Wednesday, 13 December 2017
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शिवसेना का बीजेपी पर वार, पेड़ों पर नहीं उगते सहयोगी : उद्धव ठाकरे

मुंबई: जेडीयू से नाता टूटने के बाद एनडीए के बिखरते कुनबे पर शिवसेना की तरफ से सामना में कड़ा लेख लिखा गया है। शिवसेना ने बीजेपी से पूछा है कि वह बताए कि एनडीए का कुनबा कहां से बढ़ाया जाएगा, नए दोस्त कहां से आएंगे। यही नहीं शिवसेना ने एनडीए के वजूद पर ही सवाल उठाए हैं, और आडवाणी की उस सलाह पर भी चुटकी ली है, जिसमें उन्होंने दूसरे दलों को एनडीए में जोड़ने की सलाह दी है।

सामना में लिखा गया है कि वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी ने सलाह दी है कि नए मित्र जोड़िए। क्या वे कोई फसल हैं कि बीज बोये और हर साल उगते रहें? मित्र किसी वृक्ष की तरह होते हैं, जिन्हें संजोना पड़ता है। अगर छाया और फल देने वाले वृक्ष को तोड़ा जाने लगा तो नए मित्र आएंगे कहां से?

17 साल से बीजेपी का साथ देनेवाली जेडीयू साथ छोड़कर गई, नए मित्र जोड़ने के बजाय जो थे वही छोड़कर जा रहे हैं। अब एनडीए में बचा कौन है? शिवसेना, अकाली दल और बीजेपी। पंजाब से 13 सांसद चुनकर आते हैं और अकाली दल यहां पर चार-पांच से आगे जाती नहीं है।

क्या बीजेपी अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ पाएगी। अगर नहीं तो राष्ट्रीय स्तर पर उसके नए साथी कौन हैं या जाहिर किए जाने चाहिए। क्या ममता बीजेपी का साथ देगी? क्या उड़ीसा में नवीन पटनायक फिर से एनडीए में आएंगे? क्या येदियुरप्पा को मनाया जाएगा? क्या जगन कांग्रेस एनडीए के साथ आएंगे? जयललिता की मोदी के साथ भले ही दोस्ती है, लेकिन क्या वह एनडीए में आएंगी?

आजकल कोई किसी का न तो दोस्त होता है और न ही दुश्मन। अगर दोस्ती सच्ची हो तो दोस्ती बढ़ती है। आडवाणी की सलाह के बाद तो हमारे मित्रों को सावधान हो जाना चाहिए। अपमान और कपट से टूटी दोस्ती कभी जोड़ी नहीं जा सकती और वह न टूटे इसकी जिम्मेदारी मित्रों को लेनी चाहिए।

अमित शाह के हाथ यूपी की कमान

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव नजदीक आते-आते बीजेपी ने अपनी रणनीति पर तेजी से अमल करना शुरू कर दिया है। इसी के तहत पार्टी में लोकप्रिय चेहरा बने नरेंद्र मोदी के करीबियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। पार्टी ने मोदी के करीबी अमित शाह को यूपी की बागडोर सौंपी है। इसके अलावा वरुण गांधी को पश्चिम बंगाल बीजेपी का प्रभारी बनाया गया है।

भारतीय जनता पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव और हिंदी पट्टी के कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राज्यों के प्रभारियों और सह प्रभारियों के नामों का आज ऐलान कर दिया। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले अमित शाह को सबसे महत्वपूर्ण और बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की बागडोर सौंपी गई है। वरिष्ठ नेता अनंत कुमार को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। राज्यसभा सदस्य जे पी नड्डा को छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने राज्यों के प्रभारियों के अलावा विभिन्न मोर्चा और प्रकोष्ठों के प्रभारियों और सहप्रभारियों की भी घोषणा की है। राजनाथ ने पिछले महीने घोषित की गई अपनी नई टीम मे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्रीय राजनीति मे उतारने के बाद उनके करीबी माने जाने वाले गुजरात के नेता अमित शाह को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए सबसे बड़े और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश की बागडोर सौंपी है।

