Tuesday, 19 June 2018
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पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए चाहिए ज्यादा बजट

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (ब्यूरो): पंजाब ने आज केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय प्रभाव सम्बन्धी कुछ अपराधों के मामले में केन्द्र सरकार के जांच के नए कानून और प्रक्रिया लागू करने के प्रयासों का कड़ा विरोध किया। साथ ही इसको राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र पर जबरी कब्जा करार दिया है, और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए बड़े स्तर पर फंड मुहैया करवाए जाने की जोरदार वकालत की है। आज यहां नई दिल्ली में द्वितीय प्रशासकीय सुधार आयोग सम्बन्धी केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की अध्यक्षता में हुई मुख्य मंत्रियों की कांफ्रैंस में भाग लेते हुए पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने इस बात  पर बल दिया कि ऐसी दखल अंदाजी न केवल पुलिस व्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगी बल्कि इससे राष्ट्रीय हितों की भी क्षति होगी। उन्होंने कहा कि नए कानून बनाए जाने की बजाए अन्तर्राज्यीय  और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालने वाले अपराधों को रोकने के लिए बड़े स्तर पर फंड मुहेैया करवाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन अपराधों में संस्थागत अपराध, आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनती कार्रवाईयां, हथियारों और मानव तस्करी, देश द्रोही, अतंर्राज्यीय प्रभाव वाले प्रमुख अपराध, अहम सार्वजनिक हस्तियों क ी हत्या या हत्या के प्रयास सहित गंभीर आर्थिक अपराध शामिल हैं।
     उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अमेरिका से सबक लेना चाहिए जिसने न्यूयार्क मेें इकलौते आतंकवादी हमले के पश्चात आतंकवाद विरूद्ध जबरदस्त कार्रवाई की। उन्होंने रोष व्यक्त किया कि इसके विपरीत हमारे देश में गंभीर अपराधों को रोकने के लिए नाममात्र ही फंड रखे जाते हैं और यह फंड भी गत वर्षों के दौरान आगे से घटा कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि पहले केन्द्र सरकार पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 75 फंड जारी करती थी जिसको घटा कर अब साठ प्रतिशत पर लाया गया है। राज्य पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए केन्द्र बजट में भारी बढ़ौतरी की मांग करते हुए बादल ने सुझाव दिया कि राष्ट्र को विदेशों से वित्तीय सहायता प्राप्त आतंकवादियों या संस्थागत अपराध सिंडीकेटों से सुरक्षित रखने के लिए पुलिस के आधुनीकीकरण के लिए समूचा फंड केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाना चाहिए।
     बादल ने बताया कि पंजाब ऐसा पहला राज्य है, जिसने राईट टू सर्विस एक्ट लागू करके 84 से भी अधिक दैनिक जनसेवाओं को इसके दायरे में लाए हैं। उन्होंने कहा कि इस एक्ट की महत्ता के मध्यनजर केन्द्र सरकार भी इस मॉडल को अपनाते हुए कुछ चयनित सेवाएं आम लोगों के लिए मुहैया करवाने जा  रही है। उप मुख्यमंत्री ने पंजाब में रात्रि के समय गश्त को ओर प्रभावशाली बनाने के लिए अलग पुलिस दस्ते कायम कर दिये हैं, जो सम्पूर्ण तौर पर रात्रि क ी पुलिस गश्त को समर्पित होंगें। पंजाब के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 2007 में पास किये गये पंजाब पुलिस एक्ट द्वारा पुलिस सुधारों सम्बन्धी अधिकतर सिफारिशें पहले ही लागू कर दी गई हैं। पांचवी रिपोर्ट की अधिकतर सिफारिशें जिनमें अपराध को तफदीश से अलग करना, राज्य पुलिस बोर्ड की स्थापना, पुलिस कर्मचारियों के कल्याण और शिकायत निवारण व्यवस्था, पुलिस शिकायत अथार्टी और पुलिस प्रशिक्षण को पहले ही पंजाब पुलिस एक्ट द्वारा लागू कर दिया गया है।
      बादल ने बताया कि पंजाब में 338 महिला सब इंस्पैक्टरों और 1200 लेडी कांस्टेबलों की आगामी तीन वर्षों के दौरान पड़ाव बार भर्ती की प्रक्रिया आरम्भ हो गई है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त तरक्की के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए छ: महिला डीएसपी और छत्तीस लेडी पुलिस इंस्पैक्टरों के पदों को स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि इसका उद्धेश्य राज्य की पुलिस में महिलाओं के अनुपात में सुधार लाना है।
बादल ने पुलिस कांस्टेबल के पद को समाप्त करने सम्बन्धी सिफारिश का विरोध करते हुए सुझाव दिया कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाये और उनका बेहतर प्रशिक्षण और कल्याण कदमों द्वारा सशक्तिकरण किया जाये। बादल ने जेलों के आधुनिकीकरण, उनमें जैमर और क्लोज सर्कट कैमरे लगाए जाने और जेलों को वीडियों कांफ्रैं सिंग जरिए अदालतों से से जोडऩे के लिए पूर्ण केन्द्रीय फंडों की मांगे करते हुए कहा कि वर्ष 2009 में समाप्त हुए जेलों के आधुनीकीकरण के वार्षिक प्लान को जारी रखा जाये।

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