Wednesday, 13 December 2017
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महिलाओं की शर्ट के बटन बाईं ओर क्यों होते हैं?

 

नई दिल्ली : पुरुषों की शर्ट के बटन हमेशा दाईं जबकि महिलाओं की शर्ट के बटन हमेशा बाईं ओर लगे होते हैं। क्या आप जानते हैं कि वास्तव में ऐसा क्यों होता है। क्या इसके पीछे कोई दिनचर्या से जुड़ा कारण है या शारीरिक बनावट से जुड़ा कोई कारण है या कोई ऐतिहासिक कारण है। जानिये, इसके पीछे अब तक क्या-क्या तर्क दिये गये हैं।

पहला तर्क

 

 

कहा जाता है कि पहले आदमी अपने कपड़े खुद पहनते थे, जबकि महिलाएं कपड़े खुद नहीं पहनती थीं। उस समय अधिकांश लोग दाहिने हाथ से काम करते थे, सामने खड़े होकर बटन लगाने में दिक्कत ना हो इसलिये महिलाओं के कपड़ों के बटन बाईं ओर लगाए जाते थे।

दूसरा तर्क

पुरुषों को बटन बंद करने या खोलने के लिए बाएं हाथ का सहारा लेना पड़ता था, इसलिए उनके शर्ट में दाईं तरफ बटन होते हैं। जबकि महिलाओं को साथ इसका उल्टा होता है, इसलिए महिलाओं के कपड़े में बाईं तरफ बटन होते हैं।

तीसरा तर्क

 

पहले महिलाओं और पुरुषों के कपड़ों में कई विभिन्नताएं होती थी, लेकिन अब काफी समानता आ गई है, इसलिए महिलाओं और पुरुषों के कपड़ों में थोड़ा अंतर रखने के लिए भी ऐसा किया जाने लगा।

चौथा तर्क

कुछ इतिहास से जुड़े तथ्यों के मुताबिक महिलाओं के कपड़ों में बटन बाईं ओर लगाने का आदेश नेपोलियन बोनापार्ट ने दिया था। इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि नेपोलियन एक खास अदा में हमेशा अपना एक हाथ शर्ट में डालकर खड़े होते थे, लेकिन महिलाएं इसका मजाक बनाने लगी थी। जब ये बात नेपोलियन को पता चली तो उन्होंने महिलाओं को रोकने के लिये कपड़ों में बटन बाईं ओर लगाने लिये के आदेश दे दिए।

महिलाओं को हाईटेक बनाने की पहल

    भोपाल, : महिलाओं में इन्टरनेट एवं कम्प्यूटर के उपयोग को बढ़ावा देने एवं उनमें इसके प्रति जागरूकता लाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने मध्यप्रदेश की पांच लाख महिलाओं को इन्टरनेट प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से विशेष अभियान की शुरूआत की है।
    एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इसे ई-शक्ति अभियान नाम दिया गया है। इसमें रोजमर्रा के जीवन में डिजिटल, इन्टरनेट एवं कम्प्यूटर के उपयोग से होने वाले फायदों से महिलाओं को अवगत करवाया जा रहा है। यह अभियान गूगल इंडिया के सहयोग से मेप-आईटी द्वारा संचालित है।
    आम तौर पर कामकाजी महिलाएँ अपनी ड्यूटी से संबंधित कामकाज और गृहणियाँ अपने घर-परिवार के काम से सरोकार रखती हैं। पर अब यही महिलाएँ लैपटॉप-कम्प्यूटर के की-बोर्ड और माउस पर भी अपने हाथ आजमा रही हैं। प्रदेश में ई-शक्ति अभियान के जरिए महिलाओं में डिजिटल तथा इंटरनेट साक्षरता के लिए अभियान की शुरूआत हो गई है। डिजिटल मध्घ्यप्रदेश की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
    ई-शक्ति अभियान के पहले चरण में प्रदेश में एक लाख 59 हजार से अधिक महिलाओं को कम्प्यूटर का बेसिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण का काम जारी है। अभी तक भोपाल सहित प्रदेश के 20 जिले ..... इंदौर, मुरैना, सिंगरौली, उज्जैन, रीवा, शाजापुर, शिवपुरी, आगर-मालवा एवं खरगौन आदि जिले में प्रशिक्षण का काम शुरू किया जा चुका है।