शाह को इससे पहले पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया था उन पर गोधरा के बाद गुजरात मे हुए दंगों में शामिल होने का आरोप है। उनके साथ त्रिवेन्द्र सिंह रावत, रामेश्वर चैरसिया और सत्येन्द्र कुशवाहा को सह प्रभारी बनाया गया है जबकि स्मृति ईरानी को गोवा एवं एस एस अहलूवालिया को असम का प्रभार सौंपा गया है।

राजनाथ की नई टीम की तरह प्रभारियों की टीम में भी मोदी की छाया साफ दिखाई देती है। यह भी साफ हो गया है कि पार्टी का लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश पर विशेष जोर रहेगा। पार्टी अध्यक्ष ने बंडारू दत्तात्रेय को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। साथ ही उन्हें केरल का प्रभारी बनाया गया है। दत्तात्रेय अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री थे।

इसके अलावा सांसद भूपेंद्र यादव और पार्टी नेता किरीट सोमैया को राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने तक प्रदेश बीजेपी को विशेष सहयोग देने की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्थान में राज्य विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस राज्य के लिए बीजेपी में कप्तान सिंह को प्रभारी बनाया गया है। श्रीकांत शर्मा को राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी एक बार फिर सौंपी गई है। उन्हें आगामी लोकसभा चुनाव के लिए भी मीडिया का विशेष कार्यभार दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रामपति राम त्रिपाठी को झारखंड का प्रभारी बनाया गया है। त्रिपाठी को पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह का प्रभारी बनाया गया है।राजीव प्रताप रूढ़ी को हाल में पार्टी का महासचिव बनाया गया है। उन्हें महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया गया है जहां पिछले कई साल से कांगेस-एनसीपी सत्ता में हैं।

दिल्ली के पूर्व मंत्री जगदीश मुखी को बीजेपी का हरियाणा प्रभारी बनाया गया है जबकि राज्यसभा सदस्य धर्मेंद्र प्रधान को बिहार का जिम्मा सौंपा गया है। पार्टी के उपाध्यक्ष बलवीर पुंज को हिमाचल प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है जबकि वरिष्ठ नेता थावर चंद गहलोत को कर्नाटक का जिम्मा सौंपा गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार को पंजाब का प्रभार सौंपा गया है।

 

नए चेहरों में नलिन कोहली को मिजोरम को जिम्मा सौंपा गया है। कोहली के पिता अमोलक रतन कोहली कभी मिजोरम के राज्यपाल हुआ करते थे। श्रीकांत शर्मा पार्टी के मीडिया प्रकोष्ठ के संयोजक बने रहेंगे। वह प्रवक्ताओं एवं पत्रकारों के बीच समन्वय का काम करते हैं।

बीजेपी की दिल्ली इकाई के पूर्व प्रमुख विजेंद्र गुप्ता को शहरी स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया है। पार्टी के उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी को बीजेपी की कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है। मृदुला सिन्हा को महिला मोर्चा का प्रभारी जबकि पी मुरलीधर राव को युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। मोर्चा प्रभारी मोर्चा अध्यक्षों से अलग होते हैं।

पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए चाहिए ज्यादा बजट

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (ब्यूरो): पंजाब ने आज केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय प्रभाव सम्बन्धी कुछ अपराधों के मामले में केन्द्र सरकार के जांच के नए कानून और प्रक्रिया लागू करने के प्रयासों का कड़ा विरोध किया। साथ ही इसको राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र पर जबरी कब्जा करार दिया है, और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए बड़े स्तर पर फंड मुहैया करवाए जाने की जोरदार वकालत की है। आज यहां नई दिल्ली में द्वितीय प्रशासकीय सुधार आयोग सम्बन्धी केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की अध्यक्षता में हुई मुख्य मंत्रियों की कांफ्रैंस में भाग लेते हुए पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने इस बात  पर बल दिया कि ऐसी दखल अंदाजी न केवल पुलिस व्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगी बल्कि इससे राष्ट्रीय हितों की भी क्षति होगी। उन्होंने कहा कि नए कानून बनाए जाने की बजाए अन्तर्राज्यीय  और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालने वाले अपराधों को रोकने के लिए बड़े स्तर पर फंड मुहेैया करवाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन अपराधों में संस्थागत अपराध, आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनती कार्रवाईयां, हथियारों और मानव तस्करी, देश द्रोही, अतंर्राज्यीय प्रभाव वाले प्रमुख अपराध, अहम सार्वजनिक हस्तियों क ी हत्या या हत्या के प्रयास सहित गंभीर आर्थिक अपराध शामिल हैं।
     उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अमेरिका से सबक लेना चाहिए जिसने न्यूयार्क मेें इकलौते आतंकवादी हमले के पश्चात आतंकवाद विरूद्ध जबरदस्त कार्रवाई की। उन्होंने रोष व्यक्त किया कि इसके विपरीत हमारे देश में गंभीर अपराधों को रोकने के लिए नाममात्र ही फंड रखे जाते हैं और यह फंड भी गत वर्षों के दौरान आगे से घटा कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि पहले केन्द्र सरकार पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 75 फंड जारी करती थी जिसको घटा कर अब साठ प्रतिशत पर लाया गया है। राज्य पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए केन्द्र बजट में भारी बढ़ौतरी की मांग करते हुए बादल ने सुझाव दिया कि राष्ट्र को विदेशों से वित्तीय सहायता प्राप्त आतंकवादियों या संस्थागत अपराध सिंडीकेटों से सुरक्षित रखने के लिए पुलिस के आधुनीकीकरण के लिए समूचा फंड केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाना चाहिए।
     बादल ने बताया कि पंजाब ऐसा पहला राज्य है, जिसने राईट टू सर्विस एक्ट लागू करके 84 से भी अधिक दैनिक जनसेवाओं को इसके दायरे में लाए हैं। उन्होंने कहा कि इस एक्ट की महत्ता के मध्यनजर केन्द्र सरकार भी इस मॉडल को अपनाते हुए कुछ चयनित सेवाएं आम लोगों के लिए मुहैया करवाने जा  रही है। उप मुख्यमंत्री ने पंजाब में रात्रि के समय गश्त को ओर प्रभावशाली बनाने के लिए अलग पुलिस दस्ते कायम कर दिये हैं, जो सम्पूर्ण तौर पर रात्रि क ी पुलिस गश्त को समर्पित होंगें। पंजाब के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 2007 में पास किये गये पंजाब पुलिस एक्ट द्वारा पुलिस सुधारों सम्बन्धी अधिकतर सिफारिशें पहले ही लागू कर दी गई हैं। पांचवी रिपोर्ट की अधिकतर सिफारिशें जिनमें अपराध को तफदीश से अलग करना, राज्य पुलिस बोर्ड की स्थापना, पुलिस कर्मचारियों के कल्याण और शिकायत निवारण व्यवस्था, पुलिस शिकायत अथार्टी और पुलिस प्रशिक्षण को पहले ही पंजाब पुलिस एक्ट द्वारा लागू कर दिया गया है।
      बादल ने बताया कि पंजाब में 338 महिला सब इंस्पैक्टरों और 1200 लेडी कांस्टेबलों की आगामी तीन वर्षों के दौरान पड़ाव बार भर्ती की प्रक्रिया आरम्भ हो गई है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त तरक्की के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए छ: महिला डीएसपी और छत्तीस लेडी पुलिस इंस्पैक्टरों के पदों को स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि इसका उद्धेश्य राज्य की पुलिस में महिलाओं के अनुपात में सुधार लाना है।
बादल ने पुलिस कांस्टेबल के पद को समाप्त करने सम्बन्धी सिफारिश का विरोध करते हुए सुझाव दिया कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाये और उनका बेहतर प्रशिक्षण और कल्याण कदमों द्वारा सशक्तिकरण किया जाये। बादल ने जेलों के आधुनिकीकरण, उनमें जैमर और क्लोज सर्कट कैमरे लगाए जाने और जेलों को वीडियों कांफ्रैं सिंग जरिए अदालतों से से जोडऩे के लिए पूर्ण केन्द्रीय फंडों की मांगे करते हुए कहा कि वर्ष 2009 में समाप्त हुए जेलों के आधुनीकीकरण के वार्षिक प्लान को जारी रखा जाये।


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