Friday, 16 November 2018
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सेक्स में ‘साइज’, महिलाओं की पहली पसंद…

 

 

penis-size-matterक्या सेक्स में ‘साइज’ का कोई महत्व है? इस सवाल के कई उत्तर हो सकते हैं और विरोधाभासी भी। सेक्सोलॉजिस्ट जहां इस बात को खास अहमियत नहीं देते,लेकिन कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि लिंग का बड़े साइज से महिलाएं पुरुषों की ओर अधिक आकर्षित होती हैं।

इन वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रागैतिहासिक काल में जब पुरुष बहुत कम वस्त्र पहनते थे तब महिलाएं अपने पुरुष साथियों के लिंग देख सकती थीं। इससे अधिक बड़े जननांग का विकास हुआ और महिलाएं भी उनको अधिक चुनती होंगी, जिनके जननांग अधिक बड़े थे।

शोधकर्ताओं ने कहा है कि उन्होंने इस समस्या का कोई हल निकालने का फैसला क्योंकि इस मामले में किए गए पिछले अध्ययनों से विरोधाभासी उत्तर आए हैं। इसके साथ वे प्रत्यक्ष तौर पर कोई सीधा सवाल भी महिलाओं से नहीं पूछ सकते थे।

ओटावा यूनिवर्सिटी में सेक्सुअल सलेक्शन और क्रमिक विकास के पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता और शोध के प्रमुख लेखक ब्राइन मोत्ज ने कम्प्यूटर से बनी प्रजातिगत पुरुषों की विभिन्न ऊंचाई, शरीर के आकार और ‍‍श‍िथिल लिंग की लम्बाई वाली तस्वीरें बनवाईं।

ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं के एक 105 सदस्यीय दल से पूछा गया कि वे आदमकद रोबो जैसी इन 53 तस्तीरों को देखें। ये तस्वीरें घूमती थीं ताकि वे विभिन्न कोणों से अच्छी तरह से दिखाई दें। ये सभी महिलाएं विषमलिंगी थीं और उन्हें यह नहीं बताया गया था कि वे लिंग के आकार को ‍लेकर किए जा रहे एक सर्वे में भाग ले रही हैं। इन महिलाओं से कहा गया कि यौन आकर्षण के अनुसार इन तस्वीरों का मूल्यांकन करें।

शोधकर्ताओं ने पाया कि ‍महिलाओं ने लम्बा लिंग रखने वाले लम्बे पुरुषों को सबसे अधिक आकर्षक माना और वे लम्बे आदमियों को अधिक गौर से देखती रहीं। इस अध्ययन को प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल अकादमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित किया गया है।

ख्यात सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर महेश नवाल के मुताबिक अलग-अलग शोध और अध्ययनों के नतीजे भी अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सेक्स में बड़े लिंग की कोई खास अहमियत नहीं है। हां, महिलाओं के लिए यह आकर्षण का केन्द्र हो सकता है।

उन्होंने कहा कि सेक्स में साइज से ज्यादा जरूरी है, टाइमिंग। यदि लिंग बड़ा हो और सेक्स में आनंद न मिले, चरमसुख की अनुभूति न हो तो वह अर्थहीन है। डॉ. नवाल मानते हैं कि सेक्स के लिए उत्तेजित अवस्था तीन का इंच का लिंग पर्याप्त है। वे कहते हैं कि यौनि में एलास्टीसिटी होती है और वह साइज के हिसाब से फैलती है। अत: सेक्स में आनंद के लिए साइज की खास अहमियत नहीं है।

मुख मैथुन से महिलायें होती हैं ज्‍यादा उत्‍तेजित

मुख मैथुन के बारे में बहुत लोगों के जेहन में ढेर सारे सवाल होते हैं। मसलन क्‍या ऐसा करना सही होगा या फिर ऐसा करने से आपके स्‍वास्‍थ पर कोई बुरा असर तो नहीं पड़ेगा। लेकिन आपको बता दें काम शाष्‍त्र में भी मुख मैथुन का विधिवत वर्णन। शाष्‍त्र के अनुसार सेक्‍स के दौरान ऐसी स्थिती जिससे आपको ज्‍यादा उत्‍तेजना और बेहतरीन संतुष्‍टी प्राप्‍त हो उससे बेहतर तरीका और कोई नहीं हो सकता है। जहां, तक महिलाओं की बात है तो, महिलाओं को मुख मैथुन बहुत ही पसंद होता है। ऐसा कई बार होता है कि महिलायें अपने साथी से खुलकर इस बारे में बता नहीं पाती है। लेकिन ऐसा कत्‍तई नहीं है कि वो इसे पसंद नहीं करती है। जी हां, अपने साथ के मनोभावों को जानना सबसे पहला काम होता है। यदि आपका साथी मुख मैथुन की इच्‍छा रखता है तो आप ऐसा करने में देर न करें और पूरे प्‍लेजर के साथ सेक्‍स लाईफ का आनंद उठायें। 

