Wednesday, 13 December 2017
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टीम इंडिया को जरूरत है साहसी युवाओं की: महेंद्र सिंह धोनी

कैनबरा: अपनी पदार्पण सीरीज में ही बरिंदर सरन और मनीष पांडे को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है लेकिन भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि शानदार फॉर्म में चल रहे ऑस्ट्रेलिया के सामने उन्हें उतारने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि टीम को साहसी युवाओं की जरूरत है।

 

 

ऑस्ट्रेलिया ने 5 वनडे मैचों की सीरीज में 3-0 की विजयी बढ़त बना ली है। युवाओं ने बेहतरीन प्रदर्शन नहीं किया है लेकिन धोनी का मानना है कि इतनी जल्दी उनके प्रदर्शन का आकलन करना गलत है। सरन ने 3 मैचों में 3 विकेट लिए जबकि पांडे पिछली मैच में 6 रन ही बना सके।

धोनी ने कहा, यदि आपको देश के लिए खेलने का मौका मिला है तो हालात चाहे जो हो, यह ज्यादती नहीं है। बतौर कप्तान आपको युवाओं को यही सीख देनी होती है। उन्होंने कहा, 5वें या छठे नंबर के बल्लेबाजों को अंत तक खेलने की सोचना चाहिए और यदि वे अच्छा खेल रहे हैं और अंत तक नाबाद है तो अच्छा है। आप टीम में इसी तरह का माहौल चाहते हैं। धोनी ने कहा कि अभी तक के प्रदर्शन से उनकी प्रतिभा की बानगी नहीं मिली है लेकिन उनके जज्बे का पता चला है।

धोनी ने कहा, पांडे, मान और धवन को बड़े शॉट खेलने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। जब आप कठिन मैच खेलते हैं तो आपको सामान्य वनडे की तुलना में अधिक अनुभव मिलता है। उन्होंने कहा, आप उनके प्रदर्शन की समीक्षा नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने 12 से 15 गेंद ही खेली है लेकिन इन गेंदों को खेलने के आधार पर उनके जज्बे का पता चलता है।

उन्होंने कहा, आपको इसी को प्रोत्साहित करना है। आपको टीम में साहसी लोगों की जरूरत है। हार जीत तो चलती रहती है लेकिन आपको टीम में शानदार जज्बे वाले लोग चाहिए। उन्होंने कहा, यदि आप इस सीरीज में टीम को देखें तो गेंदबाजी अनुभवहीन है। ईशांत शर्मा ने काफी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेली है लेकिन वह लगातार टीम में नहीं रहा है। उमेश यादव का भी वही हाल है और कई गेंदबाज तो यहां पदार्पण कर रहे हैं। धोनी ने कहा, हमें यह आकलन करना होगा कि वे कैसा खेल रहे हैं और उनकी प्रगति की दर क्या है। मैं हमेशा कहना आया हूं कि आपको युवाओं को तैयार करना होगा। हमें मुकम्मिल खिलाड़ी नहीं मिलेंगे बल्कि हमें उन्हें तैयार करना होगा ताकि वे लंबे समय तक खेल सकें।

जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप भारत के लिए अहमः कोच

 
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नई दिल्लीः भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच ग्रेग क्लार्क ने कहा कि आगामी एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप देश की खोई प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए अहम साबित होगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय की रणनीति बनाना ही लगातार अच्छा परिणाम हासिल करने का एकमात्र तरीका है।

क्लार्क ने कहा, 'भारत ने बीते समय में काफी ओलिंपिक पदक जीते हैं। भारतीय हॉकी में आपको उसी इतिहास को दोहराना है। आपको कहीं न कहीं से शुरुआत करनी होगी। शायद यह वर्ल्ड कप इसकी शुरुआत हो। हम सिर्फ उम्मीद कर सकते हैं।

चैम्पियंस लीग : बल्लेबाजों ने मुम्बई को सेमीफाइनल में पहुंचाया

  नई दिल्ली: मुम्बई इंडियंस टीम ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) चैम्पियन होने का पूरा मान रखते हुए पर्थ स्कॉचर्स को छह विकेट से हराकर चैम्पियंस लीग-2013 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है।

स्कॉचर्स ने फिशाह कोटला मैदान पर खेले गए इस मैच में मुम्बई के सामने 20 ओवरों में 150 रनों का लक्ष्य रखा था। दरअसल, मुम्बई के सामने 14.2 ओवरों में इतने रन बनाने की चुनौती थी क्योंकि तभी वह नेट रन रेट के आधार पर ओटागो वोल्ट्स से आगे निकल पाते।

