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सेक्स की पहल करने में महिलाएं पीछे

वूमेन स्पेशल

सेक्स की पहल करने में महिलाएं पीछे

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नई दिल्ली। महिलाओं की तुलना में पुरुष सेक्स के बारे में ज्यादा सोचते हैं और सेक्स की पहल करने में भी पुरुष महिलाओं से काफी आगे हैं। अब तो शोध में भी यह बात साबित हो चुकी है। 2 अहम फैक्टर्स हैं जो यह डिसाइड करते हैं कि महिला सेक्स की पहल करेगी या नहीं। जब बात सेक्स की आती है तो इसमें कोई शक नहीं कि पुरुष ही ज्यादातर वक्त पहल करने के लिए आगे आते हैं। लेकिन अब तो आंकड़ों के जरिए यह बात साबित भी हो गई है। हालिया शोध की मानें तो महिलाओं की तुलना में पुरुष में सेक्स के लिए पहल करने की प्रवृत्ति तीन गुनी अधिक होती है।

यह शोध लंबे समय के लिए पुरुषों और महिलाओं के यौन संबंध पर आधारित है। शोध के अनुसार लंबी अवधि में लगातार सेक्स करने के मामले में अलग-अलग फैक्टर्स की अहम भूमिका होती है। इवोलुशनरी बिहेवियरल साइंसेज नाम के जर्नल में प्रकाशित इस शोध के अनुसार वे 2 फैक्टर्स जो यह तय करते हैं कि महिलाएं सेक्स की पहल करेंगी या नहीं उसमें कैजुअल सेक्स के प्रति महिला का ऐटिट्यूड और पैशन शामिल है।

वैसे तो यौन संबंधों में कई फैक्टर्स महत्व रखते हैं। जैसे- लोग अपने रिश्ते में कितने खुश हैं, वह अपने साथी के साथ कितना जुड़ाव महसूस करते हैं, वह एक दूसरे से कितना प्यार करते हैं और एक दूसरे पर कितना विश्वास जताते हैं।

सेक्स एक ऐसा विषय है जिसे आज भी हमारे समाज में टैबू समझा जाता है और लोग इसके बारे में खुले तौर पर बात नहीं करना चाहते जबकि इसी के बारे में सबसे ज्यादा सर्च भी किया जाता है। जिन लोगों ने सेक्स को एक्सपीरियंस नहीं किया और उसके बारे में सिर्फ पढ़ा है उनके मन में इससे जुड़ी कई गलत धारणाएं और गलत जानकारियां होती हैं। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं सेक्स से जुड़ी उन 5 बातों के बारे में जो पूरी तरह से गलत है।

ज्यादातर महिलाएं और पुरुषों को यही लगता है कि उनके पीनिस के साइज का सीधा संबंध उनके सेक्शुअल और लवमेकिंग स्किल्स से जुड़ा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बहुत से लोग सेक्स करने से पहले पॉर्न देखते हैं और उसमें मौजूद पॉर्न स्टार के पीनिस साइज को देखकर उनके मन में असुरक्षा का भाव आ जाता है। जबकी हकीकत यह है कि वजाइना के सिर्फ 4 सेंटीमीटर हिस्से में सेंसरी नर्वस होते हैं जिससे उत्तेजना और ऑर्गैज्म फील होता है। लिहाजा सेक्स में बड़ा है तो बेहतर है- ये लॉजिक काम नहीं करता।

बहुत सी महिलाएं इस गलतफहमी में रहती हैं कि अगर उन्हें देखकर उनके पार्टनर को इरेक्शन नहीं हो रहा इसका मतलब वे उन्हें अब पहले की तरह अट्रैक्टिव नहीं मानते। कई बार इरेक्शन न होने की वजह से मेल पार्टनर भी शर्मिंदगी महसूस कर रहे होते हैं। कई बार इरेक्शन न होने की समस्या फिजियोलॉजिकल, साइकोलॉजिकल या बायोलॉजिकल कारणों से भी हो सकती है और इसका दूसरे पार्टनर से कोई संबंध नहीं होता।