जब आप अपने महिला साथी के योनि को अपनी जीभ और होठों से सहलाकर उत्तेजित करते हैं तो उसे मुख मैथुन करना कहते हैं। ऐसा करने से महिला बहुत ज्‍यादा यौन उत्तेजना महसूस करती है और वे चरम आनंद (आर्गैज़्म) महसूस कर सकती हैं। आज हम आपको अपने इस लेख में मुख मैथुन करने के तरीकों के बारें में बतायेंगे। सेक्‍स लाईफ को इंज्‍वॉय करना एक स्‍वस्‍थ जीवन का मुख्‍य बिंदू होता है। मुख मैथुन के लिए के टिप्‍स, कैसे करें महिला साथी के साथ मुख मैथुन:

01- मुख मैथुन के लिए बेहतर पोजीशन का होना बेहद जरूरी होता है। आपकी महिला साथी सीधे पीठ के बल लेटी हो और उसके पैर फैले व खुले हों। आप उनके पैरों के बीच लेट जायें ताकि आप उनके गुप्तांग के किसी भी हिस्से को आसानी से चूम, चाट और चूस सकें। यहां एक परेशानी गर्दन दर्द की हो सकती है, इसके लिए उसके नितंब के नीचे तकिया रख दें। इससे उसकी योनि ऊपर उठ जाएगी और एक बेहतर पोजीशन में आ जाएगी। यह पोजीशन भगशिश्न को चूमने और चाटने के लिये बेहतर होती है।

02- ठीक प्रकार से पोजिशन बनाने के बाद आप अपने साथी के अन्‍त: वस्‍त्र (पैंटी) को अपने दांतों में फंसा कर धीमें-धीमें नीचे की तरफ लेकर जायें। इस दौरान आपके उपर वाले होंठ उनके गुप्‍तांग पर रगड़ खाते हुए नीचें जायेंगे। इस समय आप एक बार उनकी आखों में देखना ना भूलें। पैंटी निकालने के बाद आप आसानी से बैठकर अपने जीभ को गुप्‍तांग के उपर सहलायें, और अपने उंगलियों के सहारे से गुप्‍तांग पर दबाव बनाये। यह बेहद ही शानदार पोजिशन होती है।

03- इस पोजीशन के दौरान यहां एक परिवर्तन किया जा सकता है। आपकी साथी उसी तरीके से लेटी रहे, लेकिन आप घूम जाएं और आपका चेहरा पैरों की ओर हो जाए, अर्थात आप उनके उपर उसकी उल्टी दिशा में लेट जाए। इस अवस्था में आपका गुप्तांग उनके के चेहरे के उपर होंगा और वह आसानी से आपके लिंग को चूम और चूस सकती है। इससे दोनों मुख मैथुन का आनंद ले सकते हैं।

04- यदि आपकी साथी नहीं चाहती तो आप थोड़ा सा अपने शरीर को घुमा सकतें है। जिससे आपका गुप्तांग महिला के चेहरे से दूर हो जाएंगा। इसके आद आप अपने शरीर को कोहनी का सहारा देकर अपने पार्टनर के भग और भग शिश्न को आसानी से चूम चुमना शुरू करें। लेकिन यहां यह सावधानी बरतनी पड़ेगी कि साथी के शरीर पर ज्यादा भार न पड़े। इस पोजीशन में आप अपने पार्टनर की जांघों तक पहुंच सकतें हैं। इस दौरान वह जांघों को फैला कर बाह्य भगोष्ठ को खोल सकता है।

05- एक पोजीशन के रूप मे इसे भी आजमाया जा सकता है जब महिला अपने नितंब के बल बेड के एक किनारे लेटी हो, उसके पांव फर्श पर फैले हों। इस वक्त पुरुष उसकी जाघों के बीच अपने घुटनों के बल बैठ कर उसके गुप्तांगों का चुंबन आदि ले सकता है। इस दौरान जब महिला उत्तेजित हो जाए तो वह अपनी जांघों को खींच कर टांगे फैलाकर अपने तलवे पार्टनर के कंधे, पीठ पर रख सकती है। इस दौरान उसका भग क्षेत्र और खुल जाता है। यह पोजीशन उन महिलाओं के लिये सबसे बेहतर होती है जो यह चाहती हैं कि उनका पार्टनर उसकी योनि के अन्दर अपनी जीभ को प्रवेश कराए। यह पोजीशन महिला को टेबल पर लिटा कर भी की जा सकती है। इस पोजीशन में पुरुष ज्यादा आराम दायक स्थिति में रहता है क्योंकि इस दौरान उसे बहुत कम झुकना पड़ता है।

