Wednesday, 17 October 2018
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सरबजीत की हालत नाजुक

-चिकित्सा सुविधा देने को तैयार भारत
नई दिल्ली (ब्यूरो) : भारत ने सोमवार को पाकिस्तान से कहा कि वह सरबजीत सिंह को रिहा कर दे। पड़ोसी देश की लाहौर जेल में कैद सरबजीत पर कुछ अन्य कैदियों ने जानलेवा हमला किया, जिसके बाद से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। भारत ने इस हमले की भलीभांति जांच कराने की मांग भी की है ताकि दोषियों को दंड सुनिश्चित हो सके। भारत सरकार ने पाकिस्तान से 49 वर्षीय सरबजीत को भारत वापस भेजने के बारे में विचार करने के लिए कहा है ताकि वह भारत में उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ चिकित्सकीय उपचार हासिल कर सके। सरबजीत का इलाज कर रहे डाक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बतायी है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह सरबजीत के परिवार वालों की पीडा साझा करता है और कहा कि परिवार वालों के साथ उनकी दुआएं हमेशा रहेंगी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हाल की त्रासदीपूर्ण घटनाओं और मौजूदा हालात के मददेनजर हम एक बार फिर पाकिस्तान सरकार से अपील करते हैं कि वह सहानुभूतिपूर्ण और मानवीय रवैया अपनाये और सरबजीत सिंह को रिहा कर दे। मंत्रालय ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की जेलों में बंद सभी भारतीय कैदियों की सुरक्षा का जिम्मा पाकिस्तान सरकार का है। इस बीच मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी लाहौर स्थित जिन्ना अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों के लगातार संपर्क में बने हुए हैं। इससे पहले गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने यहां संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘हमारी कोशिश होगी और हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि सरबजीत सिंह को उचित चिकित्सकीय उपचार मिले चाहे पाकिस्तानी डाक्टर उसका इलाज करें या फिर विदेश से चिकित्सकीय विशेषज्ञ बुलाने पडें। यदि हमारी ओर से किसी तरह की सहायता की आवश्यकता है तो हम पूर्ण चिकित्सकीय मदद मुहैया कराने को तैयार हैं।’
उन्होंने कहा कि सरबजीत अत्यंत गंभीर हालत में हैं और उसके परिवार वालों की मांग है कि सरबजीत को भारत भेजना चाहिए। यह ऐसा मुद्दा है जो भारत राजनयिक जरिये से पाकिस्तानी अधिकारियों के समक्ष उठा सकता है। सिंह ने कहा कि प्राथमिकता यह है कि सरबजीत ठीक हो जाए। उसकी ठीक से देखरेख हो। उसे जो भी चिकित्सकीय उपचार चाहिए, मिले। हम उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर लगातार संपर्क में हैं। कोट लखपत जेल में सरबजीत पर हुए बर्बर हमले को सिंह ने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
सरबजीत गंभीर रूप से जख्मी है और कोमा में है। 49 वर्षीय सरबजीत पर कोट लखपत जेल में उसके साथ रहने वाले छह अन्य कैदियों ने जानलेवा हमला किया। सरबजीत के सिर की हडडी टूट गयी है। सरबजीत का इलाज कर रहे डाक्टरों का कहना है कि उसके बचने की संभावना काफी कम है।
सरबजीत के सिर पर ईंटों से हमला किया गया। उसके शरीर पर धारदार हथियारों के गहरे निशान हैं। उसे फिलहाल जिन्ना अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है।

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