बहुत से कपल्स का रिश्ता सिर्फ इस वजह से बिगड़ने लगता है क्योंकि दोनों पार्टनर साथ में ऑर्गैज्म या क्लाइमैक्स फील नहीं करते। बहुत से लोगों को ऐसा लगता है कि अगर इंटरकोर्स के बाद दोनों पार्टनर एक साथ क्लाइमैक्स तक नहीं पहुंचे तो इसका मतलब है कि उनके रिश्ते में कुछ गड़बड़ है। हकीकत यह है कि दोनों पार्टनर का एकसाथ क्लाइमैक्स करना इरॉटिक फिल्मों और नॉवल्स में ही देखने औऱ सुनने को मिलता है। ऐसा रियल लाइफ में बहुत कम होता है क्योंकि ज्यादातर महिलाएं सिर्फ इंटरकोर्स के जरिए ऑर्गैज्म फील नहीं कर पाती हैं।

बहुत से लोगों को यह गलतफहमी रहती है कि ऐल्कॉहॉल कामोत्तेजक के रूप में काम करता है और सेक्शुअल ऐक्ट से पहले इसका सेवन करने से दोनों पार्टनर के मन में मौजूद किसी भी तरह का अवरोध खत्म हो जाता है और लोग खुलकर सेक्स करते हैं। हकीकत यह है कि बहुत ज्यादा ऐल्कॉहॉल के सेवन से मेल सेक्स हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन का उत्पादन घट जाता है जिससे सेक्स के प्रति कामेच्छा घटने लगती है।

बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अगर यह पता चल जाए कि उनका पार्टनर खुद को संतुष्ट करने के लिए मास्टरबेशन और सेक्स टॉय का इस्तेमाल करता है तो वे इमोशनली टूटा हुआ महसूस करने लगते हैं। उन्हें लगता है कि उनके पार्टनर को अब उनकी जरूरत नहीं इसलिए वे ऐशा कर रहे हैं। जबकी हकीकत यही है कि अपने सेक्शुअल एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के लिए किसी भी तरह की तकनीक से एक्सपेरिमेंट करने में चूकना नहीं चाहिए। इससे आप दोनों की सेक्शुअल लाइफ और बेहतर बनेगी।

रिश्ते में जोश और जज्बे की अहम जगह
नॉर्वे की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस ऐंड टेक्नॉलजी (एनटीएनयू) से ट्रोंड विगो ग्रोंटवेड्ट का कहना है, रिश्ते में जोश व जज्बा होना काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उन्होंने कहा कि जज्बा ही सभी फैक्टर में सबसे अहम भूमिका निभाता है। इस स्टडी में 19 से 30 उम्र के ऐसे 92 जोड़े शामिल किए गए थे, जो कि एक महीने से लेकर 9 साल तक एक साथ थे। इन जोड़ों ने एक सप्ताह में औसतन 2-3 बार सेक्स किया। जितना लंबा रिश्ता रहा, इन जोड़ों ने उतना ही कम सेक्स किया।

दूसरों के प्रति इच्छा जज्बे को कम करती है
एनटीएनयू के असोसिएट प्रफेसर मोंस बेनडिक्सन ने कहा कि स्टडी में साबित हुआ कि दूसरों के प्रति इच्छा जज्बे को कम करती है। उन्होंने कहा कि अपने साथी के अपेक्षाकृत दूसरों के साथ सेक्स की अधिक इच्छा भी रिश्ते में जज्बे को कम करती है।

6 दिन 6 बार सेक्स करने की सलाह

दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार चीनी कंपनी अली बाबा के संस्थापक जैक मा ने कंपनी के कर्मचारियों के सामूहिक विवाह के दौरान कर्मचारियों को हफ्ते में 6 दिन 6 बार सेक्स करने की सलाह दी। जैक मा ने कहा, ‘काम के समय मैं 996 (हफ्ते में 6 दिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम) पर जोर देता हूं, और अपने निजी जीवन में 669 (6 दिन 6 बार सेक्स) का पालन करना चाहिए।’ जैक मा के ये कॉन्सेप्ट्स कितने कारगर होते हैं इसका तो पता नहीं लेकिन हम आपको बता रहे हैं हर दिन सेक्स करने के ढेरों फायदों के बारे में।

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