06- आप मुख मैथुन के लिये महिला को उपर करके भी प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिये पुरुष अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाए और महिला घुटनों के बल उसके सीने के ऊपर आ जाए और अपने गुप्तांगों को पुरुष के चेहरे के पास ले जाकर अवसर दे। इसमें महिलाओं को फायदा यह होता है कि वह मुख मैथुन की प्रक्रिया को अपने नियंत्रण में रख सकती है साथ ही इस दौरान वह उसके लिंग के साथ भी खेल सकती है।

07- इसी प्रक्रिया को आगे और बढ़ाया जा सकता है। इसमें महिला टांगे फैलाकर खड़ी हो जाए और पुरुष घुटनों के बल बैठकर उसके भग क्षेत्र पर अपने होंठों से दबाव डाल सकता है। कल्पनाशील युगल के लिये एक और बेहतर पोजीशन है। इसमें पुरुष अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाए और पैर मोड़कर घुटने ऊपर उठा ले। अब महिला घुटनों के बल पुरुष के चेहरे के ऊपर आ जाए। इस दौरान पैर काफी फैले हुए हों, उसका भग क्षेत्र पुरुष के मुंह के ठीक उपर हो। इस दौरान महिला की पीठ पुरुष के चेहरे की ओर हो। अब महिला घुटनों के बल सीधे लेट जाए। ऐसे में महिला का सिर पुरुष के घुटनों पर टिक जाएगा। इस अवस्था में महिला का भगक्षेत्र पूरी तरह से चौड़ाई में खुल जाता है. अब पुरुष चाहे तो वह अपनी जीभ महिला की योनि में प्रवेश करा सकता है

'पॉर्न देखकर मैंने बलात्कार को सहज मान लिया था'

ऑनलाइन पॉर्नोग्राफी से किशोरों के मन में सेक्स के प्रति ग़लत नज़रिया विकसित होता है। एक युवती ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें यह लगने लगा था कि बलात्कार सामान्य बात है।

एक रिपोर्ट कहती है कि अगर बच्चों को कच्ची उम्र में ही इंटरनेट पर हिंसक पॉर्नोग्राफी देखने को मिले तो इससे सेक्स को लेकर उनके मन में एक विकृत नजरिया उभरने लगता है।

कारेन (बदला हुआ नाम) का अनुभव भी कुछ ऐसा ही रहा है जिसके चलते वो बलात्कार को सामान्य बात समझने लगीं।

कारेन उस वक्त महज 16 साल की थीं जब पहली बार किसी लड़के के साथ उन्होंने शारीरिक संबंध बनाया था। उस लड़के को ऑनलाइन पॉर्न तस्वीरें या फ़िल्में देखने में काफी दिलचस्पी थी।

उस लड़के के पास एक स्मार्टफोन था जिसका इस्तेमाल वह अश्लील तस्वीरें और फिल्म देखने में करता था। स्मार्टफोन को वह अपने माता-पिता से छुपा कर रखता था।

वह कहती हैं, “मैं उन लड़कों के साथ बड़ी हुई थी जो पॉर्न फ़िल्में देखते थे, कई दफा वे अपनी गर्लफ़्रेंड के साथ भी ये सब देखते थे। मैंने सोचा कि यह सब सामान्य है क्योंकि सभी लोग ऐसा करते हैं।”

उन्होंने अपनी दोस्त के बड़े भाई के बेडरुम में पहली बार जब पॉर्न फ़िल्म देखी थी, उस वक्त कारेन 11 साल की थीं। उसके बाद पोर्नोग्राफी उनके जीवन का हिस्सा बन गया। पॉर्न वेबसाइटों और फिल्मों को किसी म्यूज़िक वीडियो की तरह दोस्तों के साथ साझा करना बेहद आम बात हो गई।

'स्याह पहलू'
वह कहती हैं, “उस वक्त कुछ बुरा नहीं लगता था और न ही इससे सावधान रहने की ज़रुरत महसूस होती थी।” लेकिन उसके बाद इसका स्याह पहलू नज़र आया।

“जब उस लड़के के साथ मेरे बेहद करीबी संबंध बने, तब मैंने महसूस किया कि वह कैसी और किस हद तक पॉर्न वीडियो देखता था। सब लोग जो अश्लील फ़िल्में देखते थे, यह उससे काफ़ी अलग था।”

वह कहती हैं, “जब हम शारीरिक संबंध बनाते थे, उस वक्त भी वह पॉर्न फ़िल्में दिखाता था। उस दौरान मैंने महसूस किया कि वह जो पॉर्न वीडियो देखता था, वह बेहद कामुक और ग्राफिकल होती थी।”

जैसे-जैसे वे दोनों और क़रीब आते गए उन्होंने स्मार्टफोन पर “रेप पॉर्न” देखना शुरू कर दिया।

