Thursday, 18 January 2018
Blue Red Green

संस्थाओं को उठाना होगा नारी सुरक्षा का बीड़ा


-निर्भया के जन्मदिन 10 मई को घोषित हो Óमहिला सुरक्षा दिवसÓ
-संपूर्णा ने भारत सरकार के समक्ष रखी डिमांड

नई दिल्ली, 4 मई (ब्यूरो): पूरे देश और दुनिया के सामने महिला उत्पीडऩ और शोषण का पर्याय बनी निर्भया के जन्मदिन (10 मई) के दिन को महिला सुरक्षा दिवस के रूप में घोषित किया जाना चाहिए। इसको लेकर महिला एवं सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। पहल सम्पूर्णा ने की है। उसने संगठन की ओर से 10 मई को महिला सुरक्षा दिवस मनाने का ऐलान किया है। संपूर्णा की अध्यक्ष तरूणा कटारिया एवं पूर्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि निर्भया आज पूरे देश और विश्व के सामने महिला उत्पीडऩ और शोषण का पर्याय बन गयी है। निर्भया के साथ 16 दिसम्बर को जो घटित हुआ वह पूरे समाज के सामने एक प्रश्नचिन्ह है कि आज भी इस देश में महिलाएं कितनी असुरक्षित व भय के साये में जीने के लिए मजबूर हैं।  गुप्ता ने कहा कि 10 मई (निर्भया का जन्मदिन) महिला सुरक्षा दिवस के रूप में घोषित कर देश के महिलाओं की सुरक्षा के प्रति हर वर्ष अपनी प्रतिबद्धता का संकल्प ले, जिससे इस समस्या के समाधान की ओर हम सतत प्रयासरत रहें। उनके मुताबिक दिल्ली महिलाओं को लेकर अपराधों की राजधानी बन गया है।

दिल्ली में लिंग अनुपात को देखें तो यह बहुत ही निराशाजनक विषय है। यह अनुपात 1000 लड़कों पर 866 लड़कियां हैं। मतदाता सूची लिंग अनुपात 1000 लड़कों पर 788 लड़कियां बता रही है। महिलाएं न तो घर में सुरक्षित हैं और न ही घर से बाहर। बच्चे, शारीरिक और मानसिक रूप से अपरिपक्व और वृद्ध महिलाएं लगातार प्रताडि़त और बलात्कार का शिकार हो रहीे हैं।
 गुप्ता ने कहा कि गैंगरेप की शिकार लड़की के परिजनों के साथ उस समय दुख की घड़ी में लगाातार सम्पर्क में रहे और उन्होंने देखा कि किस प्रकार से निर्भया में जीने की जीजिविशा थी। उसने अपनी मां से कहा था कि मां मै जीना चाहती हूँ। किन्तु जिस प्रकार से निर्भया कोश में 100 करोड़ रूपया दिया जाने के बाद भी एक भी मद में एक भी पैसा खर्च नहीं किया गया है।  उससे ऐसा लगता है कि समाजिक संस्थाओं को ही आगे बढ़कर नारी सुरक्षा का बीड़ा उठाना होगा।
सम्पूर्णा की अध्यक्ष तरूणा कटारिया ने कहा कि सम्पूर्णा द्वारा 10 मई को महिला सुरक्षा दिवस मनाया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन कन्वेन्शन हाल एन.डी.एम.सी. विपरीत जन्तर मन्तर पर होगा, जहां विशिष्ट जन अपने मूल्यवान विचारों और अनुभवों से महिलाओं को उनकी सुरक्षा के विभिन्न आयामों से शिक्षित करेंगें। महिलाएं किस तरह अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकती हैं, इसपर भी चर्चा की जाएगी।
सम्पूर्णा कार्यकर्ता मधु दास ने कहा कि बच्चों और महिलाओं पर बढ़ते हुए अपराधों को देखते हुए देश की सरकार को महिला सुरक्षा को एक महत्वपूर्ण बिन्दु बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सम्पूर्णा महिला की सुरक्षा को लेकर बहुत गम्भीर है। लगातार 9 मार्च से दिल्ली के कोने-कोने में प्रशिक्षण के कार्यक्रम कर रही है, और अब 50000 लड़कियों के माध्यम से महिला सुरक्षा के संदेश को घर-घर पहुंचा रहे हैं।  

 

Add comment


Security code
Refresh


Amount of short articles:
Amount of articles links:

Photo Gallery

Poll

सही है, तथ्यों पर आधारित लेख है - 100%
गलत है, धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं - 0%
बता नहीं सकते - 0%