    अभियान में इंटरनेट की मूलभूत बातों जैसे- मोबाइल लैपटॉप पर इंटरनेट ब्राउज़ करना, खोज विकल्प का उपयोग करना, ऑनलाइन वीडियो खोजने तथा देखने के लिए यू-ट्यूब का उपयोग, ई-मेल का परिचय तथा ई-मेल अकाउंट प्रारंभ करना और मेल तथा सोशल मीडिया और त्वरित संदेश के बारे में जागरूकता आदि विषयों को शामिल किया गया है। सभी विषयों पर वीडियो तथा ट्यूटोरियल लाइव प्रदर्शनों द्वारा जानकारी दी जाती है।
    अभियान के लक्षित प्रशिक्षणार्थी समूह में महिला-बाल विकास की आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं सुपरवाइजर, स्वास्थ्य विभाग की महिला ए.एन.एम. एवं आशा कार्यकर्ता, स्कूल शिक्षा की महिला शिक्षक एवं हायर सेकेण्ड्री की छात्राएँ, उच्च शिक्षा की महिला प्राध्यापक एवं छात्राएँ, पुलिस की महिला आरक्षक एवं महिलाकर्मी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास की महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य, नगर निगम की महिलाकर्मी तथा किसान-कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की महिला किसान मित्र :किसान दीदी: आदि शामिल हैं।
    प्रशिक्षण सरल हिन्दी में गूगल टीम द्वारा मेप-आईटी के सहयोग से दिया जा रहा है। इसके लिए गूगल इंडिया ने जिलेवार टीम गठित की है।
    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के मेप-आई.टी. एवं महिला-बाल विकास विभाग द्वारा समन्वय से अभियान का संचालन किया जा रहा है। जिला-स्तर पर अपर कलेक्टर नोडल अधिकारी एवं जिला ई-गवर्नेंस मैनेजर सहायक नोडल अधिकारी है। प्रत्येक जिले में अभियान की कार्य-योजना बनाई गई है।

प्रेमी जोड़ों की जबरन शादी कराएगी हिंदू महासभा!

हरीश शर्मा

मेरठ। 14 फरवरी यानी वैलेंटाइन डे को लेकर हिंदू महासभा ने अनोखा ऐलान किया है हिंदू महासभा के लोगों का कहना है कि 14 फरवरी को अगर कोई प्रेमी जोड़ा हाथों में हाथ डाले मिला तो उसकी शादी करा दी जाएगी और उसकी शादी का सारा खर्चा हिंदू महासभा उठाएगी। इससे पहले हिंदू महासभा के कुछ अन्य पदाधिकारियों ने कहा था कि अगर सोशल मीडिया पर भी किसी ने प्यार का इजहार किया तो उनकी भी शादी करा दी जाएगी।

हालांकि अब महासभा के लोग उसका जवाब देने से कन्नी काट रहे हैं, भारतीय संस्कृति के इन कथित ठेकेदारों का कहना है कि दिल्ली में सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए हिंदू महासभा ने आठ टीमों का गठन किया हैं।

साथ ही अगर वेलेंटाइन डे के दिन अगर किसी भी मॉल या रेस्टोरेंट में अगर कोई भी जोड़ा दिखाई दिया तो उन्हें सजा दी जाएगी और हिंदू रिति-रिवाजों के मुताबिक उनकी शादी करा दी जाएगी। इन लोगों का कहना है कि वेलेंटाइन के दिन लड़के-लड़कियों के हाथों में अगर गुलाब दिखा तो उन्हें पकड़ लिया जाएगा।

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