वह कहती हैं, “वह स्क्रीन पर जो कुछ अश्लील हरकतें देखता था, ठीक वैसा ही वह मेरे साथ करने की कोशिश करता था।”

उन्हें ऐसा लगने लगा कि मानों उनसे यह उम्मीद की जा रही हो कि जिस लड़की का बलात्कार किया जा रहा है, वह बिल्कुल उसी भूमिका को निभाए।

वह कहती हैं, “वह मेरा पहला ब्वॉयफ़्रेंड था और मैंने समझा कि यही सेक्स लाइफ है और मुझे यही सब कुछ करना है।”

हालांकि वह अपने ब्वॉयफ़्रेंड के कहने पर जो कर रही थीं, उसमें उन्हें बिल्कुल मज़ा नहीं आ रहा था। लेकिन उन्हें ऐसा भी महसूस नहीं हुआ कि उन्हें इसके लिए ना कहने का अधिकार है।

उन्होंने सोचा कि वीडियो में जो कुछ दिख रहा था वह सामान्य था क्योंकि उनके ब्वॉयफ़्रेंड ने उन्हें ऐसे कई वीडियो दिखाए थे।

वह कहती हैं, “मैंने सोचा कि शायद मैं सही तरीके से वह सब कुछ नहीं कर पा रही हूं इसलिए मुझे मज़ा नहीं आ रहा है। मुझे नहीं लगा कि मैं कभी इसके लिए ना बोल पाऊंगी।”

डरावना सच
उन्हें इस बात का अंदाज़ा हो गया था कि वह जो वीडियो देखती हैं उनमें से कई बिल्कुल बलात्कार के वीडियो थे। उसमें महिलाएं बेहद परेशान, चीखती-चिल्लाती हुई दिख रही थीं।

“कभी-कभी मैं सोचती थी कि मैं भी उसी हालत में हूं। मैं नहीं जानती कि उसे यह महसूस भी हुआ कि नहीं कि न तो वे महिलाएं अभिनय कर रही थीं और न ही मैं।”

कारेन कहती हैं कि उन्हें अक्सर यह सब कुछ एक डरावने सच की तरह लगा। वह चाहती थी कि यह सबकुछ जल्द ख़त्म हो जाए और उनका ब्वॉयफ्रेंड उन्हें छोड़ दे।

उनके मन में सेक्स और काम-वासना से जुड़े विचार उन पॉर्नोग्राफी से ही बने थे, जिन्हें वह देखती थीं।

उन्होंने यह महसूस किया कि उनकी ज़रुरतें और इच्छाएं अहम नहीं थीं और उनकी भूमिका बस अपने ब्वॉयफ़्रेंड को संतुष्ट करने तक सीमित हो गईं।

वह कहती हैं कि कोई भी महिलाओं की सेक्सुअलिटी के बारे में बात नहीं करता है। सेक्स से जुड़ी सभी बातों में पुरुष की इच्छाओं और उनकी काम प्रवृति ही अहम होती है और एक महिला को वही सब कुछ करना पड़ता है जो उनका पुरुष कहता है।

वह कहती हैं, “महिलाओं के लिए इतनी गुंजाइश नहीं होती है कि वह यह महसूस कर पाए कि वे जिस तरह का यौन संबंध बना रही हैं वह ऐसा नहीं होता या उन्हें यह पसंद नहीं है।”

सलाह की ज़रुरत
बेडरूम के बाहर जो दिक़्कतें हुईं उनकी वजह से उनका संबंध टूट गया, कारेन क़रीब चार साल के बाद अपने अनुभवों के बारे में बात करने के लिए ख़ुद को तैयार कर पाई।

अब वह 20 साल की हो चुकी हैं। करीब आठ महीने की काउंसलिंग के बाद उनमें आत्मविश्वास आया और वह रिश्तों के बारे में सकारात्मक तरीके से सोच पा रही हैं।

वह अपने पहले ब्वॉयफ़्रेंड को दोष नहीं देना चाहती और न ही वह उन्हें एक बलात्कारी समझती हैं।

वह कहती हैं, “मुझे लगता है कि वह काफ़ी भ्रमित थे और उन्होंने ऑनलाइन वैसी कई चीज़ें देख लीं जिनकी उन्हें उम्मीद तक नहीं थी। उन्हें लगा कि यह सब कुछ सामान्य है और उन्होंने पॉर्न वीडियो वाली चीज़ों की नकल इसलिए कि क्योंकि उन्हें भी यही लगा कि इसी तरह की क्रिया को सेक्स कहते हैं।”

....................................(यह रिपोर्ट बीबीसी के सामाजिक मामलों के संवाददाता माइकल बुकानन द्वारा लिए एक साक्षात्कार पर आधारित है।)


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