LOADING

Type to search

‘गांधी परिवार के अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे पंजाबी’

देश पंजाबी न्यूज

‘गांधी परिवार के अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे पंजाबी’

Share


— इमरजेंसी के खिलाफ लड़ाई में अकाली दल अग्रणी था : सुखबीर बादल
–लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेगा

(अदिती सिंह )

नई दिल्ली, 25 जून : शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा कि पंजाब तथा पंजाबी आज के दिन 1975 में लगाई गई इमरजेंसी के कारण इस दिन को ‘काले दिवस के तौर पर मनाना जारी रखेंगे। साथ ही कांग्रेस पार्टी तथा गांधी परिवार द्वारा सिखों पर बार-बार किए गए अत्याचारों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा करवाए गए एक समागम में पहुंचे बादल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सभी ताकतें अपने हाथ में लेकर लोकतंत्र का गला घोट दिया था। शिरोमणी अकाली दल के पास सिवाए इस बेइंसाफी के विरूद्व लडऩे के और कोई विकल्प नहीं छोड़ा था। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी पूरे देश में लगी थी, पर यह सिर्फ अकाली दल ही था, जिसने सबसे पहले इस लोकतंत्र विरोधी कदम के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू करने का फैसला किया था। सरदार प्रकाश सिंह बादल ने 9 जुलाई 1975 को शुरू हुए इन रोष प्रदर्शन का नेतृत्व किया था तथा गिरफ्तारी देने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के पहले जत्थे का खुद नेतृत्व किया था।
सुखबीर बादल ने कहा कि ऐसे तानाशाही कदम का विरोध करने में अकाली दल के योगदान को इस तथ्य से देख जा सकता है कि देश में इमरजेंसी के दौरान गिरफतार किए गए 90 हजार व्यक्तियों में से 60 हजार सिर्फ पंजाब से थे। उन्होंने कहा कि अकाली दल इमरजेंसी के खिलाफ लड़ा था तथा सिखों पर हुए सभी अत्याचार चाहे श्री दरबार साहिब पर तोपों तथा टैंको से हमला हो यां 1984 में दिल्ली में सिख कत्लेआम हो, के विरूद्व अपनी लड़ाई जारी रखेगा। यहीं नहीं अकाली दल ने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी तथा विभाजन के बाद देश के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान दिया था। बादल ने कहा कि हम अपने आदर्शों के प्रति वचनबद्व हैं तथा अगले साल पार्टी के 100 साल पूरे होने के जश्नों के अवसर पर दोबारा एक नए जोश तथा उर्जा के साथ खुद को पार्टी के आदर्शों प्रति समर्पित करेंगे।

स्वतंत्रता के बाद पंजाब को तकलीफे सहनी पड़ी


अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि यदि स्वतंत्रता के बाद पंजाब को तकलीफे सहनी पड़ी हैं तो यह सब नेहरू-गांधी परिवार द्वारा पंजाबियों से किए भेदभाव के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब अकेला ऐसा राज्य था, जिसकी अपनी कोई राजधानी नहीं थी। यहां तक कि पंजाबी बोलने वाले इलाकों को राज्य से छीन लिया गया था। इसके दरियाई पानी को अनुचित ढंग़ से दूसरे राज्यों को दिए जाने के कारण पंजाब संकट का सामना कर रहा है।

अकाली दल लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ा : सिरसा


इस मौके पर डीएसजीएमसी के अध्यक्ष सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान अकाली दल लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ा था। हम सभी देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की रक्षा करने के लिए वचनबद्व है। इस अवसर पर डा. दलजीत सिंह चीमा तथा सरदार हरमीत सिंह कालका भी उपस्थित थे।

Tags:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *