Sunday, 22 July 2018
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कांग्रेस में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण होगा

नई दिल्ली: कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) और पार्टी की अन्य शाखाओं में महिलाओं का 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का आज संकल्प लिया। राहुल ने 2014 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गठित टीम में शामिल पार्टी के नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ पहली औपचारिक बातचीत के दौरान यह प्रतिबद्धता जाहिर की।

पार्टी के प्रवक्ता भक्त चरण दास ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, गांधी ने एआईसीसी में महिलाओं का 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर बात की। उन्होंने आरक्षण नहीं बल्कि प्रतिनिधित्व की बात की। दास ने कहा, गांधी ने कहा कि महिलाओं की मौजूदगी उस अनुपात में नहीं है, जिसमें वह होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम हैं लेकिन आगामी दो-तीन वर्षों में यह निश्चित ही 50 प्रतिशत तक बढ जाएगा। एआईसीसी के 12 महासचिवों में से अंबिका सोनी एकमात्र महिला हैं जबकि 44 सचिवों में से केवल पांच महिलाएं हैं। गांधी ने पदाधिकारियों विशेषकर महासचिवों एवं सचिवों को यह भी साफ शब्दों में कहा कि जिन लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें जवाबदेह भी बनाया जाएगा।

एआईसीसी में फेरबदल के बाद समिति युवा नजर आ रही है। इसके पदाधिकारियों की औसम आयु 52 वर्ष है। गांधी ने इस मौके पर पार्टी के नेताओं से कहा कि युवाओं को वरिष्ठों का सम्मान करके और उनके अनुभव का फायदा उठाकर आगे बढ़ना चाहिए। गांधी के इस बयान को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच किसी भी प्रकार की गलतफहमी को दूर करने और यह आश्वासन देने का प्रयास माना जा रहा है कि उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि पार्टी को आम लोगों के साथ जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने पार्टी के नेताओं से संगठन को मजबूत करने पर सबसे अधिक ध्यान देने को कहा। पार्टी के एक नेता ने बताया कि गठबंधन के मुद्दे पर बैठक में चर्चा नहीं की गई। उन्होंने बताया कि बैठक में किसी अन्य पार्टी या उसके नेता का कोई जिक्र नहीं किया गया। बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली।

 

यह पूछने पर कि क्या बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात की गई, दास ने कहा, क्या आपको लगता है कि हमें इस तरह की बातों में दिलचस्पी है? हम उन्हें महत्व नहीं देते। हम उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज करते हैं। नए पदाधिकारियों ने उन पर भरोसा जताने और उन्हें संगठन में जिम्मेदारी सौंपने के लिए गांधी का धन्यवाद किया।

 

दास ने कहा, विश्वास करने से ही विश्वास हासिल होता है और हमें लोगों पर विश्वास करना चाहिए। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पिछली कई बैठकों में मिलकर काम करने की जरूरत पर बहुत जोर दिया है। यह पूछने पर कि गांधी पार्टी के पदाधिकारियों के चयन में भूमिका निभा रहे हैं तो क्या यह इस बात का संकेत है कि अब नियंत्रण कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बजाए उनके हाथ में है, दास ने कहा, सोनिया गांधी कांग्रेस की अध्यक्ष हैं। वह सभी के लिए सम्माननीय हैं और हमारी शीर्ष नेता है। यह बैठक ऐसे समय में की गई है जब इस वर्ष मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

 

बैठक में एआईसीसी के महासचिवों और सचिवों के अलावा पार्टी के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा भी मौजूद थे। इस बैठक से पहले गांधी ने विभिन्न राज्यों के प्रभारी महासचिवों से अलग अलग मुलाकात की। उन्होंने खासकर उन राज्यों के प्रभारी महासचिवों से मुलाकात की जहां चुनाव होने वाले हैं। पार्टी नेताओं ने बताया कि गांधी ने पार्टी नेताओं से संगठन को मजबूत करने पर जोर देने और गठबंधन समेत अन्य मुद्दों पर ध्यान न देने को कहा।

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