मुम्बई ने इस लक्ष्य को 13.2 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। ग्रुप-ए से मुम्बई के अलावा राजस्थान रॉयल्स सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। मुम्बई के खाते में चार मैचों से 10 अंक हो गए हैं और उनका नेट रन रेट भी ओटागो वोल्ट्स से बेहतर हो गया है।

मुम्बई की टीम ने ड्वेन स्मिथ (48 रन, 25 गेंद, पांच चौके, तीन छक्के) की शानदार पारी की मदद से शानदार शुरुआत की। स्मिथ ने सचिन तेंदुलकर (0) का विकेट 16 के कुल योग पर गिरने के बाद ग्लेन मैक्सवेल (10) के साथ दूसरे विकेट के लिए 12 गेदों पर 18 रन जोड़े।

मैक्सवेल का विकेट 34 के कुल योग पर गिरा। इसके बाद कप्तान रोहित शर्मा (नाबाद 51), स्मिथ का साथ देने आए। दोनों ने 6.2 ओवरों में ही स्कोर को 62 तक पहुंचा दिया। स्मिथ एक शानदार कैच पर इसी योग पर आउट हुए।

स्मिथ का विकेट गिरना मानो मुम्बई के लिए अच्छा साबित हुआ क्योंकि नए बल्लेबाज केरोन पोलार्ड (23) के विकेट पर आने के बाद रोहित ने टीम की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और ताबड़तोड़ चौके और छक्के लगाए।

रोहित ने 23 गेंदों पर तीन चौकों और चार शानदार छक्कों की मदद से 50 रन पूरे किए। पोलार्ड 137 के कुल योग पर आउट हुए। पोलार्ड ने 18 गेदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया। उन्होंने कप्तान के साथ चौथे विकेट के लिए 37 गेंदों पर 65 रन जोड़े।

अब रोहित का साथ देने अंबाती रायडू आए। रायडू ने ब्रैड हॉग द्वारा फेंके गए पारी के 14वें ओवर की पहली और दूसरी गेंद पर लगातार दो छक्के लगाकर अपनी टीम को जीत दिला दी। रायडू ने चार गेंदों पर नाबाद 14 रन बनाए।

इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी स्कॉचर्स ने सैम व्हाइटमैन (नाबाद 51) की शानदार पारी की मदद से 20 ओवरो में छह विकेट पर 149 रन बनाए। व्हाइटमैन ने 32 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।

स्कॉचर्स की शुरुआत अच्छी रही। एस्टन एगर (35) और कप्तान साइमन कैटिच (13) ने पहले विकेट के लिए 56 गेंदों पर 55 रन जोड़े।

एगर का विकेट 55 के कुल योग पर प्रज्ञान ओझा ने लिया। एगर ने 40 गेंदों पर छह चौके लगाए। कप्तान कैटिच को ओझा ने एक नीची गेंद पर 56 के कुल योग पर चलता किया। कैटिच ने 19 गेंदों का सामना किया।

इसके बाद अपना पहला मैच खेल रहे व्हाइटमैन और हिल्टन कार्टराइट (28) ने तीसरे विकेट के लिए 34 गेंदों पर 58 रन जोड़ते हुए स्कोर को 114 तक पहुंचा दिया।

दोनों काफी लय में दिख रहे थे लेकिन नेथन कोल्टन नील ने पारी के 16वें ओवर में एक बार फिर मुम्बई को वापसी करते हुए कार्टराइट और एल्टन टर्नर (0) को आउट कर दिया। कार्टराइट ने 20 गेंदों पर चार चौके लगाए। टर्नर का विकेट 114 रन के कुल योग पर गिरा।

इसके बाद व्हाइटमैन और मार्कस नॉर्थ (3) ने स्कोर को 130 तक पहुंचाया। नॉर्थ को नील ने केरोन पोलार्ड के हाथों कैच कराया।

टॉम ट्रिफिथ (1) 143 के कुल योग पर आउट हुए जबकि जेसन बेहरेनदोर्फ एक रन पर नाबाद लौटे। मुम्बई की ओर से नील ने चार ओवरों में 19 रन देकर तीन विकेट लिए। ओझा ने दो ओवर में 17 रनों पर दो सफलता हासिल की।

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