेवाली परला ने बताया कि मुझे सउदी अरब के एक वृद्ध के हाथों बेच दिया गया जिसने मुझपर बर्बर अत्याचार ढाया। सउदी अरब के जिस मालिक ने मुझे खरीदा था वह मुझसे रोज रेप करता था। रेप के बाद कहता था कि तुम्हारे साथ सोकर तुम्हें मुसलमान बना रहा हूं। हमें खाने के लिए कम भोजन दिया जाता था और कहा जाता था कि गुलामों को पेटभर भोजन की आजादी नहीं है।

 

फिर मुझे एक तजाकिस्तान के आदमी ने खरीद लिया। दो महीने बाद ही उसकी मौत हो गई और मेरा मालिक बदल गया। इस बार मुझे बेचा नहीं गया बल्कि तोहफे के रूप में दिया गया। मेरा मालिक हर बार रेप करने के बाद मेरे हाथ- पैर बांध देता था और मेरी पिटाई करता था। अत्याचार और जुल्म का यह सिलसिला चलता रहा और मैं घुट-घुटकर जीती रही।

परला ने अपनी दर्दनाक दास्तान में यह भी कहा कि हमें कई लोगों के साथ एक लड़कियों के स्कूल में रखा गया और इस दौरान हमपर इस्लाम धर्म कबूल करने का दबाव भी बना गया। सऊदी में एक विवाहित मालिक ने मेरे साथ कई बार रेप किया । आईएसआईएस के कब्जे में मेरे परिवार के और भी लोग है लेकिन मुझे नहीं पता कि वो जिंदा है भी या नहीं।

यूक्रेन को लेकर अमेरिका ने रूस पर दबाव बढ़ाया

वाशिंगटन : अमेरिका ने यूक्रेन मुद्दे को लेकर रूस पर अपना दबाव और बढ़ा दिया है। अमेरिका चाहता है कि रूस जिनीवा में इसी सप्ताह संपन्न बैठक में यूक्रेन पर हुए चार पक्षीय समझौते का पालन करे। अमेरिका ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि मॉस्को अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करता तो उसके खिलाफ और प्रतिबंध लगाए जाएंगे। यह चेतावनी इसलिए दी गई है क्योंकि प्रतीत होता है कि अमेरिका, यूरोपीय संघ, यूक्रेन और रूस के बीच हुआ समझौता बेअसर हो गया है क्योंकि पूर्व सोवियत गणराज्य में मास्को समर्थित विद्रोहियों ने हटने से इंकार कर दिया है।

अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुजैन राइस ने संवाददाताओं को बताया, ‘आने वाले दिनों में मुझे लगता है कि हमारे पास यह देखने का अवसर होगा कि क्या रूस इसे कर सकता है और क्या वह इस करार को बनाए रखेगा।’ उन्होंने बताया, ‘हम इस बात नजर भी बनाए हुए हैं कि रूस संयम बरतने तथा अपने हथियारबंद लोगों को वहां की इमारतों तथा उन जगहों से वापस बुलाने की अपनी जिम्मेदारी का पालन करता है या नहीं जहां उन्होंने कब्जा कर रखा है। राइस ने कहा कि हम देख रहे हैं कि रूस इस मसले पर क्या जवाब देता है। इससे पूर्व रूस ने अमेरिका की चेतावनी पर बेहद कड़ाई से अपनी प्रतिक्रिया दी थी।

जहाज से बचाए गए हाईस्कूल के उप प्राचार्य ने की खुदकुशी, कैप्टन के लिए गिरफ्तारी वारंट

 

जिंदो (दक्षिण कोरिया) : दक्षिण कोरियाई पोत के डूबने के दो दिन बाद गोताखोर पानी की तेज धार और कम रोशनी के बावजूद पोत तक पहुंचने में कामयाब रहे। लेकिन बुधवार को सुबह डूबे 6825 टन वजनी जहाज सीवोल से बचाकर निकाले गए एक हाईस्कूल के उप प्राचार्य ने खुदकुशी कर ली। जहाज में उनके स्कूल के सैकड़ों छात्र डूब गए। जांचकर्ताओं ने जहाज के कप्तान और चालक दल के दो सदस्यों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की है।

गोताखोरों को जहाज डूबने के 48 घंटे से भी अधिक समय बाद सफलता मिली है। 6825 टन वजनी सीवोल जहाज के डूबने के बाद देरी की वजह से लापता 268 लोगों के रिश्तेदार चिंतित हैं। पोत के अचानक डूब जाने के 48 घंटे से भी ज्यादा समय के बाद गोताखोरों के दल ने अंतत: शुक्रवार दोपहर बाद पानी की तेज धार को चीरते हुए डूबे हुए जहाज तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।

अनेक कोशिशों के बाद दो और गोताखोर एक दरवाजे को पूरी ताकत लगाकर खोलने और कार्गो सेक्शन में घुसने में सफल रहे। यह जानकारी तटरक्षक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने लापता लोगों के रिश्तेदारों को दी। कुछ घंटे बाद दो और लोग जहाज के एक और केबिन में पहुंच सके लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। अधिकारी ने कहा, तलाशी अभियान रात में भी जारी रहेगा।

पास के जिंदो द्वीप में हार्बर पर लौटे एक गोताखोर ने कहा, दृश्यता लगभग नहीं के बराबर थी। आप अपना हाथ भी मुश्किल से ही देख सकते हो। तटरक्षक ने कहा कि पुलिस और अभियोजकों के एक संयुक्त जांच दल ने 52 वर्षीय कैप्टन ली जून-सियोक और दो अन्य सदस्यों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए आवेदन किया है। आरोप स्पष्ट नहीं किए गए हैं।

इससे पहले अभियोजकों ने कहा था कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि फेरी के डूबने से पहले ही ली ने जहाज का संचालन अपने तीसरे दर्जे के अधिकारी को सौंप दिया था। जहाज डूबने से 28 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है लेकिन 268 लोगों के बारे में अब भी स्थिति चिंताजनक है जिनका पता नहीं चला है। सीवोल जहाज के डूबते समय उस पर 475 लोग सवार थे जिनमें से केवल 179 को बचाया जा सका और बुधवार से अभी कोई व्यक्ति जीवित नहीं मिला है।

पाकिस्तान में बम विस्फोट, 23 की मौत, 40 घायल

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी के बाहरी इलाके में फलों के एक व्यस्त बाजार में बुधवार को हुए बम विस्फोट में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई और 40 अन्य लोग घायल हो गए।

यह विस्फोट रावलपिंडी की सीमा के पास इस्लामाबाद के सेक्टर आई-11 में फलों के बाजार में हुआ। प्रारंभिक सूचना के अनुसार बाजार में लाई गई अमरूद की एक पेटी में चार से पांच किलोग्राम का बम लगाया गया था। लोग जब फलों की नीलामी में हिस्सा लेने के लिए एकत्र हुए, तब बम में विस्फोट हो गया। यहां फलों की नीलामी प्रतिदिन की जाती है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (पीआईएमएस) के कुलपति प्रो जावेद अकरम ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में 31 लोगों का अब भी इलाज चल रहा है। करीब 16 घायलों को रावलपिंडी के एक अस्पताल में ले जाया गया है। दोनों अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। सुरक्षा अधिकारियों और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली है और बम निरोधक दस्ता इलाके में अन्य विस्फोटक उपकरणों की तलाश कर रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे एक ही माह पहले इस्लामाबाद में अदालत परिसर में आतंकवादी हमला हुआ था। सरकार और प्रतिबंधित तालिबान पाकिस्तान देश में पिछले एक दशक से जारी हिंसा का चक्र समाप्त करने के लिए वार्ता कर रहे हैं। तालिबान ने 10 अप्रैल तक संघर्ष विराम की घोषणा की है। इसके बावजूद ये हमले हो रहे हैं।

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